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Lok Sabha Election 2024: असम में भी कांग्रेस vs टीएमसी का मुकाबला, समझें क्या है दीदी का प्लान

Congress vs TMC: पश्चिम बंगाल के बाद अब असम में भी कांग्रेस बनाम तृणमूल कांग्रे का मुकाबला देखने को मिलेगा। ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी ने चार सीटों के लिए अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान कर दिया है। इन चार में से सीट पर कांग्रेस ने पहले ही अपना प्रत्याशी उतार दिया है। आपको दीदी का प्लान समझाते हैं।

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ममता बनर्जी vs कांग्रेस।

Photo : Times Now Digital

Mamata Banerjee Plan For Assam: भाजपा और मोदी को हराने का लक्ष्य लेकर विपक्षी दलों के गठबंधन ने एकता के तमाम दावे किए थे। मगर एक के बाद एक कई बड़े दलों ने इंडियन नेशनल डेवलपमेंट अलायंस से नाता तोड़ लिया। इतना ही नहीं कई राज्यों में तो गठबंधन में शामिल सहयोगी दल एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि ये गठबंधन फिलहाल तो राम भरोसे है।

क्या है ममता बनर्जी का असम के लिए असल चुनावी प्लान?

कभी INDI गठबंधन में शामिल रही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही नहीं बल्कि असम में भी अपनी सहयोगी रही कांग्रेस से दो-दो हाथ करने के लिए तैयार है। दरअसल टीएमसी ने असम में चार लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की है। जो कहीं न कहीं कांग्रेस के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है। ऐसे में आपको ममता बनर्जी का असल प्लान समझना चाहिए।

विपक्षी दलों पर दबाव कायम रखना चाहती हैं ममता?

भाजपा को हराने का दावा करने वाली पार्टियां इन दिनों अपनी शाख बचाने में जुटी हुई हैं। ममता बनर्जी और नीतीश कुमार जैसे मुख्यमंत्रियों ने विपक्षी दलों के गठबंधन से पीछा छुड़ा लिया। अब वो अपनी शाख मजबूत करने के लिए चुनावी मैदान ने रणनीति तैयार करने में जुटी हैं। ममता बनर्जी इस बात को समझती हैं कि विपक्षी दलों के पास कोई बड़ा चेहरा नहीं है, यदि संयोग से चुनावी नतीजे उनके पक्ष में रहते हैं तो बाद में भी गठबंधन में शामिल हुआ जा सकता है, तब ममता की शर्तों का वजन ज्यादा बढ़ जाएगा। वैसे ममता भी समझती हैं कि देश के चुनाव पर ज्यादा फोकस करते करते उन्हें पश्चिम बंगाल में अपनी जमीन कमजोर नहीं करनी है।

विपक्षी एकता को ममता की टीएमसी ने दिया झटका

असम में विपक्षी एकता को झटका देते हुए, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने चार लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की। राज्य में अन्य गैर-भाजपा दल पहले ही उम्मीदवारों की घोषणा कर चुके हैं। तृणमूल कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कोकराझार (एसटी), बारपेटा, लखीमपुर और सिलचर (एससी) सीट के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की। पार्टी ने कोकराझार में गौरी शंकर सरानिया, बारपेटा में अबुल कलाम आजाद, लखीमपुर में घाना कांता चुटिया और सिलचर में राधाश्याम विश्वास को उम्मीदवार बनाने की घोषणा की है।

टीएमसी ने असम में किन चार सीटों पर खेला दांव

लोकसभा सीटउम्मीदवार का नामपार्टी
कोकराझारगौरी शंकर सरानियातृणमूल कांग्रेस
बारपेटा अबुल कलाम आजादतृणमूल कांग्रेस
लखीमपुरघाना कांता चुटियातृणमूल कांग्रेस
सिलचरराधाश्याम विश्वासतृणमूल कांग्रेस
टीएमसी, यूनाइटेड अपोजिशन फोरम असम (यूओएफए) का हिस्सा है। यह 16 दलों का गठबंधन है। कांग्रेस ने मंगलवार को असम की 14 लोकसभा सीट में से 12 पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी। कांग्रेस ने ‘INDIA’ गठबंधन की सहयोगी असम जातीय परिषद (एजेपी) को डिब्रूगढ़ सीट की पेशकश की है, जबकि लखीमपुर निर्वाचन क्षेत्र पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने बुधवार को घोषणा की कि उसके विधायक मनोरंजन तालुकदार बारपेटा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगे। इस सीट के लिए कांग्रेस ने पहले ही अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है।

कांग्रेस ने किन 12 सीटों पर किया उम्मीदवारों का ऐलान?

Congress Candidates List For Assam

असम में कांग्रेस के उम्मीदवारों की लिस्ट।

कांग्रेस ने लोकसभा उम्मीदवारों की दूसरी लिस्ट जारी कर 43 उम्मीदवारों के नाम पर मुहर लगाई, जिसमें असम की 12 सीटें भी शामिल हैं। इससे पहले कांग्रेस ने 39 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की थी, जिसमें सबसे प्रमुख नाम पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का था। उन्हें एक बार फिर से केरल की वायनाड सीट से प्रत्याशी बनाया गया है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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