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मोहम्मद शमी लड़ेंगे UP चुनाव! भाई या खुद, कहां फंसा पेंच? जयंत चौधरी से मुलाकात के मायने और अमरोहा का समीकरण

भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी (Mohammed Shami) अब राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। संभावना है कि मोहम्मद शमी, अमरोहा से अपनी राजनीतिक पारी शुरू कर सकते हैं।

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मोहम्मद शमी कर सकते हैं राजनीति में एंट्री (Agency & AI News room Verified)
Curated by: शिशुपाल कुमार
Updated Sep 21, 2026, 13:21 IST
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भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद शमी (Mohammed Shami), क्रिकेट में तहलका मचाने के बाद अब राजनीति में एंट्री की तैयारी कर रहे हैं। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि क्यों उन्होंने हाल ही में रालोद प्रमुख जयंत चौधरी से मुलाकात की है। इस मुलाकात से कुछ महीने पहले शमी, उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मुलाकात कर चुके हैं। मोहम्मद शमी का घरअमरोहा में आता है, उन्होंने अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत यूपी से ही की थी। बाद में पश्चिम बंगाल शिफ्ट कर गए थे। हाल के महीनों में शमी, राष्ट्रीय टीम से दूर हो चुके हैं, उनका चयन कई महीनों से नेशनल टीम में नहीं हुआ है। जिसके बाद अब अटकलें हैं कि वो राजनीति में एंट्री कर सकते हैं। हालांकि, अभी तक न तो मोहम्मद शमी और न ही RLD ने उनके चुनाव लड़ने या पार्टी में शामिल होने की कोई आधिकारिक घोषणा की है।

अमरोहा ही क्यों चर्चा में है?

मोहम्मद शमी का अमरोहा से सीधा जुड़ाव है। वह अमरोहा के सहसपुर अलीनगर के रहने वाले हैं। यही वजह है कि जयंत चौधरी से मुलाकात के बाद जिस सीट का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया, वह अमरोहा सदर विधानसभा सीट है। चर्चाओं के मुताबिक शमी RLD के टिकट पर यहां से चुनाव लड़ सकते हैं।

जयंत चौधरी से मिले मोहम्मद शमी

जयंत चौधरी से मिले मोहम्मद शमी

भाई या खुद, कौन लड़ेगा चुनाव?

कुछ रिपोर्टों में उनके बड़े भाई मोहम्मद हसीब के नाम की भी चर्चा सामने आई है। मोहम्मद हसीब, अमरोहा में ही रहते हैं । यानी फिलहाल तस्वीर इतनी ही साफ है कि मुलाकात हुई है और उसके बाद राजनीतिक अटकलें शुरू हुई हैं, लेकिन उम्मीदवारी को लेकर कोई औपचारिक फैसला सामने नहीं आया है।

अमरोहा सीट का क्या है समीकरण?

अमरोहा सदर विधानसभा सीट पर समाजवादी पार्टी के महबूब अली लंबे समय से प्रभावी रहे हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में महबूब अली ने बीजेपी के राम सिंह को 71,036 वोटों के अंतर से हराया था। उन्हें 1,28,735 वोट मिले, जबकि राम सिंह को 57,699 वोट हासिल हुए थे। यानी उस चुनाव में दोनों के बीच अंतर काफी बड़ा था।

यही राजनीतिक पृष्ठभूमि अमरोहा सीट को मोहम्मद शमी के संभावित चुनावी डेब्यू की चर्चा के लिहाज से अहम बनाती है। अगर भविष्य में RLD और शमी के बीच चुनाव लड़ने को लेकर कोई औपचारिक फैसला होता है, तो समाजवादी पार्टी के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।

सीएम योगी के साथ मोहम्मद शमी (फोटो- CircleofCricket.MDShami)

सीएम योगी के साथ मोहम्मद शमी (फोटो- CircleofCricket.MDShami)

विवादों से रहा है गहरा नाता

मोहम्मद शमी का जीवन खेल की सफलताओं के साथ-साथ कई बड़े व्यक्तिगत और पारिवारिक विवादों से भी घिरा रहा है। इनमें सबसे प्रमुख और चर्चित विवाद उनकी पूर्व पत्नी हसीन जहां के साथ घरेलू हिंसा और उत्पीडन का मामला है। हसीन जहां ने शमी और उनके परिवार पर दहेज उत्पीड़न, शारीरिक-मानसिक प्रताड़ना, मैच फिक्सिंग और गैर-महिला संबंधों जैसे बेहद संगीन आरोप लगाए थे। इन आरोपों के बाद मामला अदालत तक पहुंचा और शमी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट तक जारी हो गया था, हालांकि बाद में उन्हें इसमें राहत मिल गई।

मोहम्मद शमी के एक और भाई हैं, मोहम्मद कैफ, वो भी क्रिकेटर हैं। कैफ पर भी एक महिला ने गंभीर आरोप लगाएं हैं। महिला ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। साथ ही उसी महिला ने शमी के बड़े भाई मोहम्मद हसीब पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।

क्रिकेट के बाद राजनीति की पारी?

मोहम्मद शमी की राजनीतिक चर्चा ऐसे समय में सामने आई है, जब उनका क्रिकेट करियर भी फिटनेस और टीम में जगह को लेकर चर्चा में रहा है। वह 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में भारतीय टीम का हिस्सा थे। इसके बाद वह भारतीय टीम से बाहर रहे हैं और घरेलू क्रिकेट में वापसी की कोशिश करते रहे हैं। ऐसे में शमी के सामने एक तरफ क्रिकेट में वापसी की चुनौती है, तो दूसरी तरफ उनकी जयंत चौधरी से मुलाकात ने राजनीति में संभावित प्रवेश की अटकलों को जन्म दिया है।

राजनीति में कितने क्रिकेटर?

शमी से पहले कई क्रिकेटर क्रिकेट के बाद राजनीति में आए हैं। इनमें नवजोत सिंह सिद्धू, मोहम्मद अजहरुद्दीन, गौतम गंभीर, कीर्ति आज़ाद, चेतन चौहान, मोहम्मद कैफ, मनोज तिवारी, यूसुफ पठान, श्रीसंत, अशोक डिंडा, मंसूर अली खान पटौदी, सचिन तेंदुलकर, विनोद कांबली और अंबाती रायडू प्रमुख हैं। इनमें कुछ सांसद या मंत्री रहे, कुछ ने विधानसभा या लोकसभा चुनाव लड़े और कुछ ने राजनीतिक दलों में शामिल होकर राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई।

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