Tapas Pal Death: 36 साल पहले माधुरी के साथ बॉलीवुड डेब्यू करने वाले एक्टर का निधन, जेल में काटे थे 13 महीने

Tapas Pal Death: बंगाली एक्टर तपस पाल, माधुरी दीक्षित के पहले हीरो थे। टीएमसी सांसद रह चुके तपस की 61 वर्ष की उम्र में मौत हो गई। जानें उनके कुछ फैक्ट्स....

Madhuri Dixit co actor Tapas Pal passes away
Madhuri Dixit co actor Tapas Pal passes away 

मुख्य बातें

  • माधुरी दीक्षित के पहले हीरो थे तपस पाल
  • कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई मौत
  • टीएमसी सांसद रह चुके हैं तपस पाल

बॉलीवुड की धक धक गर्ल माधुरी दीक्षित ने फिल्म अबोध से फिल्मी दुनिया में कदम रखा था। इस फिल्म में उनके साथ नामी बंगाली एक्टर तपस पाल ने बॉलीवुड डेब्यू किया था। तपस अभिनेता के बाद नेता बने और राजनीति में नाम कमाया। मंगलवार की सुबह तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद रह चुके तपस का 61 साल की उम्र में निधन हो गया।

मंगलवार को कार्डियक अरेस्ट के चलते तपस पाल का निधन हुआ। वे अपनी बेटी से मिलने मुंबई गए थे। कहा जा रहा है कि जब वे कोलकाता जाने के लिए मुंबई एयरपोर्ट पहुंचे तो वहां अचानक उनके सीने में दर्द होने लगा। दर्द की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्होंने तड़के करीब 4 बजे दम तोड़ दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें पिछले 2 साल से दिल से जुड़ी समस्या थी।

अभिनेता के रूप में भी कमाया नाम
तपस पाल ने राजनीति में कदम रखने से पहले अभिनेता के रूप में भी नाम कमाया। वे बंगाली फिल्मों के जाने-माने एक्टर थे। उन्होंने डेब्यू बंगाली फिल्म दादर कीर्ति से लोकप्रियता मिली। इसके बाद उन्होंने साहेब, भलोबासा भलोबासा, अमर बंधन जैसी कई फिल्में की। साहेब फिल्म में निभाए किरदार के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड से नवाजा गया था।

माधुरी के साथ बॉलीवुड में की एंट्री
तापस पाल ने बंगाली फिल्मों के बाद बॉलीवुड में एंट्री की। वे माधुरी के साथ फिल्म अबोध में नजर आए। ये दोनों की ही डेब्यू फिल्म थी। इसके बाद उन्होंने कुछ और हिंदी फिल्मों में भी काम किया था।

राजनीति करियर 
तपस पाल ने टीएमसी के टिकट पर कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र से 2014 में आम चुनाव जीता था। वे 2001 से 2009 तक अलीपुर से टीएमसी के विधायक रहे। इसके बाद 2009 से 2019 तक कृष्णानगर के सांसद थे। 

जेल भी जा चुके हैं तपस पाल
तपस पाल को जेल भी हो चुकी है। दिसंबर 2016 में रोज वैली चिट फंड घोटाले में कथित लिंक के लिए सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया था। उन्हें 13 महीने बाद जमानत मिली थी। 2014 में पाल को कैमरे पर सीपीएम के कार्यकर्ताओं को मारने की धमकी देते हुए पकड़ा गया था।

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