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पूर्वोत्तर घूमने जरूर जाएं लेकिन इन बातों का रखें ध्यान, सावधान करती है इंदौर के राजा रघुंवशी की हत्या

पुलिस का कहना है कि 22 मई को यह कपल किराए के स्कूटर पर मावलखियात गांव पहुंचा और वहां से नोंग्रियाट गांव में प्रसिद्ध 'लिविंग रूट ब्रिज' देखने के लिए 3000 सीढ़ियां उतरकर गया। वे रात भर एक होमस्टे में ठहरे थे। फिर 23 मई को सुबह वहां से दोनों निकले थे। इसके कुछ घंटों के बाद दोनों लापता हो गए। होमस्टे से निकलने के बाद इन दोनों से कौन लोग मिले, इनके साथ क्या हुआ। यह सब रहस्य है।

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राजा की पत्नी सोनम अभी लापता हैं।

Raja Raghuvanshi Murder Case: इंदौर हनीमून कपल मर्डर केस सुर्खियों में है। इंदौर से हनीमून बनाने मेघायल गए राजा रघुवंशी की लाश मिल गई है लेकिन उनकी पत्नी सोनम अभी भी लापता हैं। इस हत्याकांड ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। बीते 11 मई को ही राजा की शादी सोनम से हुई थी और यह कपल 20 मई हनीमून के लिए मेघालय गया था लेकिन यह किसी को नहीं पता कि शादी की खुशियां इतनी जल्द मातम में बदल जाएंगी। राजा के घर वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। सभी सोनम के लिए परेशान हैं।

राजा के घर में मातमी माहौल

29 वर्षीय ट्रांसपोर्ट कारोबारी का शव जब उनके इंदौर स्थित घर लाया गया, तो शोक में डूबे परिजनों ने विलाप शुरू कर दिया। इस घर में जहां पिछले महीने शादी की रौनक थी, वहां मातमी माहौल पसर गया। रघुवंशी के सहकार नगर स्थित घर के बाहर उनके परिवार ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर विशाल बैनर भी टांग दिया है। इस बैनर पर लिखा है-"केंद्र सरकार और राज्य सरकार से राजा की आत्मा करे पुकार-मैं मरा नहीं, मुझे मारा गया है। सीबीआई से कराई जाए जांच।"

पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की

मेघालय के अधिकारियों के मुताबिक राजा रघुवंशी और उनकी पत्नी सोनम 23 मई को नोंग्रियाट गांव स्थित अतिथि गृह (होम स्टे) से निकलने के कुछ घंटे बाद ही लापता हो गए थे। अधिकारियों ने बताया कि नोंग्रियाट गांव उस जगह से 20 किलोमीटर की दूरी पर है जहां राजा रघुवंशी का शव मिला। उन्होंने बताया कि मेघालय पुलिस ने इस मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है और विशेष जांच दल (एसआईटी) के जरिये तहकीकात शुरू कर दी है।

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होम स्टे से निकलने के बाद क्या हुआ, रहस्य है

पुलिस का कहना है कि 22 मई को यह कपल किराए के स्कूटर पर मावलखियात गांव पहुंचा और वहां से नोंग्रियाट गांव में प्रसिद्ध 'लिविंग रूट ब्रिज' देखने के लिए 3000 सीढ़ियां उतरकर गया। वे रात भर एक होमस्टे में ठहरे थे। फिर 23 मई को सुबह वहां से दोनों निकले थे। इसके कुछ घंटों के बाद दोनों लापता हो गए। होमस्टे से निकलने के बाद इन दोनों से कौन लोग मिले, इनके साथ क्या हुआ। यह सब रहस्य है। एक खाई से राजा की लाश मिली है। राजा के शव का पोस्टमार्टम हुआ है और इस पोस्टमार्टम में चौंकाने वाले बात सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक राजा को तब तक पीटा गया जब तक कि उसकी मौत नही हो गई। शव के पास से दाओ खुखरी जैसा हथियार बरामद हुआ है जिसका इस्तेमाल खासी जनजाति कृषि कार्यों के लिए करती है।

सोनम की तलाश के लिए चलाया जा रहा अभियान

राजा के भाई का कहना है कि उनके भाई के गले से चेन, अंगूठी, पर्स गायब है। यानी लूटपाट के इरादे से उनके भाई की हत्या हुई। शव की शिनाख्त भी उनके हाथ बने टैटू से हुआ। परिवार इस मामले की सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। राजा की लाश बरामद तो हो गई है लेकिन सोनम के बारे में अभी कुछ पता नहीं चल सका है। सोनम की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सोनम की तलाश के लिए सरकार ने एनडीआरएफ को लगा दिया है। तलाश में ड्रोन, पर्वतारोहियों, विशेष पुलिस बल सबकी मदद ली जा रही है।

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पूर्वोत्तर में इन बातों का रखें ध्यान

पूर्वोत्तर बेहद खूबसूरत है। यहां घूमने और हनीमून मनाने के लिए लोगों को भी जाना भी चाहिए लेकिन इस हत्याकांड से कुछ सबक भी लेने होंगे। पूर्वोत्तर कई मायनों में सांस्कृति, भाषाई और व्यावहारिक रूप से उत्तर भारत से अलग है। बाजार, भीड़भाड़ और रिहायशी इलाके तक तो ठीक है लेकिन आप जब शहर, कस्बे से दूर दुर्गम और निर्जन इलाकों में जाने का प्लान करें तो आपके साथ लोकल गाइड जरूर होना चाहिए। ऐसी जगहों पर भाषा सबसे बड़ी समस्या होती है। ऐसी जगहों जिसके बारे में आप कुछ जानते नहीं हैं वहां अकेले या जोड़े में जाने से बचना चाहिए। क्योंकि क्योंकि यहां की छोटी भी समस्या आपके लिए बहुत बड़ी दिक्कत बन सकती है। यहां तक कि आपका व्यवहार, आपका रहन-सहन अजनबी लग सकता है। इस त्रासदपूर्ण घटना के कई सबक हैं जिनसे सीख ली जा सकती है।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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