Moradabad Lok Sabha Election 2024 : लोकसभा चुनाव 2024 परिणाम की घड़ियां खत्म हो गई हैं। अब महज कुछ ही घंटे में नजीतों के रूझान आपके सामने होंगे। 4 जून की सुबह 8 बजे से मतों की गणना शुरू हो जाएगी। भले ही रिजल्ट आने में अभी थोड़ा वक्त है, लेकिन यूपी की मुरादाबाद सीट को लेकर खासा चर्चा है। यहां अगर, भारतीय जनता पार्टी को जीत मिलती है तो इस सीट पर उपचुनाव होना तय है। वो भी इसलिए क्योंकि भारतीय जनता पार्टी से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी सर्वेस सिंह का वोटिंग के बाद निधन हो गया था। ऐसी स्थिति में अगर चुनाव का रिजल्ट बीजेपी के पक्ष में आता है तो दोबारा यहां चुनावी सरगर्मियां तेज होती दिखाई देंगी।
मुरादाबाद लोकसभा चुनाव रिजल्ट
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दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के मुरादाबाद लोकसभा सीट से पूर्व सांसद व प्रत्याशी कुंवर सर्वेश सिंह का मतदान के बाद निधन हो गया था। उन्होंने 71 साल की उम्र में दिल्ली स्थित एम्स में अंतिम सांस ली थी। हालांकि, जिस वक्त सर्वेश सिंह को टिकट दिया गया था तभी वो अस्पताल में ही भर्ती थे। उनके निधन के बाद चुनावी गलियारों में एक अलग तरह की चर्चा चल रही है। लोग अपने-अपने समीकरण बैठाकर निधन के बाद उनकी जीत का दावा कर रहे हैं। उधर, चर्चा ये भी है कि सर्वेश सिंह की प्रतिद्वंदी इंडिया गठबंधन की सपा प्रत्याशी रुचि वीरा सिंह भी अच्छी कंडीशन में हैं। रुचिवीरा की वैश्य और मुस्लिम मतदाताओं में खासा पकड़ है।
रुचि वीरा को हो सकता है ये नुकसान
मुरादाबाद में बीजेपी कार्यकर्ताओं का अनुमान है कि दिवंगत सर्वेश सिंह की 20 हजार से अधिक वोटों से जीत होगी। वहीं, सपा अपने दावे के हिसाब से रुचि वीरा की जीत बता रही है। कहा जा रहा है कि रुचि वीरा के सामने भाजपा की जीत आसान नहीं है। उधर, सपा प्रत्याशी रुचि वीरा के बाहरी होने से नुकसान की आशंका है। लोगों का कहना है कि उन्हें यहां कौन जानता है? लिहाजा, बीजेपी की जीत पक्की है। ऐसे में उपचुनाव की संभावना प्रबल है। हालांकि, वास्तिवक परिणाम 4 जून को सामने होंगे, जिससे सारी भ्रांतियां दूर हो जाएंगी।
सपा में आपसी अंतर्कलह!
उधर, मतदाताओं का कहना है कि भाजपा और सपा-कांग्रेस गठबंधन की प्रत्याशी के बीच सीधा मुकाबला है। बसपा मुकाबले में कहीं नहीं है। उधर, कई लोग सपा में टिकट बंटवारे को लेकर अंतर्कलह की बात कर रहे हैं। लिहाजा, सपा को अपनों से ही नुकसान की आशंका है। उधर, मुरादाबाद में 30 राउंड में मतगणना कराने के लिए जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा गया था। आयोग की ओर से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मतगणना के लिए 14 टेबल और एक एआरओ का टेबल होगा।कुंवर सर्वेश सिंह का करियर
कुंवर सर्वेश सिंह का जन्म 22 दिसंबर 1951 को हुआ था। 1991 पर पहली बार बीजेपी की टिकट पर सर्वेश सिंह ने ठाकुरद्वारा सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें जीत मिली थी। इसके बाद वह 1993, 1996 और 2002 में लगातार चार बार विधायक बने। सर्वेश सिंह ने 2009 में पूर्व क्रिकेटर अजरुद्दीन के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि, 2014 में सपा के एसटी हसन के सामने सर्वेश सिंह को जीतकर संसद पहुंचने का मौका मिला, लेकिन 2019 का लोकसभा चुनाव वो हार गए थे।
