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Lok Sabha Chunav 2024, (Guna) MP: गुना लोकसभा सीट पर क्या फिर दांव पर लगेगी सिंधिया की विरासत, या मोदी लहर में नैया होगी पार

  • Authored by: अमित कुमार मंडल
  • Updated Mar 8, 2024, 02:36 PM IST

Lok Sabha Chunav 2024, Guna, MP Lok Sabha Seat: गौर करने लायक बात है कि केपी यादव भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे। 2019 चुनाव में उन्होंने सिंधिया को बड़े अंतर से चुनाव हराकर इतिहास रच दिया था।

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गुना लोकसभा सीट

Lok Sabha Chunav 2024, Guna, MP Lok Sabha Seat: साल 2019 के लोकसभा चुनाव में ज्योतिरादित्य सिंधिया को पटखनी देने वाले केपी यादव का गुना सीट से टिकट कट गया है। पार्टी ने यहां से सिंधिया को टिकट दिया है। दावेदारी तो केपी यादव ने पेश की थी, लेकिन बाजी सिंधिया के हाथ लगी। यादव ही सिंधिया के आगे दीवार बनकर खड़े थे, लेकिन सिंधिया भी अब बीजेपी में हैं ऐसे में उनका रास्ता बेहद आसान हो गया है। यहां अब तक हुए चुनावों में बीजेपी ने इस सीट पर तभी जीत हासिल की जब विजयाराजे सिंधिया खुद पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरीं। गुना से अब तक 9 बार कांग्रेस, 5 बार बीजेपी, एक बार जनसंघ, एक बार स्वतंत्र पार्टी ने चुनाव जीता है। खास बात यह है कि अब तक हुए 17 लोकसभा चुनावों में 13 बार जीत का परचम किसी सिंधिया ने ही लहराया।

सिंधिया-यादव समर्थकों में मनमुटाव

बीते पांच साल में बीजेपी सांसद केपी यादव और कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने वाले सिंधिया समर्थकों के बीच मन-मुटाव और एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी साफ दिखती रही। कई मौकों पर दोनों के बीच टकराव दिखा। बता दें कि साल 2020 में कमलनाथ सरकार को गिराकर बीजेपी ने सरकार बनाई थी जिसमें ज्योतिरादित्य सिंधिया की ही अहम भूमिका रही थी। सिंधिया समर्थक विधायक बीजेपी में शामिल हो गए थे।

केपी यादव भी कांग्रेस छोड़ बीजेपी में आए थे

गौर करने लायक बात है कि केपी यादव भी कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए थे। 2019 चुनाव में उन्होंने सिंधिया को बड़े अंतर से चुनाव हराकर इतिहास रच दिया था। 2014 का चुनाव 1 लाख 20 हजार 792 वोटों से जीतने वाले कांग्रेस प्रत्याशी ज्योतिरादित्य सिंधिया को 2019 में बीजेपी प्रत्याशी डॉ. केपी यादव ने करीब 1 लाख 25 हजार वोटों से हराकर सियासी पंडितों को चौंका दिया था। इस हार के साथ 14 बार लगातार अजेय रहने वाले सिंधिया राजपरिवार का रिकॉर्ड भी धराशायी हो गया। किसी सिंधिया उम्मीदवार की गुना-शिवपुरी संसदीय क्षेत्र में यह पहली हार थी।। बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतने वाले केपी यादव जब कांग्रेस में थे तो सिंधिया के खास लोगों में उनकी गिनती होती थी। लेकिन सियासी बाजी पूरी तरह पलट गई।

यादव वोटों के सहारे जीते केपी यादव

तीन जिलों शिवपुरी, गुना और अशोकनगर वाले इस संसदीय क्षेत्र में डॉ. केपी यादव ने बंपर वोट हासिल किए। यादव को कुल 6 लाख 14 हजार 049 यानी 52.11% वोट मिले थे। उनके मुकाबले कांग्रेस प्रत्याशी सिंधिया ने 4 लाख 88 हजार 500 यानी 41.45% मत हासिल किए। संसदीय क्षेत्र की 8 विधानसभा सीटों पर यादव वोटों की संख्या करीब 3.50 लाख से ज्यादा है। करीब 1.50 लाख यादव वोटर्स सिर्फ गुना जिले में ही हैं। इसी का फायदा केपी यादव को मिला।

2019 चुनाव नतीजे

2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी के केपी यादव ने 6,14,049 वोट हासिल किए थे। जबकि कांग्रेस उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया को 4,88,500 वोट मिले थे। 37,530 वोटों के साथ बीएसपी के लोकेंद्र सिंह राजपूत तीसरे नंबर पर रहे थे।

2014 चुनाव नतीजे

2014 में गुना सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार ज्योतिरादित्य सिंधिया जीते थे। उन्होंने बीजेपी नेचा जयभान सिंह पवैया को मात दी थी। इस चुनाव में सिंधिया को 5,17,026 वोट मिले थे जबकि जयभान सिंह ने 3,96,266 वोट हासिल किए थे। तीसरे नंबर पर 27,412 वोटों के साथ बीएसपी के लखन सिंह बघेल रहे।

अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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