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Loksabha Election 2024: कांग्रेस उम्मीदवारों को राहुल और खड़गे ने किया सतर्क; बैठक में बनी 4 जून की रणनीति

Congress Meeting: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों से पहले आए एग्जिट पोल में मोदी सरकार एक बार फिर प्रचंड बहुमत से वापसी करती नजर आ रही है। जिसे कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने मानने से इनकार कर दिया है। इसी बीच खड़गे और राहुल ने पार्टी के उम्मीदवारों के साथ बैठक की। उसमें क्या रणनीति बनी, इस रिपोर्ट में पढ़िए।

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राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, केसी वेणुगोपाल।

Photo : Twitter

Lok Sabha Chunav: क्या एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी की प्रचंड बहुमत से वापसी होने जा रही है? इस सवाल का जवाब तो 4 जून को ही मिलेगा, लेकिन उससे पहले शनिवार को आए लगभग सभी एग्जिट पोल के नतीजों इस बार का दावा किया गया है कि मोदी सरकार 3.0 बनने के प्रबल आसार हैं। हालांकि विपक्षी गठबंधन में शामिल पार्टियां और उनके नेता एग्जिट पोल को स्वीकार करने से साफ इनकार कर रहे हैं। कांग्रेस ने इसे मोदी का एग्जिट पोल करार दिया है, तो अखिलेश ने भाजपाई एग्जिट पोल कहकर पुकारा है। इसी बीच कांग्रेस अपने उम्मीदवारों से मतगणना के दिन सतर्क रहने को कहा।

राहुल और खड़गे ने उम्मीदवारों को किया अलर्ट

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव के पार्टी उम्मीदवारों, विधायक दल के नेताओं और पार्टी की राज्य इकाइयों के प्रमुखों के साथ रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक की और उनसे मतगणना के दिन सतर्क रहने एवं धांधली की किसी भी तरह की कोशिश को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा।

लगातार तीसरी बार सत्ता संभालेंगे नरेंद्र मोदी?

मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, पार्टी महासचिव जयराम रमेश और के सी वेणुगोपाल सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के लोकसभा उम्मीदवारों के साथ बातचीत की और चार जून को होने वाली मतगणना को लेकर तैयारियों की समीक्षा की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ‘एग्जिट पोल’ (चुनाव बाद सर्वेक्षण) में अनुमान लगाया गया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार तीसरी बार सत्ता संभालेंगे और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को लोकसभा चुनावों में भारी बहुमत मिलने की संभावना है।

कांग्रेस ने Exit Poll को बताया पूरी तरह फर्जी

रमेश ने कहा कि ‘एग्जिट पोल’ ‘पूरी तरह से फर्जी’ हैं और इसका ‘मास्टरमाइंड’ वह व्यक्ति है जिसका चार जून को ‘एग्जिट’ (सत्ता से बाहर होना) तय है। उन्होंने कहा, 'ये सब निवर्तमान प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) और निवर्तमान गृह मंत्री (अमित शाह) द्वारा खेले जा रहे मनोवैज्ञानिक खेलों का हिस्सा हैं। निवर्तमान गृह मंत्री ने कल 150 जिला मजिस्ट्रेट और जिलाधिकारियों को फोन किया। ‘एग्जिट पोल’ के नतीजे वास्तविकता से कोई संबंध नहीं रखते।'

‘इंडिया’ गठबंधन दलों के कई नेताओं ने भी शनिवार को यहां बैठक की थी और चार जून को होने वाली लोकसभा चुनावों की मतगणना से पहले विपक्ष की तैयारियों का जायजा लिया था। उन्होंने दावा किया कि उन्हें 295 से अधिक सीटे मिलेंगी, जो अगली सरकार बनाने के लिए पर्याप्त हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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