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कितनी दिलचस्प है इस बार अयोध्या की लड़ाई? जानें फैजाबाद लोकसभा सीट का इतिहास और चुनावी समीकरण

Ayodhya Election:इसी साल अयोध्या के राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हुई है, मंदिर निर्माण के बाद पहली बार कोई चुनाव होने जा रहा है। लोकसभा चुनाव 2024 में इस सीट का समीकरण बेहद दिलचस्प है। यहां मौजूदा सांसद लल्लू सिंह पर भाजपा ने फिर भरोसा जताया है, तो सपा ने अवधेश प्रसाद को मैदान में उतारा है।

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अयोध्या की चुनावी लड़ाई।

Photo : Times Now Digital

History of Ayodhya Seat: उत्तर प्रदेश की फैजाबाद लोकसभा सीट पर इस बार बड़ा ही दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी ने दो बार से सांसद चुने जा रहे लल्लू सिंह पर फिर से भरोसा जताया है, तो वहीं समाजवादी पार्टी ने अवधेश प्रसाद को अपना उम्मीदवार बनाया है। मायावती की बसपा के टिकट से सच्चिदानंद पांडे मैदान में हैं। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद ये पहला चुनाव होने जा रहा है, जो कई मायनों में खास होगा। आपको इस सीट का इतिहास और इस बार का चुनावी समीकरण समझना चाहिए।

इस सीट का समीकरण समझिए

फैजाबाद लोकसभा सीट में पांच विधानसभा क्षेत्र दरियाबाद, रुदौली, मिल्कीपुर (एससी), बीकापुर और अयोध्या शामिल हैं। इन विधानसभा क्षेत्रों में से दरियाबाद पड़ोसी बाराबंकी जिले में स्थित है, जबकि बाकी चार विधानसभा क्षेत्र अयोध्या जिले में हैं। मिल्कीपुर सीट को छोड़कर (जो सपा के पास है) अन्य चार विधानसभा क्षेत्रों पर भाजपा ने 2022 के विधानसभा चुनावों में जीत हासिल की थी। जिसे देखते हुए अखिलेश यादव ने मिल्कीपुर के विधायक अवधेश प्रसाद को समाजवादी पार्टी का उम्मीदवार बनाया, जिसके चलते यहां की चुनावी लड़ाई और भी दिलचस्प हो गई है। आपको सबसे पहले इस सीट का इतिहास बताते हैं।

कब कौन रहा फैजाबाद का सांसद?

वर्षनाम पार्टी
1957राजा राम मिश्रभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1962बृज बसी लालभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1967राम कृष्ण सिन्हाभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1971राम कृष्ण सिन्हाभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1977अनंतराम जयसवालजनता पार्टी
1980जय राम वर्माभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आई)
1984निर्मल खत्रीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1989मित्रसेन यादवभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
1991विनय कटियारभारतीय जनता पार्टी
1996विनय कटियारभारतीय जनता पार्टी
1998मित्रसेन यादवसमाजवादी पार्टी
1999विनय कटियारभारतीय जनता पार्टी
2004मित्रसेन यादवबहुजन समाज पार्टी
2009निर्मल खत्रीभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
2014लल्लू सिंहभारतीय जनता पार्टी
2019लल्लू सिंहभारतीय जनता पार्टी
इस बार फैजाबाद लोकसभा सीट पर 13 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें मुख्य मुकाबला भाजपा के सिंह और सपा के प्रसाद के बीच है। बहुजन समाज पार्टी ने भी फैजाबाद निर्वाचन क्षेत्र से एक उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।

फैजाबाद सीट पर उम्मीदावरों की सूची

क्रम संख्याउम्मीदवार का नामपार्टी
1अवधेश प्रसादसमाजवादी पार्टी
2लल्लू सिंहभारतीय जनता पार्टी
3सच्चिदानंद पांडेबहुजन समाज पार्टी
4अनिल कुमार रावतराष्ट्रीय जनशक्ति समाज पार्टी
5अरविंद सेनभारतीय कम्युनिस्ट पार्टी
6अंबरीश देव गुप्ताभारत महापरिवार पार्टी
7कंचन यादवमौलिक अधिकार पार्टी
8ब्रजेंद्र दत्त त्रिपाठी उर्फ बी.डी.त्रिपाठीआदर्शवादी कांग्रेस पार्टी
9अरुण कुमारनिर्दलीय
10जगत सिंहनिर्दलीय
11फरीद सलमानीनिर्दलीय
12लाल मणि उर्फ एल.एम. त्रिपाठी (भाई साहब)निर्दलीय
13सुनील कुमार भट्टनिर्दलीय

कभी जनता पार्टी से जुड़े थे अवधेश प्रसाद

अवधेश प्रसाद ने पहली बार 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर सोहावल विधानसभा सीट जीती थी, इसके बाद 1985 में लोकदल के टिकट पर और 1989 में जनता दल के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की। 1993, 1996, 2002 और 2007 के चुनावों में उन्होंने समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में सोहावल विधानसभा सीट से जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने 2012 और 2022 के विधानसभा चुनावों में मिल्कीपुर (अनुसुचित जाति) विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की।

'भगवान राम मेरे साथ, राम मंदिर मुद्दा नहीं'

फैजाबाद लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार अवधेश प्रसाद ने दावा किया है कि उन्हें भगवान राम की कृपा प्राप्त है और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से भाजपा को कोई लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा, 'अयोध्या का राम मंदिर इस बार कोई मुद्दा नहीं है और भाजपा को इससे एक प्रतिशत लाभ भी नहीं मिल पाएगा।' प्रसाद ने कहा, 'मैं भाग्यशाली हूं कि मेरा जन्म अयोध्या में हुआ। इस लोकसभा चुनाव में भगवान राम की कृपा मुझ पर होगी और उनकी कृपा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।'

भाजपा सांसद पर बरसे सपा के अवधेश प्रसाद

फैजाबाद से भाजपा उम्मीदवार और मौजूदा सांसद लल्लू सिंह पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, "मतदाता मुझसे कह रहे हैं कि वह (सिंह) पिछले दस सालों में कभी उनके यहां नहीं आए। अगर आप यह सवाल 100 लोगों से पूछेंगे तो उनमें से कम से कम 80 फीसदी मेरे पक्ष में होंगे।" सिंह द्वारा फैजाबाद सीट पर तीसरी बार जीत दर्ज करने के प्रयासों पर 78 वर्षीय सपा नेता ने दावा किया कि वह (सिंह) चुनाव में अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएंगे। अयोध्या में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो से भाजपा उम्मीदवार की जीत की संभावना बढ़ने की बात से इनकार करते हुए प्रसाद ने कहा, "मोदी जी अयोध्या आए थे, लेकिन उनके दौरे के बारे में कोई चर्चा नहीं है।"

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले चुनावों के विपरीत, "इस बार जनता मेरी ओर से चुनाव लड़ रही है। वे मेरे लिए प्रचार कर रहे हैं और उन्होंने समाजवादी पार्टी और 'इंडिया गठबंधन' के उम्मीदवार को चुनाव में विजयी बनाने का मन बना लिया है।" यह पूछे जाने पर कि फैजाबाद में 'इंडिया गठबंधन' कितना मजबूत है प्रसाद ने कहा, "गठबंधन बहुत मजबूत है... स्थानीय कांग्रेस नेता हर विधानसभा क्षेत्र में हमें पूरा समर्थन दे रहे हैं।" उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री ने कहा, "अगर हमें संविधान, लोकतंत्र और आरक्षण को बचाना है तो हमें भाजपा को हराना होगा। उन्होंने सपा प्रमुख अखिलेश यादव को उन पर भरोसा जताने और उन्हें इस सीट से मैदान में उतारने के लिए धन्यवाद दिया।

20 मई, 2024 को फैजाबाद सीट पर मतदान

फैजाबाद सीट के लिए चुनाव प्रचार जोर पकड़ रहा है। यहां 20 मई को मतदान होना है। नौ बार विधायक रहे प्रसाद अयोध्या के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में जनसभाओं को संबोधित करने में व्यस्त हैं। अयोध्या फैजाबाद संसदीय क्षेत्र का हिस्सा है।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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