जालंधर पहुंचे अरविंद केजरीवाल, धर्मांतरण कानून पर सियासी बवाल के बीच दिया बड़ा बयान

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jan 29, 2022, 02:38 PM IST

पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए जलंधर में आप की एक रैली को संबोधित करते हुए दिल्‍ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने धर्मांतरण विरोधी कानून की वकालत की तो इस दौरान वह जनता से जातीय कनेक्‍शन भी जोड़ते नजर आए।

जालंधर पहुंचे अरविंद केजरीवाल, धर्मांतरण कानून पर सियासी बवाल के बीच दिया बड़ा बयान
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जालंधर : पंजाब में विधानसभा चुनाव के लिए तकरीबन सभी दलों ने पूरी ताकत झोंक रखी है, जिसमें आम आदमी पार्टी भी अपवाद नहीं है। खुद अरविंद केजरीवाल पार्टी के प्रचार अभियान की बागडोर संभाले हुए हैं, जो दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री होने के साथ-साथ AAP के राष्‍ट्रीय संयोजक भी हैं। पार्टी ने यहां भगवंत मान को मुख्‍यमंत्री उम्‍मीदवार के तौर पर सामने किया है। पार्टी के प्रचार के लिए अरविंद केजरीवाल जालंधर पहुंचे, जहां उन्‍होंने लोगों का भरोसा जीतने की की बात कही तो वह धर्म परिवर्तन को लेकर सख्‍त कानून बनाने की भी वकालत करते नजर आए। यहां वह जातीय कनेक्‍शन भी जोड़ते दिखे।

अरविंद केजरीवाल जलंधर में आप की रैली को संबोधित कर रहे थे, जब उन्‍होंने कहा, 'दिल्‍ली में कारोबारी और उद्योगपति बीजेपी के परंपरागत वोट बैंक समझे जाते हैं। मैं खुद बनिया हूं, लेकिन दिल्‍ली के बनिया लोगों ने मुझे कभी वोट नहीं दिया। उन्‍होंने मुझे तब वोट देना शुरू किया, जब मैंने उनके दिलों को जीता। हमें पांच साल दीजिये, हम आपके भी दिल जीत लेंगे।'

धर्मांतरण विरोधी कानून का समर्थन

वहीं, रैली के दौरान वह धर्म परिवर्तन विरोधी विवादास्पद कानून का समर्थन करते नजर आए, जब उन्‍होंने कहा कि यूं तो धर्म निजी मसला है और हर किसी को अपनी इच्‍छा के अनुसार अपने ईश्‍वर की अराधना का अधिकार हासिल है, लेकिन धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून जरूर बनना चाहिए। हां, इसकी आड़ में किसी को परेशान या उसका उत्‍पीड़न नहीं होना चाहिए। अगर किसी को डरा-धमकाकर या लालच देकर उसका धर्म परिवर्तन कराया जाता है तो यह गलत है।

आप नेता के इस बयान को बीजेपी शासित कई राज्‍यों में लाए गए धर्म परिवर्तन विरोधी कानून से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसका भारी विरोध भी हुआ है और जिसे लेकर स‍ियासी बवाल मचा हुआ है।

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