UPPSC Exam Guidelines: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की तरफ से 30 सितंबर 2025 को पीसीएस और एसीएफ/आरएफओ प्रीलिम्स एग्जाम (UPPCS Prelims Exam) 2025 के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए ये बड़ी खबर है। इस परीक्षा में लाखों उम्मीदवार बैठने वाले हैं। ऐसे में आयोग ने इन छात्रों के लिए कुछ अहम दिशानिर्देश जारी किए हैं, जिन्हें जानना हर उम्मीदवार के लिए बेहद जरूरी है।
कब होंगे एग्जाम? (UPPCS Exam Date)
12 अक्टूबर को ये परीक्षा 75 जिलों में आयोजित हो रही है। आयोग ने जानकारी दी है कि एग्जाम दो शिफ्ट में होंगे। पीसीएस प्रीलिम्स के साथ ही सहायक वन संरक्षक (ACF) और क्षेत्रीय वन अधिकारी (RFO) के प्री एग्जाम भी उसी दिन आयोजित होंगे। अब एग्जाम शुरू होने से पहले छात्र इन जरूरी बातों को जान लें। आयोग ने एग्जाम और एडमिट कार्ड की जानकारी के साथ-साथ छात्रों के लिए परीक्षा संबंधी दिशानिर्देश भी जारी किए हैं।
इस हाल में नहीं मिलेगी एंट्री (UPPCS Exam Guidelines)
आयोग ने सभी परीक्षार्थियों के लिए जारी दिशानिर्देशों में साफ कहा है कि देरी से आने वाले उम्मीदवारों को एंट्री नहीं दी जाएगी। एग्जाम शुरू होने से आधा घंटा पहले हर हाल में छात्र सेंटर में मौजूद रहने चाहिए। इसके साथ ही परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, कैलकुलेटर, ब्लूटूथ, स्मार्च वॉच या फिर किसी भी तरह का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर जाना सख्त मना है। अगर किसी भी उम्मीदवार के पास इनमें से कुछ भी मिलता है तो उसे नकल की श्रेणी में माना जाएगा। ड्रेस कोड का खास ख्याल रखना होगा। परीक्षा में साधारण कपड़े पहनकर ही जाना होगा। बड़े बटन, बैज, बेल्ट या फिर जेब वाले कपड़े ना पहनें।
आयोग ने ये भी साफ किया है कि एक बार एग्जाम के लिए बैठने पर बीच में उठकर जाने की बिल्कुल भी अनुमति नहीं होगी।
आयोग ने जारी किए निर्देश (UP PCS Exam 2025)
उम्मीदवार सिर्फ ब्लैक बॉल प्वाइंट पेन का ही इस्तेमाल करें। अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में उपस्थित होने के लिए दो आईडी प्रूफ (ओरिजनल और फोटोकॉपी) साथ लेकर जाना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही आयोग ने कड़ाई के भी निर्देश दिए हैं। आयोग ने साफ किया है कि नकल या फिर किसी तरह की गड़बड़ी पर उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा अनुचित साधनों का निवारण अधिनियम 2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। नकल करना या फिर कराना दोनों ही अपराध की श्रेणी में आएगा।
