Hilsa Assembly Election 2025: कांटे की टक्कर वाले हिलसा में इस बार भी कड़ा मुकाबला; 12 वोटों से हार का क्या RJD ले पाएगी बदला?

Hilsa Assembly Constituency (हिलसा विधानसभा सीट): हिलसा विधानसभा क्षेत्र, नालंदा लोकसभा के अंतर्गत, बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चा में है। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध यह सीट जातीय समीकरणों के कारण बेहद संवेदनशील मानी जाती है। 2020 में JDU ने RJD को मात्र 12 वोटों से हराया था, जो सबसे करीबी मुकाबलों में से एक था। 2025 में JDU, RJD और जन सुराज पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं। 3 लाख से अधिक मतदाताओं वाली यह सीट फिर से कांटे की टक्कर का गवाह बन सकती है। जानते हैं कैसा है हिलसा सीट का समीकरण।

Hilsa Assembly Constituency (हिलसा विधानसभा सीट): नालंदा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला हिलसा विधानसभा क्षेत्र बिहार की राजनीति में एक बार फिर सुर्खियों में है। यह सीट ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद अहम मानी जाती है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा में आने के कारण इस क्षेत्र पर JDU का परंपरागत प्रभाव रहा है, लेकिन RJD भी यहां कड़ी टक्कर देती आई है।

hilsa assembly constituency.

हिलसा सीट का चुनावी समीकरण

हिलसा का राजनीतिक इतिहास

अब तक हिलसा में 16 बार चुनाव हो चुके हैं। कांग्रेस ने यहां 4 बार, समता पार्टी (जो बाद में जेडीयू में विलीन हुई) ने 5 बार, जबकि जनसंघ, बीजेपी, RJD, जनता पार्टी और जनता दल ने एक-एक बार जीत दर्ज की है। यह सीट जातीय समीकरण के लिहाज से बेहद संवेदनशील मानी जाती है। यहां कुर्मी और यादव मतदाता यहां निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा पासवान, रविदास, भूमिहार, मुस्लिम और अति पिछड़ा वर्ग (EBC) मतदाता भी चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं।

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