Main Atal Hoon Review: मास नहीं क्लास को अपील करती है पंकज त्रिपाठी के अच्छे अभिनय वाली मैं अटल हूं

Main Atal Hoon Review in Hindi: भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन पर बनी फिल्म मैं अटल हूं रिलीज हो गई है। इस फिल्म में पंकज त्रिपाठी ने अटल बिहारी की भूमिका निभाई है। आप टाइम्स नाउ नवभारत का यह रिव्यू पढ़िए और जानिए कैसी है फिल्म।

Shashank PandeyAuthored by: Shashank PandeyUpdated Jan 19 2024, 13:17 IST

क्रिटिक्स रेटिंग
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2.5

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Main Atal Hoon Review in Hindi: कहते हैं कि जीवन में प्यार करना चाहिए। कुछ कहते हैं कि प्यार किया तो दिल भी तुड़वाना चाहिए, बहुत कुछ इससे सीखने को मिलता है। कई लोगों के लिए प्रेम में आदर्श लैला मजनू, हीर राझां और अमृता-इमरोज हो सकते हैं। एक और व्यक्ति था जिसने अपने कॉलेज के दिनों में प्रेम किया था, बेइंतहां प्रेम। उसके बारे में कुछ ही लोग जानते हैं, जो उनको पढ़ चुके हैं या उनसे परिचित हैं तो जानते होंगे। नई पीढ़ी या कहूं तो 90 के दशक के बाद की पीढ़ी को नहीं पता होगा। हालांकि लोग उनको कई और रूप में जानते हैं। उनका नाम अटल बिहारी वाजपेयी है। अगर आप अटल और राजकुमारी की प्रेम कहानी जानेंगे तो वह भी आपके आदर्श बन जाएंगे।

अटला से अटल बनने की कहानी

भारत के ग्वालियर में 25 दिसंबर कृष्ण बिहारी वाजपेयी के यहां एक बालक पैदा होता है। घर वाले बड़े ही प्यार से उसका नाम अटल बिहारी वाजपेयी रखते हैं। अटल के पिता कृष्ण एक स्कूल शिक्षक थे, वह अपने बेटे को भी बेहतरीन शिक्षा देते। अटल को उसके घरवाले अटला कहकर भी बुलाते हैं। बेटा जब पहली बार मंच पर कविता पाठ करने गया और बोल नहीं पाया तो पिता ने एक अच्छी सीख दी। वह सिखाते हैं कि तुम जब मंच से बोलो तो लोगों की आंखों में आंखें डालकर बात करो। कॉलेज में ही अटल दहेज प्रथा, जात-पात और समानता पर बात करते हैं। यहां उनकी बातें देख राजकुमारी नाम की लड़की इंप्रेस भी होती है। अटल लॉ पढ़ने जाते हैं तो उनके साथ पिता भी पहुंच जाते हैं। वह कहते हैं कि पिता और पुत्र के बीच दोस्ती होनी चाहिए। अटल का बचपन से रुझान संघ की तरफ रहता है। पिता के साथ पढ़ाई के दौरान ही वह उनसे अनुमति लेकर हमेशा के लिए देश सेवा करने निकल जाते हैं। एक पत्रिका के संपादक बनते हैं, जनसंघ का गठन करते हैं। इमरजेंसी के वक्त जेल जाते हैं और बलरामपुर से जीत कर संसद पहुंचते हैं। राजनीति की साजिशों और उनसे पार पाते हुए वह भारत के 10वें प्रधानमंत्री की कुर्सी में बैठते हैं।