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WFI Suspended: खेल मंत्रालय का बड़ा एक्शन,भारतीय कुश्ती संघ को किया निलंबित

Sports Ministry suspends WFI: भारतीय कुश्ती संघ के चुनावों के बाद चल रहे विवाद के बीच खेल मंत्रालय ने सख्त एक्शन लेते हुए इसे निलंबित कर दिया है। इसका ऐलान मंत्रालय ने रविवार को किया है।

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संजय सिंह (फोटो -Twitter)

Sports ministry suspends wrestling federation: खेल मंत्रालय ने भारतीय कुश्ती संघ पर बड़ी कार्रवाई करते हुए इसकी मान्यता रद्द कर दी है। कुश्ती संघ के हाल ही में चुनाव संपन्न हुए थे जिसमें संजय सिंह को अध्यक्ष चुना गया था। मंत्रालय ने रविवार को अपने फैसले की घोषणा करते हुए कहा कि डब्ल्यूएफआई संस्था ने मौजूदा नियमों का ठीक से पालन नहीं किया है।

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में, खेल मंत्रालय ने कहा है कि कुश्ती संघ द्वारा राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की घोषणा जल्दबाजी में की गई और उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया।मंत्रालय ने हवाला दिया कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने 21 दिसंबर को घोषणा की कि जूनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं इस साल के अंत से पहले शुरू होंगी। मंत्रालय ने विस्तार से बताया कि यह नियमों के खिलाफ है और कम से कम 15 दिन के नोटिस की जरूरत है ताकि पहलवान तैयारी कर सकें।

साक्षी मलिक ने भी उठाए थे प्रतियोगिता पर सवाल

बता दें कि कुश्ती संघ के नए अध्यक्ष संजय सिंह ने हाल ही में जूनियर नेशनल चैंपियनशिप की घोषणा की थी, जिसमें ये टूर्नामेंट 28 दिसंबर से यूपी के गोंडा में शुरू होना था। इसको लेकर रेसलिंग छोड़ चुकीं साक्षी मलिक ने सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि 'मैंने कुश्ती छोड़ दी है पर कल रात से परेशान हूं, वे जूनियर महिला पहलवान क्या करें जो मुझे फोन करके बता रही हैं कि दीदी इस 28 तारीख से जूनियर नेशनल होने हैं और वो नयी कुश्ती फेडरेशन ने नन्दनी नगर गोंडा में करवाने का फैसला लिया है।"

साक्षी मलिक ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, "गोंडा बृजभूषण का इलाका है। अब आप सोचिए कि जूनियर महिला पहलवान किस माहौल में कुश्ती लड़ने वहां जाएंगी। क्या इस देश में नंदनी नगर के अलावा कहीं पर भी नेशनल करवाने की जगह नहीं है? समझ नहीं आ रहा कि क्या करूं।"

SIddharth Sharma
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सिद्धार्थ शर्मा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के स्पोर्ट्स डेस्क से जुड़े हैं। सिद्धार्थ को बचपन से ही खेलों, खासकर क्रिकेट में गहरी रुचि रही है और इसी जुनून ने उन्हें स्पोर्ट्स जर्नलिज्म की ओर खींचा। वह खिलाड़ियों के रिकॉर्ड्स और स्पोर्ट्स एनालिसिस पर मजबूत पकड़ रखते हैं। अबतक 4,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके सिद्धार्थ अपनी स्टोरीज को सरल, सटीक और रोचक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रहती है कि पाठकों तक तेजी से, सही समय पर और विश्वसनीय स्पोर्ट्स अपडेट्स पहुंचें।

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