Jagdeep Death: अमिताभ बच्चन ने दी 'सूरमा भोपाली' जगदीप को श्रद्धांजलि, लिखा- 'हमने एक नगीना खो दिया'

Amitabh Bachchan On Jagdeep: सूरमा भोपाली उर्फ जगदीप के निधन के बाद उन्हें अमिताभ बच्चन ने खास अंदाज में श्रद्धांजलि दी है। बिग बी ने ब्लॉग लिखकर बताया कि कैसे जगदीप ने हंसी और खुशियां घोल दी थी।

Jagdeep Amitabh Bachchan
Jagdeep, Amitabh Bachchan 

मुख्य बातें

  • जगदीप के निधन के बाद अब अमिताभ बच्चन ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
  • अमिताभ बच्चन ने लिखा- फिल्म इंडस्ट्री ने एक नगीना खो दिया है।
  • अमिताभ बच्चन ने कहा- 'उन्होंने देश में अनेकता के बीच एकता का प्रदर्शन किया था।'

मुंबई. शोले के सूरमा भोपाली यानी कॉमेडियन जगदीप का बुधवार रात निधन हो गया था। जगदीप को आज सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया है। अब बिग बी अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लाग में जगदीप को श्रद्धांजलि दी है। बिग बी ने लिखा- 'एक और रत्न खो दिया है।'

अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा- 'कल रात हमने एक और बड़ा रत्न खो दिया... जगदीप... असाधारण हास्य प्रतिभा के धनी अभिनेता का निधन। मुझे उनके साथ कई फिल्मों में काम करने का सम्मान मिला था।  इनमें शोले और शहंशाह फैंस की यादों में बसी हुई है।'

बिग बी ने आगे लिखा- 'जगदीप का असली नाम सैयद इश्तियाक अहमद जाफरी था। उन्होंने फिल्मी बिरादरी को ऐसी कई यादगार परफॉर्मेंसेस दीं, जिसने हमारे चारों ओर बहुत सी हंसी और खुशियां घोल दीं।'

अनेकता से एकता का किया प्रदर्शन
अमिताभ आगे लिखते हैं- 'जगदीप ने खुद बनाई एक फिल्म में मुझसे गेस्ट रोल निभाने की रिक्वेस्ट भी की थी। मैंने ये रोल निभाया भी था। वह बेहद विनम्र आदमी थे। उन्हें लाखों लोगों ने प्यार दिया था। मेरी दुआएं... और प्रार्थनाएं।'

सदी के महानायक ने ब्लॉग के आखिर में लिखा- 'फिल्मों में जगदीप नाम बेहद अच्छा फैसला था। उन्होंने देश में अनेकता के बीच एकता का प्रदर्शन किया था। एक-एक करके सभी चले गए। इंडस्ट्री को दीवाना बनाकर और उनके असीमित योगदान से वंचित करके।'


मझगांव कब्रिस्तान में हुए सुपुर्द-ए-खाक 
जगदीप को मुंबई के मझगांव स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जगदीप के जनाजे को उनके दोनों बेटे नावेद जाफरी और जावेद जाफरी ने कंधा दिया है। फिल्म इंडस्ट्री से जॉनी लीवर उनके जनाजे में शामिल हुए । 

मध्‍यप्रदेश के दतिया जिले से ताल्‍लुक रखने वाले जगदीप ने लगभग 400 फ‍िल्‍मों में काम किया। वो कैंसर और उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट साल 1951 में आई फिल्म अफसाना से की थी।

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