अगर मतदाता कोविड पॉजिटिव हैं तो वो कैसे डालेंगे अपना वोट? चुनाव आयोग ने बताया

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने शनिवार को घोषणा की 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग व्यक्ति और कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज डाक मतपत्रों से मतदान कर सकते हैं।

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10 को पहले चरण की वोटिंग होनी है 
मुख्य बातें
  • इस बार चुनाव अलग तरह के होंगे
  • कोविड के चलते कई तरह के प्रतिबंध लगाए गए हैं
  • कोविड पॉजिटिव लोग भी मतदान कर सकेंगे

देश में कोविड-19 के मामले काफी तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी बीच चुनाव आयोग ने 8 जनवरी को 5 राज्यों में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी। आयोग ने कहा कि मतदान कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए होंगे। सभी मतदान केंद्रों पर सैनिटाइजर और मास्क जैसी कोविड से बचाव की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, मतदाता केंद्रों की संख्या बढ़ाई जाएगी। मतों की गिनती 10 मार्च को होगी। 

इस बीच सवाल उठता है कि अगर कुछ लोग कोविड पॉजिटिव होते हैं तो वो कैसे अपना वोट देंगे। इस सवाल के जवाब में चुनाव आयोग ने कहा कि पोस्टल बैलेट की सुविधा उन लोगों को उपलब्ध होगी जो आगामी चुनाव के दौरान मतदान के समय कोविड पॉजिटिव होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने कहा कि 80 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांग व्यक्ति और कोविड-19 के मरीज डाक मतपत्रों से मतदान कर सकते हैं। आयोग के अनुसार, जो लोग कोविड पॉजिटिव हैं, उनके पास पोलिंग साइकिल के अंत में एक विशिष्ट समय स्लॉट पर शारीरिक रूप से वोट डालने का विकल्प होगा। इन लोगों को एक टोकन दिया जाएगा और मतदान अवधि के अंतिम घंटे के दौरान आने के लिए कहा जाएगा।

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव सात चरणों में होंगे। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का पहला चरण 10 फरवरी को होगा। 14 फरवरी को दूसरे चरण, 20 फरवरी को तीसरे, 23 फरवरी को चौथे चरण, 27 फरवरी को पांचवें, तीन मार्च को छठे और 7 मार्च को सातवें चरण का मतदान होगा। उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में एक ही चरण में 14 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। मणिपुर में दो चरणों में 27 फरवरी और तीन मार्च को मतदान होगा। 

15 जनवरी तक रैली-रोड शो पर रोक

आयोग ने यह भी कहा कि कोविड-19 के मद्देनजर कोई भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार किसी भी तरह की रैली या जनसभा, रोड शो, पद यात्रा या साइकिल या बाइक रैली या फिर नुक्कड़ सभाओं जैसे आयोजन 15 जनवरी तक नहीं कर सकेगा। सार्वजनिक सड़कों पर कोई नुक्कड़ सभा नहीं होगी। चुनाव नतीजों के बाद कोई विजय जुलूस नहीं निकाला जाएगा। कोरोना से बचाव संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए चुनावी प्रक्रिया को संपन्न किया जाएगा और इसमें हिस्सा लेने वाले सभी कर्मियों को कोविड-19 रोधी टीके की एहतियाती खुराक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाएगी। सभी राज्यों को यह हलफनामा देना होगा कि वे सभी दिशानिर्देशों का पालन करेंगे। कोविड दिशानिर्देशों का पालन नहीं करने वाले कानूनी कार्रवाई के भागी होंगे।

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