Kota Loksabha Election 2024: कोटा -बूंदी लोकसभा सीट राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण सीटों में से एक है। इस सीट पर अब तक 16 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं, जिनमें से 4 बार कांग्रेस और 6 बार बीजेपी जीती है। हड़ौती (कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़) को भाजपा का गढ़ भी माना जाता है। कोटा सीट पर इस बार भाजपा और कांग्रेस की सीधी टक्कर है। बीजेपी के ओम बिरला यहां से तीसरी बार चुनावी मैदान में उतरे हैं। वहीं कांग्रेस ने उनके खिलाफ भाजपा से आए गुर्जर नेता प्रहलाद गुंजल को टिकट दिया है। अब 4 जून को पता चलेगा कि ओम बिरला जीत का हैट्रिक लगा पाएंगे या कांग्रेस उन्हें शिकस्त देने में कामयाब होगी।
कोटा लोकसभा सीट का हाल
कोटा सीट का जातिगत समीकरण
कोटा-बूंदी लोकसभा क्षेत्र से कुल मतदाता 20.88 लाख हैं। जिनमें पुरुष वोटर 10.73 लाख और महिला वोटर 10.15 लाख हैं। जातिगत आधार पर देखा जाए तो इस सीट पर सबसे ज्यादा वोटर मुस्लिम समुदाय से हैं। जिनकी संख्या करीब 2.70 लाख है। इसके अलावा मीणा 2.25 लाख, ब्राह्मण 2.05 लाख और ओबीसी वर्ग के वोटर 5.80 लाख हैं। जिनमें सबसे बड़ा तबका गुर्जर वर्ग का है, जिनकी संख्या 1.9 लाख है। गुर्जर वोटर्स को बीजेपी का कोर वोटर माना जाता रहा है। लेकिन इस बार कांग्रेस ने गुर्जर प्रत्याशी को मैदान में उतारा है। जिसके चलते माना जा रहा है कि कांग्रेस को गुर्जर वोट मिल सकते हैं।
कोटा सीट पर कौन हैं कैंडिडेट
कोटा लोकसभा सीट पर चुनावी मैदान में 15 उम्मीदवार उतरे हैं। लेकिन सीधा मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी के बीच है। कोटा सीट से मौजूदा सांसद बीजेपी के ओम बिरला हैं। भाजपा ने इस बार फिर से ओम बिरला पर भरोसा जताते हुए उन्हें टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने ओम बिरला को उन्हीं के घर में घेरते हुए गुर्जर नेता प्रहलाद गुंजल को प्रत्याशी बनाया है।
- ओम बिरला - बीजेपी
- प्रहलाद गुंजल - कांग्रेस
- धनराज यादव - बसपा
- आशीष योगी - एकम सनातन भारत दल
- बलदेव सिंह फोजी - भारतीय जवान किसान पार्टी
- तरुण गोचर - राइट टू रिकॉल पार्टी
- अब्दुल आसिफ - निर्दलीय
- भंवर कुमार रावल - निर्दलीय
- कैलाशी अनिल जैन - निर्दलीय
- कमल कुमार बैरवा - निर्दलीय
- लक्ष्मीचंद - निर्दलीय
- मोइनुद्दीन - निर्दलीय
- ओम प्रकाश शाक्यवाल - निर्दलीय
- रामनाथ मेहरा - निर्दलीय
- सत्येंद्र कुमार जैन - निर्दलीय
ओम बिरला
ओम बिरला ने साल 2003, 2008 और 2013 में विधायक का चुनाव लड़ा और जीता था। इसके बाद उन्होंने 2014 में कोटा सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ा, जिसमें उन्हें जीत मिली। ओम बिरला ने 2019 में भी इसी सीट से चुनाव जीता। दूसरी बार सांसद बनने के बाद उनको लोकसभा स्पीकर का पद भी मिला। 5 साल में देश की संसद में बतौर लोकसभा स्पीकर उन्होंने बेहरतरीन प्रदर्शन किया। इस बार के चुनाव में बीजेपी ने उन्हें फिर से कोटा सीट से प्रत्याशी बनाया है। इस बार वे यहां से जीत की हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं।
प्रहलाद गुंजल
प्रहलाद गुंजल ने अब तक 5 बार विधानसभा चुनाव लड़ा है। जिसमें उन्हें तीन बार हार और दो बार जीत मिली है। वे 2013 से 2018 तक कोटा उत्तर विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक रह चुके हैं। इससे पहले 2003 से 2008 तक कोटा की रामगंजमंडी सीट से विधायक रहे हैं। कोटा से लोकसभा का टिकट नहीं मिलने से नाराज प्रहालाद गुंजल ने हाल ही में बीजेपी का साथ छोड़कर कांग्रेस का हाथ थामा है। कांग्रेस ने उन्हें कोटा सीट से उम्मीदवार बनाया है।
