Sanchari Vijay: नेशनल अवॉर्ड पाने वाले 38 साल के एक्टर संचारी विजय का निधन, फैमिली ने किया अंग दान का फैसला

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jun 14, 2021, 04:02 PM IST

Sanchari Vijay Death And tragic bike accident: शनिवार को संचारी विजय के बाइक एक्सीडेंट की खबर आई थी और उनको बेंगलुरु के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां एक्टर की इमरजेंसी सर्जरी हुई....

Sanchari Vijay: नेशनल अवॉर्ड पाने वाले 38 साल के एक्टर संचारी विजय का निधन, फैमिली ने किया अंग दान का फैसला

किच्चा सुदीप ने अपने फैन्स के साथ हाल ही में दुर्भाग्यपूर्ण खबर शेयर की है। साउथ स्टार किच्चा सुदीप ने ट्विटर पर बताया कि एक दुखद बाइक एक्सीडेंट के बाद फेमस कन्नड़ अभिनेता संचारी विजय का निधन हो गया है। अभिनेता 38 साल के थे। 

शनिवार को उनके एक्सीडेंट की खबर आई थी। संचारी विजय को बेंगलुरु में अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उन्हें इमरजेंसी सर्जरी करानी पड़ी थी। दुर्भाग्य से आज अभिनेता संचारी विजय का निधन हो गया है।

साउथ स्टार किच्चा सुदीप  ने अपने ट्विटर अकाउंट पर इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, 'यह स्वीकार करना बहुत ही निराशाजनक दुखद है कि संचारी विजय का निधन हो गया है। इस लॉकडाउन में उनसे दो बार मुलाकात हुई। उनकी अगली फिल्म के लिए उत्साहित थे जो जल्दी आने वाली है। बहुत दुखद हुआ, उनके परिवार और दोस्तों के प्रति गहरी संवेदना। RIP।'

संचारी विजय नेशनल फिल्म पुरस्कार से हो चुके सम्मानित
संचारी विजय मुख्य रूप से कन्नड़ सिनेमा में काम करते थे। लेकिन उन्होंने तमिल, तेलुगु और हिंदी सिनेमा में भी काम किया था। एक थिएटर कलाकार के रूप में शुरुआत करने वाले संचारी विजय देखते ही देखते पॉपुलर स्टार बन गए थे। 2015 में नानू अवनाला अवलु में उनकी एक्टिंग ने संचारी विजय को कन्नड़ सिनेमा का उभरता सितारा बना दिया और उन्हें उसी के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया। संचारी विजय को आखिरी बार 2020 में कन्नड़ फिल्म एक्ट 1978 में देखा गया था। पोस्ट-प्रोडक्शन चरण में उनकी दो फिल्में और कतार में हैं। 

संचारी विजय के भाई सिद्धेश कुमार ने बताया, 'डॉक्टरों ने हमें बताया कि उनका ब्रेन स्टेम फेल हो गया है और पुनर्जीवित होने की संभावनाएं बहुत कम हैं। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि उन्होंने हमेशा समाज की बेहतरी के लिए काम किया था। उन्होंने यहां तक ​​कि कोविड -19 महामारी के दौरान राहत के लिए भी काम किया। इसलिए, हमने उनके अंग दान करने का फैसला किया है। हमें विश्वास है कि इससे उन्हें शांति मिलेगी। वह मृत्यु में भी समाज की मदद करना जारी रखेंगे। सभी को धन्यवाद, जिन्होंने उसकी मदद करने की पूरी कोशिश की।'

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