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कांग्रेस ने भी गलतियां की हैं, आने वाले समय में इसे अपनी राजनीति को बदलना होगा : राहुल गांधी

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  • Updated May 10, 2024, 10:56 PM IST

Rahul Gandhi Speech: राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक बात की गारंटी देता हूं कि अब जो चुनाव हो रहा है उसमें नरेन्‍द्र मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं बन रहे हैं।

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राष्ट्रीय संविधान सम्‍मेलन' को संबोधित करते हुए राहुल गांधी

Photo : Twitter

Rahul Gandhi Speech: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी ने भी गलतियां की हैं और उसे अपनी राजनीति में बदलाव करना होगा। शुक्रवार को लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 'राष्ट्रीय संविधान सम्‍मेलन' को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सच्चाई यह है कि कांग्रेस पार्टी को आने वाले समय में अपनी राजनीति को बदलना होगा। हालांकि उन्होंने गलतियों को स्पष्ट नहीं किया। इसके पहले उन्होंने दावा किया कि भाजपा 180 सीट से अधिक नहीं जीतेगी।

गलतियों को किया स्वीकार

राहुल गांधी ने कहा- ''मैं यह भी कहना चाहता हूं कि कांग्रेस पार्टी ने भी गलतियां की हैं, मैं कांग्रेस का होते हुए भी यह कह रहा हूं। मुझे और किसी चीज में रुचि नहीं है। अब सवाल उठता है कि आगे क्‍या करना है। किसी का नुकसान नहीं करना है, सबसे पहले हिंदुस्तान की जो सामाजिक सच्चाई है उसको देश के सामने रखना है। किसी को धमकी नहीं देनी, चोट नहीं मारना है।"

पीएम पर राहुल गांधी का निशाना

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा, ''एक बात की गारंटी देता हूं कि अब जो चुनाव हो रहा है उसमें नरेन्‍द्र मोदी जी प्रधानमंत्री नहीं बन रहे हैं। आप चाहते हो तो साइन करके दे देता हूं।' मोदी जी की पूरी रणनीति भाई को भाई से लड़ाने की है और इस चुनाव में वह काम नहीं कर रहा है। अगर पूरी चीटिंग कर दी गयी, तो कोई बात नहीं, लेकिन उनकी पार्टी 180 (सीट) से आगे नहीं जा रही है।"

पीएम मोदी पर लगाया आरोप

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया- ''इनका लक्ष्य सार्वजनिक क्षत्र के उपक्रमों को खत्म करना है और ये दलितों पिछड़ों, आदिवासियों के रास्ते एक-एक कर खत्म कर रहे हैं। इनके नेता खुलकर कह रहे कि हम आरक्षण को खत्म कर देंगे और मैं खुलकर कह रहा कि आप आरक्षण को कभी खत्म नहीं कर सकते। मोदी जी जो सुपर पावर की बात करते हैं वह 90 प्रतिशत आबादी के बिना हो ही नहीं सकता है। नौकरशाही, मीडिया, न्यायपालिका, खेल में 90 प्रतिशत नहीं आएंगे तो कौन सा सुपर पावर बनने वाला है।"

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