Ater MP (Madhya Pradesh) Chunav Election Result 2023: मध्य प्रदेश की अटेर सीट पर मुकाबला बहुत हाई हाई प्रोफाइल है। इस सीट पर बीजेपी के अरविंद सिंह भदौरिया चुनावी मैदान में उतरे हैं। इस सीट के चुनाव नतीजों पर सबकी नजर लगी हुई है। इस सीट पर अरविंद सिंह भदौरिया का मुकाबला कांग्रेस उम्मीदवार हेमंत कटारे से हैं। इस सीट पर वोटों की गिनती सुबह आठ बजे से शुरू हो गई है। मतगणना की शुरुआत पोस्टल बैलेट की गिनती के साथ शुरु हो गई। इसके बाद ईवीएम (EVM) के मतों की चरणवार गिनती होगी। शुरुआती रुझान धीरे-धीरे नतीजों में तब्दील हो जाएंगे। अटेर विधानसभा सीट(09) से जुड़े हर ताजा अपडेट के लिए यहां जुड़ें...
मतगणना का ऐसा है ताजा हाल
| क्रमांक | उम्मीदवार | पार्टी | मत | परिणाम |
| 1. | हेमंत कटारे | कांग्रेस | 68607 | 19788 वोट से जीत |
| 2. | अरविंद सिंह भदौरिया | भाजपा | 48819 | 19788 वोट से हार |
| 3. | हरि शंकर फोगी | अन्य | 18690 | 49917 वोट से हार |
अरविंद सिंह भदौरिया का राजनीतिक सफर
भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार साल 2008 में अरविंद सिंह भदौरिया ने अटेर विधानसभा क्षेत्र से जीत हासिल की थी। उस वक्त उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता, पूर्व मंत्री और पूर्व नेता प्रतिपक्ष सत्यदेव कटारे को करारी शिकस्त दी थी और पहली बार विधायक बने थे। मध्य प्रदेश राज्य की अटेर विधानसभा सीट से ही उन्होंने साल 2018 में दोबारा जीत हासिल की और दूसरी बार विधायक चुने गए। उनकी भूमिका 2020 में बेहद अहम मानी गई जब ऑपरेशन लोटस के जरिए कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को गिराकर भाजपा ने सरकार में वापसी की थी। जब दोबारा शिवराज सरकार बनी तो साल 2020 में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया और सहकारिता एवं लोक प्रबंधन विभाग दिया गया।अरविंद सिंह भदौरिया की जिंदगी और करियर
भाजपा नेता और मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के पिता का नाम शिवनाथ सिंह भदौरिया और माता का नाम कमला भदौरिया है। साल 2007 में उन्होंने अर्चना भदौरिया के शादी की और वैवाहिक जीवन में प्रवेश किया। उनके एक बेटे का नाम विराज भदौरिया है।अटेर सीट से विधायक और भाजपा प्रत्याशी अरविंद सिंह भदौरिया का जन्म मध्य प्रदेश राज्य के भिंड जिले के ज्ञानपुरा गांव में 2 अक्टूबर 1968 को हुआ था। वो अपने माता-पति कमला देवी और शिवनाथ सिंह भदौरिया की तीसरी संतान हैं। भदौरिया के पिता उस वक्त पुलिस विभाग से नाता रखते थे, जबकि उनकी माता एक आदर्श धार्मिक गृहिणी थीं। अरविंद काफी छोटी सी उम्र में आरएसएस की शाखा से जुड़ गए थे और विद्यार्थी जीवन में ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के रादस्त छात्र राजनीति से जुड़ गए थे। उन्होंने जीवाजी विश्वविद्यालय से एमए एलएलबी( MA LLB) और सैन्य विज्ञान से PhD (Military Science) की पढ़ाई की है।
