जानें क्यों रात को हॉस्टल से भाग जाते थे अमिताभ बच्चन, KBC-11 में खुले बिग बी के ये 6 राज

अमिताभ बच्चन केबीसी-11 में अपनी जिंदगी से जुड़े कई राज पर से पर्दा उठा चुके हैं। आइए एक नजर डालते हैं अमिताभ बच्चन के उन 6 सीक्रेट्स पर, जो उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति में बताए...

Amitabh bachchan KBC 11 Host Bunk Hostel To watch Movies In night Secrets reveals in Kaun Banega Crorepati
अमिताभ बच्चन  |  तस्वीर साभार: Instagram

मुख्य बातें

  • कौन बनेगा करोड़पति-11 दर्शकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
  • अमिताभ बच्चन ने केबीसी-11 में अपनी जिंदगी से जुड़े कई राज खोले हैं।
  • अमिताभ ने ऐसे भी सीक्रेट्स इस शो में बताए हैं जिन्हें पहले कोई नहीं जानता था।

अमिताभ बच्चन का शो कौन बनेगा करोड़पति-11 दर्शकों में खूब पसंद किया जा रहा है। शो लगातार टीआरपी लिस्ट में भी बढ़त बना रहा है। यही नहीं कौन बनेगा करोड़पति नॉन फिक्शन शोज में नंबर वन प्रोग्राम भी साबित हो चुका है। वैसे केबीसी-11 में दर्शकों के साथ अमिताभ बच्चन खूब मनोरंजन तो करते ही हैं साथ ही अपने कई सीक्रेट्स भी बताते हैं। हाल ही में अमिताभ बच्चन ने कौन बनेगा करोड़पति में बताया कि वो अपने कॉलेज के दिनों में रात में हॉस्टल से भाग जाया करते थे। 
अमिताभ बच्चन कहते हैं, 'हमारा कमरा हॉस्टल की दीवार के बिल्कुल करीब था। तो हम खिड़की से निकलकर हॉस्टल की दीवार फांद जाया करते थे। रात को हम दोस्तों के साथ घूमते हुए खाते पीते और पिक्चर देखते थे। उस दौरान पैसे नहीं होते थे तो कमला मार्केट के थिएटर में जाकर वहां गार्ड से रिस्वेक्ट करते थे। फिर कहीं साइड में खड़े होकर या नीचे बैठकर हमें फिल्म देखने का मौका मिल जाया करता था।' वैसे ये पहली बार नहीं है जब अमिताभ बच्चन ने अपने से जुड़ा ये अनसुना किस्सा सुनाया है। इससे पहले भी अमिताभ केबीसी-11 में अपनी जिंदगी से जुड़े कई राज पर से पर्दा उठा चुके हैं। आइए एक नजर डालते हैं अमिताभ बच्चन के उन 5 और सीक्रेट्स पर, जो उन्होंने कौन बनेगा करोड़पति में बताए। 

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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अमिताभ बच्चन ने बताया था कि अपने कॉलेज के दिनों में वो दिल्ली में तीन मूर्ति के पास रहते थे और कॉलेज जाने के लिए एक बस लेते थे। ये बस संसद और कनॉटप्लेस (सीपी) के पास से होकर जाती थी और इसके बाद उनके यूनिवर्सिटी छोड़ती थी। अमिताभ बच्चन ने बताया था, 'इस रूट के दौरान, खासतौर पर सीपी से आईपी कॉलेज, मिरांडा हाउस जाने वाली खूबसूरत लड़कियां कॉलेज जाने के लिए बस लेती थीं। तो हम बस के इस स्टॉप पर रुकने और उसमें खूबसूरत लड़कियों के चढ़ने का बेसब्री से इंतजार करते थे।' 

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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अमिताभ ने केबीसी में अपने बचपन के संघर्ष भरे दिनों के बारे में भी बात की थी। बिग बी के पिता तीन महीने में एक बार उन्हें पैसे भेजा करते थे और वो इसमें से बहुत ज्यादा खर्च नहीं करते थे। उन्होंने बताया था कि स्कूल के दिनों में वो क्रिकेट क्लब का हिस्सा नहीं बन पाए थे क्योंकि उनकी मां के पास 2 रुपये नहीं थे। तब बचपन में उन्हें सिर्फ 2 रुपये ही पॉकेट मनी मिलती थी जिसे वो बड़े संभालकर खर्च करते थे। 

अमिताभ बच्चन आज भले ही अपनी सब आर्थिक इच्छाएं पूरी कर सकते हैं लेकिन एक वक्त ऐसा भी था जब बचपन में उनके लिए जूते खरीदना मुश्किल होता था। पैसों की कमी के कारण उन्हें नए जूते बड़ी मुश्किल से मिलते थे। लेकिन जब कभी उन्हें नए जूते मिल जाते थे वो उन्हें तकिये के नीचे रखकर सोते थे।

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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अमिताभ बच्चन ने कौन बनेगा करोड़पति में अपनी बीमारी के बारे में भी बात की थी और उन्होंने बताया था कि किस तरह उन्हें ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) के बारे करीब 4-5 साल बाद पता चला था। अमिताभ टीबी और हेपाटाइटिस बी जैसी बीमारियों से पीड़ित रह चुके हैं। केबीसी के पहले सीजन के दौरान उन्हें कमर में दर्द शुरू हुआ। अमिताभ ने बताया था, 'पहले साल जब मैंने केबीसी शुरू किया, उस दिन मुझे टीबी डिटेक्ट हुआ, स्पाइनल (रीढ़ की हड्डी) टीबी। पता ही नहीं था और 3-4 साल तक वो दर्द मैं सहता रहा और मैं सोचता था कि वो इस कुर्सी की वजह से हो रहा है लेकिन वो टीबी था। और इसका पता 4-5 साल बाद हुआ। उसके बाद मैंने इलाज किया और ठीक हो गया।'

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 

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अमिताभ बच्चन ने केबीसी में खुलासा किया था कि वो वहीदा रहमान को अपना आइडल मानते हैं। अमिताभ ने साल 1971 का एक किस्सा शेयर किया था जब वो फिल्म रेशमा और शेरा की शूटिंग कर रहे थे। उन्होंने ने बताया था, 'पहली बार मुझे उनके साथ फिल्म रेशमा और शेरा में काम करने का मौका मिला। शूटिंग के दौरान एक सीन के लिए सुनील दत्त और वहीदा जी को उस रेत में नंगे पांव बैठना था, जिसमें ज्यादा तापमान के चलते जूतों के साथ खड़ा होना भी नामुमकिन था। ऐसे में जैसे ही डायरेक्टर ने ब्रेक कहा तो मैं बिना समय बर्बाद किए वहीदा जी की जूतियां उठाकर उनकी तरफ भागा। मैं बयां नहीं कर सकता कि वो पल मेरे लिए कितना स्पेशल है।' 

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