West Bengal Asansol Lok Sabha Seat: आसनसोल भारत में कोयले के सबसे बड़े उत्पादकों में से एक है यह पश्चिम बंगाल में स्थित है, इस बार ये सीट लोकसभा चुनाव में काफी हॉट मानी जा रही है, बाबुल सुप्रियो के भाजपा छोड़ने के बाद सीपीआई के इस किले में टीएमसी ने 2022 के उपचुनाव में सफलता हासिल की थी और तब शत्रुघ्न सिन्हा इस सीट पर विजयी हुए इस बार भी टीएमसी ने फिर उन पर दांव खेला है वहीं भाजपा ने एसएस आहलूवालिया को मैदान में उतारा है।
गौर हो कि आसनसोल लोकसभा सीट पर 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने जीत दर्ज की थी पर 2022 के उपचुनाव में ये सीट हाथ से निकल गई थी उसे वापस लाने के लिए एसएस आहलूवालिया से बीजेपी को उम्मीदें हैं। आसनसोल से एसएस आहलूवालिया के नाम की घोषणा के बाद उन्होंने कहा है कि पश्चिम बंगाल मेरी जन्म भूमि हैं, उन्होंने कहा है कि ये लड़ाई दो लोगों के बीच नहीं, दो विचारधाराओं के बीच की लड़ाई है।
भाजपा ने भोजपुरी संगीतकार पवन सिंह को मैदान में उतारा था
भाजपा ने भोजपुरी संगीतकार पवन सिंह को मैदान में उतारा था लेकिन बाद में उन्होंने नाम वापस ले लिया था वहीं टीएमसी उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा है कि जनता मुझे रिकॉर्ड बहुमत से संसद पहुंचाएग, मेरी जीत का पिछला रिकॉर्ड भी इस बार टूट जाएगा।
यह लोकसभा सीट कभी माकपा का गढ़ हुआ करती थी
गौर हो कि यह लोकसभा सीट कभी माकपा का गढ़ हुआ करती थी पर बाद में यहां की स्थिति बदली और साल 2014 में बीजेपी ने इस गढ़ में सेंध लगाई पर साल 2022 के बाद से यहां टीएमसी और बीजेपी के बीच टक्कर है।
बाबुल सुप्रियो मार्च 2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे
बता दें कि बाबुल सुप्रियो मार्च 2014 में बीजेपी में शामिल हुए थे उसके बाद साल 2014 के आम चुनाव में बीजेपी ने इन्हें आसनसोल से मैदान में उतारा और इन्होंने तृणमूल कांग्रेस की उम्मीदवार डोला सेन को करीब 70 हजार से ज्यादा वोटों से हराया था यानी 2014 में बीजेपी ने यहां पहली बार जीत दर्ज की थी जिसके बाद केंद्र सरकार में इन्होंने शहरी विकास और आवास और शहरी कार्य मंत्रालय और भारी उद्योग मंत्रालय दिया था। वहीं इसके अगले चुनाव यानी 2019 में बाबुल सुप्रियो ने कांग्रेस की मुनमुन सेन को 197632 वोटों से हराया था, उस वक्त सुप्रियो को 2019 की केंद्र सरकार में पर्यावरण राज्य मंत्री बनाया गया था
साल 2021 के जुलाई महीने में बाबुल ने पार्टी से इस्तीफे की घोषणा कर दी और 18 सितंबर 2021 को तृणमूल का दामन थाम लिया अप्रैल 2022 को बालीगंज विधानसभा सीट से विधायक बने और ममता सरकार ने इन्हें मंत्री बनाया।
दोनों दल दावा कर रहे कि वे इस बार रिकॉर्ड वोटों से जीत दर्ज करें
दोनों दल दावा कर रहे कि वे इस बार रिकॉर्ड वोटों से जीत दर्ज करेंगे बता दें कि एसएस आहलूवालिया 2014 के लोकसभा चुनाव में दार्जलिंग और 2019 के चुनाव में बर्दवान-दुर्गापुर सीट से चुनाव जीत चुके हैं। आसनसोल लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत सात सीटें आती हैं इसमें से पांडवेश्वर, रानीगंज, जमूरिया, आसनसोल उत्तर, बारबानी पर तृणमूल कांग्रेस का कब्जा है वहीं दो सीटें पर भाजपा का राज है।
टीएमसी उम्मीदवार शत्रुघ्न प्रसाद सिन्हा अभी यहां से सांसद
बता दें टीएमसी उम्मीदवार शत्रुघ्न प्रसाद सिन्हा अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सदस्य के रूप में आसनसोल निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा के सांसद हैं। इससे पहले वे पटना साहिब से लोकसभा के सांसद (2009-2014, 2014-2019) चुने गए थे। वो 1996-2002 और 2002-2008 के दौरान राज्यसभा के सांसद भी रहे। वे अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण और शिपिंग मंत्री थे।
