Election Guidelines: पहली बार नहीं दिखेंगी चुनावी रैली और जनसभाएं, जुलूस भी नहीं निकाल सकेंगे विजेता कैंडिडेट

Assembly Election 2022 Guidelines Highlights: पांच राज्यों की तारीखों का ऐलान करते हुए आयोग ने कहा कि सभी राजनीतिक दल एवं उम्मीदवार इस बात का हलफनामा देंगे कि वे चुनाव से संबंधित सभी निर्देशों एवं गाइडलाइन का पालन करेंगे।

Assembly Election 2022 Guidelines of Uttar Pradesh, Manipur, Uttarakhand, Goa, Punjab
पहली बार चुनावी रैली और जनसभाएं नहीं कर सकेंगे राजनेता 
मुख्य बातें
  • अधिकतम पांच लोगों को घर-घर जाकर प्रचार करने की अनुमति होगी
  • विजेता उम्मीदवार के साथ केवल दो लोग जीत का प्रमाणपत्र लेने रिटर्निंग ऑफिसर के पास जाएंगे
  • स्टार प्रचारकों की सूची में भी चुनाव आयोग ने की कटौती

नई दिल्ली: पांच राज्यों में तारीखों का ऐलान करते हुए चुनाव आयोग ने एक अहम ऐलान भी किया। आयोग ने कोविड के मौजूदा बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को 15 जनवरी तक कोई रैली या यात्रा की अनुमति नहीं होगी सिर्फ डिजिटल माध्यम से प्रचार पर जोर होगा। आयोग ने कहा कि इस दौरान कोई रोड शो, चुनावी रैली,  नुक्कड़ सभा, बाइक रैली या साइकिल और पदयात्रा नहीं होगी। आयोग ने कहा कि सभी चुनाव अधिकारियों और कर्मचारियों को फ्रंटलाइन वर्कर माना जाएगा और सभी पात्र अधिकारियों को प्रीकोशनरी डोज़ लगाई जाएगी। आयोग ने कहा कि आदर्श आचार संहिता के किसी भी उल्लंघन से सख्ती से निपटा जाएगा।

डिजिटल माध्यम को करें उपयोग

चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनाव प्रचार डिजिटल, वर्चुअल, मोबाइल के जरिए करें और फिजिकल प्रचार के पारंपरिक साधनों का इस्तेमाल कम से कम करें। आयोग ने साफ कहा कि  त आठ बजे से सुबह आठ बजे तक कोई प्रचार, जन संपर्क राजनीतिक पार्टियां नहीं कर सकेंगी। वहीं चुनाव में जीत के बाद कोई भी उम्मीदवार विजय जुलूस नहीं निकाल पाएंगे और विजय उम्मीदवार दो लोगों के साथ प्रमाण पत्र लेने जाएंगे। पार्टियों को तय जगहों पर ही सभा करने की अनुमति होगी।

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मतदान की टाइमिंग में बढ़ोत्तरी

आयोग ने तारीखों के ऐलान के साथ ही एक अहम ऐलान करते हुए कहा कि मतदान के लिए समय को एक घंटा बढ़ा दिया गया है और ऐसा कोरोना की वजह से किया गया है। आयोग ने C vigil एप जनभागीदारी के लिए बनाया गया है जिससे आयोग की गाइडलाइंस का उल्लंघन होने की स्थिति में कोई भी उल्लंघन का वीडियो, ऑडियो या सबूत अपलोड कर सकते हैं। 100 मिनट के अंदर आयोग की टीम पहुंचकर शिकायतकर्ता के नाम पते की गोपनीयता के साथ कार्रवाई होगी।  गाइडलाइन के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर उम्मीदवार को रैलियां एवं बैठक करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

डोर टू डोर कैंपेन के लिए सिर्फ पांच लोगों की इजाजत

संबंधित एसडीएमए के मौजूदा निर्देश के अनुसार। इन बैठकों के लिए राजनीतिक पार्टियों अपने प्रचार में शामिल होने वाले व्यक्तियों को मास्क और सैनिटाइज़र वितरित करेंगी और एंट्री और एग्जिट प्वॉइंट्स पर COVID प्रोटोकॉल का पालन होगा। सुनिश्चित करें कि सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन हो। डोर टू डोर अभियान में अधिकतम 5 (पांच) व्यक्तियों को अनुमति होगी।

स्टार प्रचारकों की संख्या में कटौती

वाहनों के काफिले को प्रत्येक 5 (पांच) वाहनों के बाद तोड़ा जाए और वाहनों के काफिले के दो सेटों के बीच का अंतराल 100 मीटर के अंतराल के बजाय आधे घंटे का हो। दी गई अभियान अवधि की अनुमति के दौरान, वाहनों के काफिले को केवल प्रचार के लिए एक स्थान से दूसरे स्थान तक वाहनों की आवाजाही के लिए अनुमति दी जाएगी। मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय/राज्यीय राजनीतिक दलों के लिए स्टार प्रचारकों की अधिकतम संख्या 40 के स्थान पर 30 निर्धारित की गई है। गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल 20 के स्थान पर 15 कर दी गई है। सभी आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था करने के लिए अभियान शुरू होने से कम से कम 48 घंटे पहले स्टार प्रचारकों द्वारा अभियान की अनुमति के लिए अनुरोध किया जा सकता है।

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