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अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश की 13 सीटों पर टिकी पूरे देश की निगाहें, जानें क्यों खास है 1 जून का मतदान

UP Lok Sabha Chunav: लोकसभा चुनाव 2024 के सातवें चरण में उत्तर प्रदेश की 13 लोकसभा सीटों के लिये प्रचार का सिलसिला थम चुका है। ये चरण यूपी के लिए वाकई बेहद खास है, इसकी वजह है कि इसी राउंड में वाराणसी सीट पर वोटिंग होनी है। आपको बताते हैं कि राज्य की किन-किन सीटों पर 1 जून को मतदान होना है।

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अंतिम चरण का रण।

Photo : Times Now Digital

Uttar Pradesh Election: उत्तर प्रदेश की 13 लोकसभा सीटों पर अंतिम चरण में होने वाले मतदान के लिए पूरे देश बड़ी ही बेसब्री से इंतजार था। सात चरणों में हो रहे लोकसभा चुनाव 2024 के आखिरी राउंड के लिए 1 जून को वोटिंग होनी है। यानी 1 जून को शाम 6 बजे सभी 543 सीटों पर सभी 8 हजार 360 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। 4 जून को पिटारा खुलेगा और मतगणना के बाद ये साफ हो जाएगा कि किसकी किस्मत चमकी और किसके हाथ निराशा लगी।

यूपी की किन 13 सीटों पर 1 जून को मतदान?

  1. महाराजगंज
  2. गोरखपुर
  3. कुशीनगर
  4. देवरिया
  5. बांसगांव (सुरक्षित)
  6. घोसी
  7. सलेमपुर
  8. बलिया
  9. गाजीपुर
  10. चंदौली
  11. वाराणसी
  12. मिर्जापुर
  13. राबर्ट्सगंज (सुरक्षित)

यूपी की 13 सीटों पर कुल 144 उम्मीदवार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकसभा सीट वाराणसी समेत उत्तर प्रदेश की 13 लोकसभा क्षेत्रों के चुनाव और दुद्धी विधानसभा उपचुनाव के लिए प्रचार बृहस्पतिवार शाम समाप्त हो गया। इन सीट पर एक जून को मतदान होगा। इस चरण में इन लोकसभा क्षेत्रों के लिए कुल 144 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं, जिनमें 134 पुरुष और 10 महिलाएं हैं।

दुद्धी उपचुनाव के लिए छह उम्मीदवार

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि सोनभद्र जिले के दुद्धी (सुरक्षित) विधानसभा उपचुनाव के लिए छह उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा-126 के तहत सभी 13 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों तथा दुद्धी विधानसभा क्षेत्र में भी चुनाव प्रचार-प्रसार संबंधी समस्त गतिविधियों एवं अभियानों पर आज शाम छह बजे से प्रतिबंध रहेगा।

चुनाव प्रचार की अवधि समाप्त होने के बाद इन निर्वाचन क्षेत्रों में सभी राजनीतिक दलों के बाहरी कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की मौजूदगी पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सातवें चरण के चुनाव प्रचार अभियान की समाप्ति के बाद इन निर्वाचन क्षेत्रों के जिला निर्वाचन अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि राजनीतिक दलों के सभी बाहरी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता इस दौरान इन निर्वाचन क्षेत्रों में उपस्थित न रहें।

13 लोकसभा सीट में से 11 सामान्य श्रेणी

रिणवा के मुताबिक सातवें चरण में राज्य की 13 लोकसभा सीट में से 11 सामान्य श्रेणी की हैं, जबकि दो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं। इस चरण की 13 लोकसभा सीटों में महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया, बांसगांव (सुरक्षित), घोसी, सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर और राबर्ट्सगंज (सुरक्षित) शामिल हैं, जो 11 जिलों में स्थित हैं। दुद्धी विधानसभा क्षेत्र सोनभद्र जिले में है।

किस सीट पर कौन हाई प्रोफाइल उम्मीदवार?

इन चरण में प्रमुख उम्मीदवारों में वाराणसी से प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्री अपना दल (एस) की नेता अनुप्रिया पटेल (मिर्जापुर), पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के बेटे नीरज शेखर बलिया से, माफिया मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी गाजीपुर से, केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय चंदौली से, केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी महाराजगंज से, भोजपुरी अभिनेता रवि किशन गोरखपुर से शामिल हैं।

आखिरी दिन नेताओं ने लगाया एड़ी-चोटी का जोर

प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस नेता राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने अपनी-अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया। रिणवा ने कहा कि भीषण गर्मी को देखते हुए मतदान केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसमें ठंडा पेयजल, पुरुषों और महिलाओं के लिए शौचालय, विकलांगों और बुजुर्गों के लिए व्हीलचेयर और कुर्सियां शामिल हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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