Mahabharat: स्क्रू से कसे गए थे भीष्‍म पितामह के शरीर में बाण, बाणों की शैया को घर ले गए थे मुकेश खन्ना

Mahabharat Facts: महाभारत में भीष्म पितामह बाणों की शैया पर लेटे हुए हैं। भीष्म पितामह का किरदार निभाने वाले मुकेश खन्ना ने अब बताया कि किस तरह से ये सीन शूट किया गया था।

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मुख्य बातें

  • महाभारत में भीष्म पितामह बाणों की शैया पर लेटे हुए हैं।
  • मुकेश खन्ना ने बताया कि किस तरह बाण उनके शरीर के आर-पार हुए थे।
  • महाभारत के बाद मुकेश खन्ना बाणों की शैया को अपने घर ले गए थे।

मुंबई. दूरदर्शन पर दोबारा टेलिकास्ट हो रहे शो महाभारत में इन दिनों कौरवों और पांडवों के बीच भीषण युद्ध चल रहा है। वहीं, पितामह भीष्म युद्ध के 10वें दिन बाणों की शैया पर लेट गए हैं। भीष्म का रोल निभाने वाले एक्टर मुकेश खन्ना ने खुलासा किया है कि ये सीन किस तरह शूट हुआ। 

मुकेश खन्ना ने अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो अपलोड किया है। मुकेश खन्ना ने बताया- 'हर एक बाण मुझ पर तार द्वारा छोड़ा गया। हर  एक को मैंने पकड़ा। आगे आधा, पीछे आधा बाण मेरे ड्रेस के नीचे पहने जिरह बख़्तर पर स्क्रू किया गया। फिर दिन भर बाण चलते रहे, चलते रहे।'

 
मुकेश खन्ना ने बताया कि- 'हमने एक-एक तीर का शॉट लिया था। मुझे हर बार रिएक्शन देना होता था जैसे सच में मुझे तीर लगा है। उस दौरान स्पेशल इफेक्ट्स नहीं होते थे। ऐसे में इस सीन को करने में काफी वक्त लगा था। 

गर्दन पर पड़ गया था निशान  
मुकेश खन्ना ने बताया कि- 'मेरी शूटिंग रात के 11 बजे के बाद होती थी, जो सुबह चार बजे तक चलती थी। मैं कभी बाणों की शैया पर तीन-तीन घंटे तक लेटा करता था। जब तक कोई इमरजेंसी न हो तो नहीं उठता था। मैं आकाश पर तारों को देखा करता था।'

बकौल मुकेश खन्ना-'बाणों की शैया पर लेटते हुए मेरे सिर पर कोई सिरहाना नहीं था। दो तीर के सहारे मैं लेटा करता था। बहुत वक्त तक शूटिंग करने के कारण मेरी गर्दन पर निशान पड़ गया था। हालांकि, बाद में ये ठीक हो गया था।'

बाणों की शैया को घर ले गए थे मुकेश खन्ना
मुकेश खन्ना ने बताया कि महाभारत खत्म होने के बाद वह बाणों की शैया को अपने घर ले गए थे। मुकेश खन्ना ने बताया कि उन्होंने डायरेक्टर रवि चोपड़ा से कहा कि- 'क्या मैं इस बाणों की शैया को घर ले जा सकता हूं?

मुकेश खन्ना बताते हैं कि डायरेक्टर रवि चोपड़ा ने मुझसे कहा- 'ये तेरी ही तो है। 27 साल तक मैंने उस बाणों की शैया को फैक्ट्री में संभालकर रखा। इसके बाद इसे मैं अपने ऑफिस में इसे ले आया करता।'    

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