Anupam Shyam in ICU: Pratigya एक्टर अनुपम श्याम हॉस्पिटल में भर्ती, आर्थिक मदद के लिए आगे आया ये बॉलीवुड एक्टर

Anupam Shyam Amitted in ICU: अनुपम श्याम के छोटे भाई मांग रहे मदद। बोले- इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। जो कमाया था पहले ही दवा में खर्च हो चुका है हमें पैसों की जरूरत है...

Pratigya actor Anupam Shyam admitted in ICU And Need Financial help,
अभिनेता अनुपम श्याम।  |  तस्वीर साभार: Instagram

मुख्य बातें

  • अनुपम श्याम को गोरेगांव के लाइफलाइन अस्पताल में एडमिट कराया गया है।
  • अभिनेता अनुपम पिछले 6 महीने से किडनी की समस्या से भी पीड़ित हैं।
  • अनुपम के बाद में जानने के बाद बॉलीवुड अभिनेता मनोज वाजपेयी ने मदद का हाथ बढ़ाया है।

फेमस टेलीविजन और बॉलीवुड अभिनेता अनुपम श्याम अस्पताल में भर्ती हैं। अपनी कई नकारात्मक भूमिकाएं से दर्शकों का दिल जीत लेने वाले अनुपम श्याम को गोरेगांव के लाइफलाइन अस्पताल में एडमिट कराया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रसिद्धि अभिनेता कल रात गिर गए और वो पिछले 6 महीने से किडनी की समस्या से भी पीड़ित हैं। ऐसे में अनुपम श्याम को जल्द से जल्द अस्पताल ले जाकर एडमिट कराया गया है। अनुपम श्याम फिलहाल आईसीयू में भर्ती हैं और उनकी हालत काफी नाजुक बताई जा रही है।

इतना नहीं सामने आई जानकारी के मुताबिक अभिनेता अनुपम श्याम के लिए सोनू सूद और आमिर खान से वाट्सऐप के जरिए मदद मांगी जा रही है। दरअसल अनुपम श्याम के पास अब किडनी ट्रीटमेंट कराने के लिए पैसे खत्म हो चुके हैं। ऐसे में अनुपम श्याम की मदद के लिए छोटे भाई अनुराग श्याम आर्थिक मदद की अपील कर रहे हैं।   

टीवी शो प्रतिज्ञा (2009) में ठाकुर सज्जन सिंह की भूमिका निभाने वाले अनुपम श्याम की स्थिति के बार में जानने के बाद बॉलीवुड अभिनेता मनोज वाजपेयी ने मदद का हाथ बढ़ाया है। मनोज वाजपेयी ने ट्विटर यूजर के ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा, 'कृपया मुझे फोन करें।' 


लंबे टाइम से बीमार हैं अनुपम श्याम
अनुपम श्याम के भाई अनुराग ने बताया, 'वह पिछले 6 महीनों से अस्वस्थ हैं। उनके किडनी में इनफेक्शन हो गया है, जिसके कारण पहले हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया था। डेढ़ महीने तक इलाज चला और उस समय उनका स्वास्थ्य ठीक हो गया था। लेकिन उन्हें समय-समय पर डायलिसिस कराना था। हमने आयुर्वेदिक उपचार का फैसला किया क्योंकि डायलिसिस में बहुत खर्चा होता है। लेकिन इससे कोई फायदा नहीं हुआ। डायलिसिस नहीं करने के कारण उन्हें सांस लेने में दिक्कत आने लगी और चेस्ट में पानी से भर गया। वापस डायलिसिस शुरू कराया तो इससे राहत मिलने लगी। मालाड अस्पताल में उनका डायलिसिस चला रहा था लेकिन कल वो इसके बाद ही वहीं गिर गए। हमें किसी अन्य अस्पताल में ले जाने का सुझाव मिला, जिसमें आईसीयू हो। इसलिए मैंने उन्हें इस अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन यह बहुत महंगा है। हमारे पास उनके इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। जो कुछ भी कमाया था पहले ही दवा में खर्च हो चुका है। हमें वास्तव में पैसे की जरूरत है। मैं आप सभी से निवेदन करता हूं इसका प्रसार करें ताकि कोई मदद कर सके।'

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