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Mohanlalganj Seat, यूपी लोकसभा चुनाव 2024: मतदान की तारीख, Key Candidate और रिजल्ट की डेट

Mohanlalganj Lok Sabha Seat : यूपी की मोहनलालगंज लोकसभा सीट पर बीजेपी हैट्रिक के इरादे से उतरी है। 85 फीसदी हिंदू और 15 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं वाली सीट पर इस बार कांटे की टक्कर के आसार हैं। आइये जानते हैं प्रमुख राजनातिक पार्टियों ने किन प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है।

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Mohanlalganj Seat, यूपी लोकसभा चुनाव 2024: मतदान की तारीख, Key Candidate और रिजल्ट की डेट

Mohanlalganj Lok Sabha Seat : उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीट में एक सीट लखनऊ की मोहनलालगंज संसदीय क्षेत्र भी है। ये प्रदेश की हॉट सीटों में गिनी जाती है। यह सीट अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व है। लखनऊ-उन्नाव के बीच पड़ने वाली इस सीट पर कभी कांग्रेस पार्टी (Congress Party) का दबदबा हुआ करता था, लेकिन समय बदला और भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने इस पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली और पिछले 2 चुनाव से लगातार इसी पार्टी का कब्जा है। इस बार यहां पांचवें चरण में 20 मई को मतदान होना है। 85 फीसदी हिंदू और 15 फीसदी मुस्लिम मतदाताओं वाली सीट पर इस बार कांटे की टक्कर के आसार हैं। आइये जानते हैं प्रमुख राजनातिक पार्टियों ने किन प्रत्याशियों को मैदान में उतारा है।

1962 से अस्तित्व में मोहनलालगंज सीट

1962 से अस्तित्व में आई सीट पर पहली बार कांग्रेस की गंगा देवी सांसद चुनी गईं थीं। गंगा देवी यहां से तीन बार सांसद रहीं। मोहनलालगंज संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत पांच विधानसभा सीटें आती हैं, जिनमें बख्शी का तालाब, मलीहाबाद, सरोजनी नगर, मोहनलालगंज और सिधौली समेत 5 विधानसभा सीटें हैं। ये सीट राजधानी लखनऊ से मजह 20 किलोमीटर है। इस सीट का अधिकांश भाग ग्रामीण क्षेत्र है। यहां कई धार्मिक स्थल भी हैं, जिनमें ब्रम्हादेव मंदिर, संकट मोचन, कालेबीर बाबा मंदिर, शिवालय मंदिर, दुर्गा मां मंदिर, हनुमान और शिव मंदिर आदि प्रमुख हैं। अगर, इन सीटों पर पिछले विधानसभा चुनाव की बात करें तो पांचों सीटों पर बीजेपी को जीत नशीब हुई थी। इन पांच में से तीन सीटें अनुसूचित जाति के लिए रिजर्व हैं।

2019 लोकसभा चुनाव का हिसाब किताब

साल 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में मोहनलालगंज सीट पर बीजेपी ने फिर से कौशल किशोर पर भरोसा जताया था, जिस पर वो खरे उतरे। सांसद कौशल किशोर ने बहुजन समाज पार्टी के सीएल वर्मा को चुनावी पटखनी दी थी। हालांकि, ये चुनाव कांटेदार साबित हुआ था। जहां कौशल किशोर को 6,29,748 वोट प्राप्त हुए थे, वहीं सीएल वर्मा को 5,39,519 वोट मिले थे। वहीं, कांग्रेस प्रत्याशी आर के चौधरी को 60, 061 वोट मिले थे। लिहाजा, कौशल किशोर 90,229 मतों के अंदर से जीते थे।

2014 में जीत-हार का हिसाब किताब

साल 2014 के लोकसभा चुनाव में मोदी लहर से यह सीट फिर 1991 के बाद बीजेपी के खाते में आ गई। बीजेपी की ओर से कौशल किशोर मैदान में थे और उनके सामने बसपा के आर के चौधरी थे, जिन्हें कौशल किशोर के हाथों 1,45,416 मतों के अंतर से हार का सामना करना पड़ा था। वहीं, 2009 में यहां सपा की सुशीला सरोज सांसद बनकर संसद पहुंची थीं। उन्होंने, बीएसपी के जय प्रकाश को हराया था।

इस साल भारतीय जनता पार्टी ने जीत की हैट्रिक के इरादे से अपने जिताऊ प्रत्याशी सिटिंग सांसद कौशल किशोर (Kaushal Kishor) पर ही दांव खेला है। वहीं, इस बार समाजवादी (Samajwadi Party) पार्टी ने आर के चौधरी (R.K Chaudhary) को कड़ी चुनौती के लिए चुनावी मैदान में उतारा है। वहीं, बहुजन समाज पार्टी (Bahujan Samaj Party) ने राजेश कुमार (Rajesh Kumar) को इस जंग का मुकाबला करने लिए भेजा है।

मुख्य प्रत्याशी

  • आर के चौधरी - सपा / INDIA
  • कौशल किशोर - बीजेपी/NDA
  • राजेश कुमार - बसपा

मोहनलालगंज (Mohanlalganj की पांचों सीटों पर कितने मतदाता

विधानसभा का नाम मतदाताओं की संख्या
मलिहाबाद 3,76,802
बख्शी का तालाब 4,80884
सरोजनीनगर 5,85,430
मोहनलालगंज 3,63664
सिंधौली 3,95555

मोहनलालगंज मतदाताओं की संख्या

मोहनलालगंज में 34.14 फीसदी अनुसूचित आबादी है। यहां मौजूदा वक्त में 21,92,335 वोटर्स हैं। 2019 में यहां मतदाताओं की संख्या 20,23,431 थी। तब 53.52 प्रतिशत पुरुष मतदाताओं ने वोट किया था। वहीं, महिलाओं का प्रतिशत 46.48 था। इस बार यहां पांचवे चरण में 20 मई को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होना है। यहां भी देश की सभी सीटों के साथ 4 जून को परिणाम आएगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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