Arthaat Review: श्रीमद्भागवत गीता के सहारे जिंदगी को राह दिखाती है 'अर्थात'

Arthaat movie Review: बॉलीवुड के दिग्‍गज एक्‍टर मनोज जोशी की शॉर्ट फ‍िल्‍म 'अर्थात' इन दिनों चर्चा में हैं। इस फ‍िल्‍म में श्रीमद्भगवत गीता के जरिए जिंदगी की राह दिखाई गई है।

Arthaat movie
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Arthaat movie Review: कोरोना महामारी से देश जूझ रहा है। ऐसे में सिनेमाघरों में बंदी है। सिनेमाप्रेमी ओटीटी प्‍लेटफॉर्म या यूट्यूब पर अच्‍छे कंटेट की फ‍िल्‍मों की तलाश कर रहे हैं। इन सबसके बीच बॉलीवुड के दिग्‍गज एक्‍टर मनोज जोशी की शॉर्ट फ‍िल्‍म 'अर्थात' इन दिनों चर्चा में हैं। हाल ही में रिलीज हुई ये शॉर्ट फ‍िल्‍म वैसे तो कोरोना काल पर नहीं है और न ही कोरोना पर बनी है, लेकिन कोरोना संकट में एक महत्‍वपूर्ण संदेश के जरिए संबल देने का काम करती है। इस फ‍िल्‍म में श्रीमद्भगवत गीता के जरिए जिंदगी की राह दिखाई गई है। इस फ‍िल्‍म में बताया गया है कि कैसे जिंदगी की हर समस्‍या का समाधान प्रसिद्ध ग्रंथ श्रीमद्भगवत गीता में मिलता है। 

फ‍िल्‍म की शुरुआत एक अस्‍पताल के दृश्‍य से होती है जहां एक बेटी (राशि) अपनी मां के ऑपरेशन को लेकर परेशान होती है। वह बेचैन इधर उधर घूम रही होती है तभी वेटिंग एरिया में सोफे पर बैठती है और कुछ मैगजीन पढ़ने की कोशिश करती है। मैगजीन में मन नहीं लगता तो वह फोन में लग जाती है। तभी उसकी नजर सामने बैठे एक शख्‍स (मनोज जोशी) पर पड़ती है। वह श्रीमद्भगवत गीता पढ़ रहे होते हैं। 

राशि, उनसे पूछती है कि आप क्‍या पढ़ रहे हैं और जब उसे पता चलता है कि वह गीता अध्‍ययन कर रहे हैं तो वह उपहास करती है। इसके बाद मनोज जोशी राशि को एक कहानी के जरिए गीता की महिमा समझाते हैं। वह कहते हैं कि तुम जिस परेशानी में हो, उसका हल गीता के किसी भी पन्‍ने पर तुम्‍हें मिलेगा। मनोज अपनी पत्‍नी का इलाज कराने अस्‍पताल में आए और उनकी पत्‍नी का निधन हो जाता है। जबकि राशि को पूजा से नफरत है क्‍योंकि उसकी मां बहुत पूजा करती थी, उसके पिता की तरक्‍की मांगती थी लेकिन पिता तरक्‍की पाते ही सबको भूल गए और विदेश चले गए।  

उसकी मां पिता के गम में बीमार हो गई। राशि मेज पर रखी गीता उठाती है और उसे आगे की जिंदगी जीने का रास्‍ता मिल जाता है। इसके बाद कहानी दो साल आगे जाती है। दर्शक देखते हैं कि कैसे राशि मनोज जोशी और अपनी मां की शादी कराती है और तीनों एक खुशहाल जिंदगी जीते हैं। इसमें मां के जीवन-मृत्यु संघर्ष के बीच उलझी बेटी की कहानी है, जहां आस्तिक और नास्तिक के बीच एक वैचारिक जंग भी हैं। 

एफएनपी मीडिया और नरेंद्र मोहन फिल्म्स ने इस शॉर्ट फ‍िल्‍म को बनाया है। अभिनेता मनोज जोशी और रिदम सनाढ्य मुख्य भूमिका में है। दोनों का अभिनय कमाल का है। अर्थात भागवत प्रसाद द्वारा निर्देशित और विकास गुटगुटिया द्वारा निर्मित फिल्म है। फिल्म में प्रवीणा देशपांडे और आलोक ने भी प्रभावी भूमिका निभाई है। यूट्यूब पर यह फ‍िल्‍म 23 अप्रैल को रिलीज हो गई है।

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