Sunetra Pawar visits Ganpati Temple: महाराष्ट्र में सबसे दिलचस्प मुकाबलों वाली सीटों में से एक बारामती लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र पर सियासी पंडितों की भी नजरें हैं। यहां मुकाबला पवार बनाम पवार का होने जा रहा है। इस सीट से गुरुवार को नामांकन दाखिल करने से पहले महायुति उम्मीदवार सुनेत्रा पवार अपने पति और उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ पुणे में श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर पहुंचीं। यहां दोनों ने पूजा-अर्चना की जीत का आशीर्वाद मांगा। सुनेत्रा पवार अपनी भाभी मौजूदा सांसद सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं। दिग्गज नेता शरद पवार की बेटी और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) की उम्मीदवार सुप्रिया सुले एक कद्दावर चेहरा हैं। सुप्रिया भी आज बारामती सीट से अपना नामांकन भी दाखिल करेंगी।
अजित पवार बोले, बप्पा से की प्रार्थना...
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने गुरुवार को कहा कि जब भी महायुति का कोई उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल करेगा तो मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री मौजूद रहने का प्रयास करेंगे। अजीत पवार ने कहा, मैंने भगवान बप्पा से प्रार्थना की है कि जब पीएम मोदी तीसरी बार निर्वाचित होंगे तो महाराष्ट्र से एक बड़ा योगदान होना चाहिए और महाराष्ट्र से अधिकतम महायुति उम्मीदवार चुने जाएंगे। हमने तय किया है कि जब भी महायुति का कोई उम्मीदवार नामांकन करेगा उनका नामांकन, सीएम और डिप्टी सीएम मौजूद रहने की कोशिश करेंगे, हमने आज सभी को उपस्थित रहने के लिए बुलाया है लेकिन 'शक्ति प्रदर्शन' जैसा कुछ नहीं है।
सुनेत्रा पवार बोलीं, आज का दिन बहुत बड़ा
वहीं, सुनेत्रा पवार ने कहा कि आज उनके लिए बहुत बड़ा दिन है। मैं आज अपना नामांकन दाखिल करने जा रही हूं। इसलिए हम यहां आए, प्रार्थना की और आशीर्वाद लिया। बारामती सीट को पवार परिवार का गढ़ माना जाता है और सुप्रिया सुले यहां से पिछले तीन लोकसभा चुनाव जीत चुकी हैं। महाराष्ट्र में लोकसभा चुनाव पांच चरणों में 19 अप्रैल, 26 अप्रैल, 7 मई, 13 मई और 20 मई को होंगे। वोटों की गिनती 4 जून को होगी। बारामती में तीसरे चरण के लिए 7 मई को मतदान होगा।
यूपी के बाद महाराष्ट्र दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता
48 लोकसभा सीटों के साथ महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश के बाद लोकसबा में दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। अपनी राजनीतिक विविधता और महत्वपूर्ण चुनावी प्रभाव के लिए पहचाने जाने वाला महाराष्ट्र राष्ट्रीय राजनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2019 के चुनावों में भाजपा 23 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, उसके बाद 18 सीटों के साथ शिवसेना दूसरे नंबर पर थी।
