Locust Attack:10वीं क्लास में धर्मेंद्र झेल चुके हैं टिड्डी दल का हमला, शेयर किया छत का Video

Locust Attack: धर्मेंद्र सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। अब उन्होंने एक वीडियो शेयर किया है। इसमें उनकी छत में टिड्डी दल नजर आ रहा है। धर्मेंद्र ने बताया कि वह 10वीं क्लास में टिड्डी दल का हमला झेल चुके हैं।

Dharmendra
Dharmendra 

मुख्य बातें

  • देश के कई राज्यों में टिड्डी दलों का प्रकोप है।
  • धर्मेंद्र ने भी सोशल मीडिया पर टिड्डी दल से सावधान किया है।
  • धर्मेंद्र ने बताया कि वह 10वीं में थे तब उन्होंने इसका सामना किया था।

मुंबई. भारत के कई राज्य इस वक्त टिड्डी दल के प्रकोप से जूझ रहे हैं।  राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के किसान परेशान हैं। वहीं, दिल्ली एनसीआर और यूपी के कुछ जिलों में इसका खतरा बरकरार है। अब बॉलीवुड एक्टर धर्मेंद्र ने बताया कि वह टिड्डी दल को झेल चुके हैं। 

धर्मेंद्र इन दिनों अपने फार्म हाउस में हैं। वह सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। धर्मेंद्र के नए वीडियो में टिड्डियों का झुंड छत पर दिखाई दे रहा है। धर्मेंद्र ने वीडियो में लिखा- 'सावधान रहे।'  

धर्मेंद्र अपने ट्वीट में आगे लिखते हैं-'हम इससे पहले भी इससे जूझ चुके हैं,  मैं जब 10वीं कक्षा में पढ़ता था। इन्हें मारने के लिए सभी स्टूडेंट्स को बुलाया गया था। ऐसे में कृपया आप सभी लोग अपनी तरफ से सतर्क रहें।'

          

खेत में उगाई सब्जियां 
धर्मेंद्र ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। इस वीडियो में वह खेत में सब्जी उगाते हुए नजर आ रहे थे। वह कह रहे हैं कि- 'दोस्तों ब्रोकली भी होने लगी है, साइज देखो, क्या साइज है। मैं रोज देखता हूं कि कितनी सब्जी उग गई है। बैंगन, टमाटर सबको स्केल (तराजू) पर तौलता हूं।'

वीडियो में धर्मेंद्र आगे कहते हैं- ' जितनी ज्यादा सब्जी उगा सकूं, उतनी ज्यादा खुशी होती है। अभी कोरोना ने बंद कर दिया है यहां। तो इनमें ही लगा रहता हूं। लव यू। आप सभी लोग खुश रहो, टेक केयर।'      

 

इन राज्यों में सबसे ज्यादा प्रकोप
राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र में अब तक टिड्डी दलों का सबसे ज्यादा प्रकोप देखने को मिला है। आशंका जताई जा रही है कि ये दल आने वाले दिनों में यूपी के कुछ जिलों और दिल्ली की तरफ बढ़ सकते हैं। 

कई जगहों पर फसलों एवं सब्जियों पर कीटनाशकों का छिड़काव किया गया है। कृषि विभाग ने फसलों को बचाने के लिए किसानों से कहा है कि वे खेत के आस-पास घास-फूस जलाकर धुआं पैदा करें जिससे कि टिड्डियों का समूह खेत में न बैठ सके। 

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