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बंगाल में बदलाव का पहला महीना, कई बड़े फैसले, ममता की विदाई के बाद क्या-क्या बदल गया?

चाहे BSF को जमीन देना हो, बुलेट ट्रेन से लेकर नमाज और वंदे मातरम तक एक महीने में ही पूर्ववर्ती ममता सरकार का पूरा सिस्टम पलट गया। सुवेंदु सरकार ने1 महीने के भीतर ताबड़तोड़ फैसले लिए हैं।

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बंगाल में बदलाव (AI Image)

West Bengal News: प. बंगाल में ममता बनर्जी सरकार की विदाई के साथ ही माहौल बदला-बदला नजर आने लगा है। बंगाल में बदलाव का पहला महीना साफ नजर आने लगा है। चाहे BSF को जमीन देना हो, बुलेट ट्रेन से लेकर नमाज और वंदे मातरम तक एक महीने में ही पूर्ववर्ती ममता सरकार का पूरा सिस्टम पलट गया। सुवेंदु अधिकारी की सरकार ने एक महीने में ही ताबड़तोड़ फैसले लिए हैं। इस दौरान क्या-क्या बड़े बदलाव नजर आए हैं, जानते हैं।

कई बड़े और निर्णायक कदम उठाए

पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद सरकार ने अपने पहले महीने में ही कई बड़े और निर्णायक कदम उठाए हैं। राज्य की सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को लगभग 32 एकड़ जमीन सौंपने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही, केंद्र ने दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच बुलेट ट्रेन चलाने और वंदे भारत जैसी सुविधाओं के विस्तार के रूप में राज्य को ₹1 लाख करोड़ की रेलवे परियोजनाओं का ऐतिहासिक तोहफा दिया है।

BSF को जमीन

भारत-बांग्लादेश सीमा पर घुसपैठ और तस्करी को रोकने के लिए, पश्चिम बंगाल सरकार ने स्थायी रूप से BSF को करीब 32 एकड़ जमीन हस्तांतरित की है। यह कदम सुरक्षा चौकियों और बाड़ लगाने के लंबित कार्यों को पूरा करने में मदद करेगा।

बुलेट ट्रेन और रेलवे

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने पश्चिम बंगाल के लिए ₹1 लाख करोड़ से अधिक की 61 नई रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसमें दिल्ली से सिलीगुड़ी (उत्तर बंगाल) को जोड़ने वाला एक नया बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रमुख है, जिससे इन दोनों शहरों के बीच का सफर घटकर मात्र ६ घंटे रह जाएगा।

मदरसे में वंदे मातरम

'वंदे मातरम' पर भी अहम फैसला लिया गया है। सांस्कृतिक और प्रशासनिक फैसलों के तहत, राज्य के सभी मदरसों में कक्षाएं शुरू होने से पहले राष्ट्रगान की तर्ज पर 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य कर दिया गया है।

सड़कों पर नमाज नहीं

सड़कों/सार्वजनिक स्थानों पर नमाज के दौरान कानून-व्यवस्था बाधित होने व ट्रैफिक जाम जैसे मुद्दों को लेकर भी प्रशासन द्वारा सख्त दिशा-निर्देश और निगरानी की जा रही है।

केंद्रीय योजनाओं और विकास को हरी झंडी

आयुष्मान भारत: राज्य में केंद्र की आयुष्मान भारत (Ayushman Bharat) योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए आवंटन भी जारी किए गए हैं।

पीएम योजनाएं: इसके अलावा पिछली सरकार द्वारा रोकी गई पीएम विश्वकर्मा योजना और पीएम श्री उज्ज्वला योजना को भी राज्य में लागू किया जा रहा है।

जनगणना: राज्य में जनगणना (Census) का काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी नौकरी में उम्र सीमा: सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है (अब इसे 45 वर्ष तक बढ़ाया गया है)।

धार्मिक आधार पर फंडिंग बंद: राज्य कैबिनेट ने धार्मिक आधार पर समूहों को दी जाने वाली सरकारी सहायता को बंद करने का फैसला किया है।

महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता: 'अन्नपूर्णा भंडार' प्रोजेक्ट के तहत महिलाओं को हर महीने ₹3000 और बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जा रही है।

स्कूलों में राष्ट्रगान: पश्चिम बंगाल के सभी स्कूलों में राष्ट्रगान और वंदे मातरम अनिवार्य कर दिया गया है।

घुसपैठियों पर एक्शन: अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान कर उन्हें राज्य से बाहर निकालने का अभियान तेज किया गया है, जिसके तहत लगभग 4800 अवैध प्रवासियों को वापस भेजा जा चुका है।

कानून व्यवस्था के मोर्चे पर भी सरकार सख्त

इसके अलावा कानून व्यवस्था के मोर्चे पर भी सरकार का सख्त रुख नजर आ रहा है। फाल्टा के दबंग नेता जहांगीर खान को एसआईटी ने 8 जून को गिरफ्तार किया। उस पर अवैध वसूली के कई0 आरोप हैं। इसके अलावा अन्य आरोपी नेताओं की गिरफ्तारी का सिलसिला भी जारी है। कुल मिलाकर बंगाल में बदलाव की बयार पूरे जोरों से चल रही है और टीएमसी सरकार की विदाई के साथ ही सीएम सुवेंदु ताबड़तोड़ फैसले ले रहे हैं। न सिर्फ फैसलों में बदलाव दिख रहा है, बल्कि सुवेंदु अधिकारी सरकार आने के बाद टीएमसी में भी बड़ी दरार आ गई है। 58 विधायकों वाला टीएमसी का एक बड़ा गुट अलग हो गया है और इसे विधानसभा में अलग मान्यता भी मिल गई है। ऋतुब्रत बनर्जी इस गुट के नेता चुने गए हैं। ठीक इसी तरह की टूट दिल्ली में भी दिख रही है, जहां बागी सांसद अलग गुट बनाने जा रहे हैं।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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