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4th Phase Voting Turnout: लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में पड़े 69.16% वोट, सबसे ज्यादा आंध्र प्रदेश तो सबसे कम जम्मू-कश्मीर में वोटिंग

4th Phase Voting: आम चुनाव 2024 के चौथे चरण में 69.16% मतदान दर्ज किया गया। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार 69.58 प्रतिशत पुरुषों, 68.73 प्रतिशत महिलाओं और 34.23 प्रतिशत पंजीकृत ट्रासजेंडर ने मतदान किया। आपको बताते हैं कि किस राज्य में कितनी वोटिंग हुई और चौथे चरण की वोटिंग से जुड़ा सारा गुणा-गणित।

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चौथे चरण में हुए मतदान से जुड़ा सारा गुणा-गणित समझिए।

Photo : Times Now Digital

4th Phase Voting Turnout: लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान प्रतिशत का डाटा चुनाव आयोग ने जारी कर दिया है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार तीसरे चरण में 69.16 प्रतिशत मतदान हुआ है। आपको बताते हैं कि किस राज्य में सबसे अधिक और किस राज्य में सबसे कम मतदान दर्ज किया गया।

किस राज्य में कितना मतदान

चौथे चरण में आंध्र प्रदेश में सबसे ज्यादा तो जम्मू कश्मीर में सबसे कम मतदान हुआ है। वहीं बिहार और उत्तर प्रदेश में भी वोटिंग काफी कम दिख रही है। पश्चिम बंगाल में भी जमकर वोटिंग हुई। आपको बताते हैं कि किस राज्य में कितना मतदान हुआ और किस जेंडर ने कितना फीसदी वोट डाला।

किस राज्य में कितनी हुई वोटिंग?

क्र.सं.राज्यसीटपुरुषमहिलाअन्यकुल
1आंध्र प्रदेश2581.04%80.30%44.34%80.66%
2बिहार 554.39%62.47%12.44%58.21%
3जम्मू और कश्मीर143.73%33.21%37.50%38.49%
4झारखंड 464.10%67.94%28.57%66.01%
5मध्य प्रदेश875.10%68.96%57.22%72.05%
6महाराष्ट्र 1164.82%59.38%27.67%62.21%
7ओडिशा475.28%76.08%33.07%75.68%
8तेलंगाना1766.07%65.29%30.25%65.67%
9उत्तर प्रदेश1359.48%56.79%15.73%58.22%
10पश्चिम बंगाल879.00%81.49%28.01%80.22%

चौथे चरण में कुल मतदान का गणित

चरणपुरुषमहिलाथर्ड जेंडरकुल मतदान
469.58%68.73%34.23%69.16%

96 सीटों पर चौथे चरण में मतदान

आयोग ने शनिवार को जारी एक बयान में बताया कि आम चुनाव 2024 के चौथे चरण में 69.16% मतदान दर्ज किया गया। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) के अनुसार 69.58 प्रतिशत पुरुषों, 68.73 प्रतिशत महिलाओं और 34.23 प्रतिशत पंजीकृत ट्रासजेंडर ने मतदान किया। लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के लिए 10 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 96 निर्वाचन क्षेत्र में सोमवार (13 मई, 2024) को मतदान हुआ था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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