भाजपा ने अभी तक कैसरगंज से अपना उम्मीदवार घोषित नहीं किया है जहां 20 मई को लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में मतदान होगा।ओलंपियन समेत कई महिला पहलवानों ने छह बार के सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष रहते हुए यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। वहीं बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि कैसरगंज सीट उन 400 सीटों में से एक होगी जो चुनाव में भाजपा जीतेगी। "पीएम मोदी को कैसरगंज के बारे में चिंतन करने की ज़रूरत नहीं है, मैं उन्हें बताना चाहूंगा कि हम (जीत की) शुरुआत यहीं से करेंगे...कैसरगंज के लोगों को अचानक अच्छी खबर मिलेगी...पूरा क्षेत्र खुश होगा।"
कैसरगंज से भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह जिन्हें महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद भाजपा ने दरकिनार कर दिया है उनसे जब पूछा गया कि क्या वह लोक सभा के लिए पार्टी की लिस्ट में शामिल होंगे, तो उन्होंने सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया। निवर्तमान सांसद ने कहा, "क्या पार्टी ने मुझे टिकट देने से इनकार कर दिया है? क्या पार्टी ने एक लिस्ट जारी की है जिसमें मेरा नाम नहीं है।"
उन्होंने कहा, "...पार्टी का मानना है कि कैसरगंज भाजपा की सीट है। भले ही वे एक घंटे पहले ही उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर दें, लेकिन राज्य की जनता भाजपा उम्मीदवार को जिताएगी।"
उन्होंने कहा कि कैसरगंज सीट उन 400 सीटों में से एक होगी जो चुनाव में भाजपा जीतेगी। "पीएम मोदी को कैसरगंज के बारे में चिंतन करने की ज़रूरत नहीं है, मैं उन्हें बताना चाहूंगा कि हम (जीत की) शुरुआत यहीं से करेंगे...कैसरगंज के लोगों को अचानक अच्छी खबर मिलेगी...पूरा क्षेत्र खुश होगा।"
इससे पहले, भाजपा सांसद ने कहा था कि 99.9% संभावना है कि वह उत्तर प्रदेश निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे। "मैं अभी उम्मीदवार नहीं हूं। लेकिन कैसरगंज लोकसभा सीट पर बीजेपी का कोई मुकाबला नहीं है। पिछली बार मैंने 2 लाख से ज्यादा वोटों से सीट जीती थी। इस बार कार्यकर्ताओं ने 5 लाख वोट का नारा दिया है।" एएनआई ने कैसरगंज से मौजूदा सांसद के हवाले से यह बात कही।
गौर हो कि ओलंपियनों समेत कई महिला पहलवानों ने छह बार के सांसद पर डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष रहते हुए यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है।
इस घटना के बाद साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया सहित पहलवानों ने भूषण के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया।
