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Exit Polls 2024: इन राज्यों से आई INDIA गठबंधन के लिए अच्छी खबर, BJP को होने जा रहा बड़ा नुकसान

Lok Sabha Election Exit Polls 2024: एग्जिट पोल के आंकड़ों को गौर से देखें तो राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा ऐसे राज्य हैं, जहां पर विपक्षी पार्टियों की कुछ सीटें बढ़ती दिख रही हैं। कुछ एग्जिट पोल के आंकड़ों से साफ हो रहा है कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी कुछ सीटों पर फाइट में है तो महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को भी जनता की सहानुभूति मिलती दिखाई दे रही हैं।

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India Alliance

Photo : Times Now Digital

Exit Polls 2024: लोकसभा चुनाव 2024 के एग्जिट पोल जारी हो चुके है। तमाम एग्जिट पोल में एक बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनती दिखाई दे रही है और पीएम नरेंद्र मोदी सत्ता में वापसी कर रहे हैं। एग्जिट पोल के नतीजे भले ही इंडिया गठबंधन के लिए बुरी खबर लेकर आए हों, लेकिन इन आंकड़ों में विपक्षी पार्टियों के लिए शुभ संकेत भी छिपे हुए हैं। कई ऐसे राज्य हैं, जहां पर कांग्रेस जैसी पार्टियां एक बार फिर वापसी करने को तैयार हैं और इन राज्यों में सीधा नुकसान भारतीय जनता पार्टी को हो रहा है।

एग्जिट पोल के आंकड़ों को गौर से देखें तो राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और हरियाणा ऐसे राज्य हैं, जहां पर विपक्षी पार्टियों की कुछ सीटें बढ़ती दिख रही हैं। कुछ एग्जिट पोल के आंकड़ों से साफ हो रहा है कि राजस्थान में कांग्रेस पार्टी कुछ सीटों पर फाइट में है तो महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना को भी जनता की सहानुभूति मिलती दिखाई दे रही हैं। वहीं तेलंगाना सरीखे राज्य में भी कांग्रेस को फायदा हो रहा है।

राजस्थान

राजस्थान के एग्जिट पोल्स को देखें तो बीजेपी की मजबूत पकड़ इस राज्य में ढ़ीली होती दिखाई दे रही है। कई एग्जिट पोल्स में भारतीय जनता पार्टी को यहां पांच से सात सीटों का नुकसान होने का दावा किया गया है, वहीं कांग्रेस इस बार के लोकसभा चुनाव में राजस्थान में पांच से सात सीटें जीत सकती है। बता दें, बीते दो लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का इस चुनावी राज्य में सूपड़ा साफ हो गया था और राज्य में उसे एक भी सीट नहीं मिली थी। वहीं, एग्जिट पोल्स में बीजेपी को 51 प्रतिशत, कांग्रेस को 41 प्रतिशत और अन्य को 8 प्रतिशत वोट शेयर मिलने का अनुमान है।

Exit Pollभाजपाकांग्रेसअन्य
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INDIA TV- CNX21-232-40
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News 24 Chanakya2221
Jan Ki Baat21-232-40

महाराष्ट्र

लोकसभा चुनाव 2024 में महाराष्ट्र भी एक ऐसा राज्य है, जहां से इंडिया गठबंधन के लिए राहत भरी खबर है। इस राज्य में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ जनता की पूरी सहानुभूति दिखाई दे रही है। वहीं, बड़ा नुकसान एकनाथ शिंदे गुट वाली शिवसेना और अजीत पवार की एनसीपी को हो रहा है। टाइम्स नाउ ईटीजी के सर्वे में इंडिया गठबंधन को यहां 22 सीटें तो एबीपी सीट वोटर के सर्वे में 23 से 25 सीटें मिलती दिख रही हैं। वहीं, इंडिया टुडे एक्सिस माय इंडिया ने भी इस चुनावी राज्य में इंडिया गठबंधन को 16 से 20 सीटें दी हैं।

Exit Pollभाजपाकांग्रेसअन्य
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News 24 Chanakya33150
Jan Ki Baat34-419-160

पंजाब

पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के पास पहले से ही कोई मजबूत जनाधार नहीं था और इस बार के चुनाव में पार्टी किसी गठबंधन में भी नहीं थी। इसका नुकसान बीजपी को होता दिख रहा तो यहां इंडिया गठबंधन की पार्टियों के लिए खुश करने वाली खबर सामने आई है। भले ही इस चुनावी राज्य में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच गठबंधन न हुआ हो, लेकिन केंद्र में सरकार बनाने के लिए दोनों पार्टियों के बीच अलायंस है। एग्जिट पोल के आंकड़ों को देखें तो पंजाब की 13 सीटों में से कांग्रेस को छह से सात और आम आदमी पार्टी को तीन से पांच सीट मिल सकती हैं।

Exit Pollभाजपाकांग्रेसआपअन्य
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Jan Ki Baat3-24-56-40

हरियाणा

हरियाणा के एग्जिट पोल भी इंडिया गठबंधन के लिए राहत भरी खबर लेकर आए हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में हरियाणा की 10 की 10 सीट पर बीजेपी ने कब्जा जमाया था, लेकिन इस बार इंडिया गठबंधन बीजेपी के इस मजबूत किले को भेदने में कामयाब होता दिख रहा है। कई एग्जिट पोल्स में इंडिया गठबंधन को 2 से 4 सीटें आने का अनुमान लगाया गया है।

Exit Pollभाजपाकांग्रेसअन्य
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Jan Ki Baat7-83-20

एक बार फिर मोदी लहर के आसार

भले ही कुछ राज्यों में कांग्रेस ओर इंडिया गठबंधन ने अच्छे प्रदर्शन के संकेत दिए हों, लेकिन हिंदी पट्टी के कई राज्यों में इस विपक्षी गठबंधन ने जनता का निराश किया है। विपक्ष का इंडिया गठबंधन जतना को अपने मुद्दे समझाने में नाकामयाब होता दिखाई दे रहा है। एग्जिट पोल के आंकड़ों के अनुसार, तीसरी बाद प्रधानमंत्री मोदी प्रचंड बहुमत से सरकार बनाते दिखाई दे रहे हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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