Rahul Roy: आशिकी फिल्म अभिनेता राहुल रॉय को ब्रेन स्ट्रोक, कारगिल में शूट के बाद आईसीयू में भर्ती

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 29, 2020, 09:11 PM IST

Aashiqui film Actor Rahul Roy suffers Brain Stroke: आशिकी फिल्म के अभिनेता राहुल रॉय को ब्रेन स्ट्रोक के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

Rahul Roy: आशिकी फिल्म अभिनेता राहुल रॉय को ब्रेन स्ट्रोक, कारगिल में शूट के बाद आईसीयू में भर्ती

मुंबई: 1990 में आई फिल्म आशिकी में अपने प्रदर्शन के लिए मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राहुल रॉय मुंबई में अस्पताल में भर्ती हैं। अभिनेता को मस्तिष्क आघात (ब्रेन स्ट्रोक) का सामना करना पड़ा है और मौजूदा समय में वह अस्पताल में गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में है। समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, अभिनेता को दो दिन पहले कारगिल से आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें मस्तिष्क आघात हुआ।

एक पारिवारिक सूत्र के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, 'कारगिल से आने के बाद अभिनेता को दो दिन पहले अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें मस्तिष्क स्ट्रोक के कारण अस्पताल में दाखिल कराया गया था।' पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक्टर आघात से उभर रहे हैं। एक सूत्र ने बताया, 'वह सुरक्षित है और ठीक हो रहा है। रिकवरी में थोड़ा समय लगेगा।'

LAC से जुड़ी फिल्म के लिए शूटिंग कर रहे थे 52 वर्षीय एक्टर:
52 वर्षीय अभिनेता हाल ही में कारगिल में शूटिंग कर रहे थे। अगर रिपोर्ट्स की मानें तो राहुल 'LAC- लिव द बैटल' के लिए शूटिंग कर रहे थे। कथित तौर पर मौसम ब्रेन स्ट्रोक का कारण बना। शूटिंग के दौरान ब्रेन स्ट्रोक से पीड़ित होने के बाद अभिनेता को मुंबई के नानावती अस्पताल में आईसीयू में ले जाया गया। मामले में अभिनेता की टीम की ओर से फिलहाल आधिकारिक बयान जारी करना बाकी है।

क्या होता है ब्रेन स्ट्रोक (What is A Brain Stroke):

ब्रेन स्ट्रोक के दौरान खून की आपूर्ति में रुकावट के चलते मस्तिष्क को नुकसान होता है। स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी है। स्ट्रोक के लक्षणों में चलने, बोलने और समझने में परेशानी जैसी चीजें शामिल है, साथ ही चेहरे या हाथ या पैर का लकवा या सुन्न होना भी इसके लक्षण हैं।

टीपीए (क्लॉट बस्टर) जैसी दवा के साथ प्रारंभिक उपचार मस्तिष्क की क्षति को कम कर सकता है। इसके अलावा डॉक्टर अन्य उपचार जटिलताओं को सीमित करने और अतिरिक्त स्ट्रोक को रोकने की दिशा में काम करने के लिए भी करते हैं।

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