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बेटे की पढ़ाई के लिए बेची गई पुश्तैनी जमीन, IPS बन बेटे ने बढ़ाया पिता का मान

IPS Noorul Hasan Motivational Inspirational Story: भारत की सबसे कठिन परीक्षा यूपीएससी सिविल सेवा के लिए हर साल लाखों उम्मीदवार आवेदन करते हैं। लेकिन सफल कुछ ही लोग हो पाते हैं। आज हम ऐसे ही IPS अधिकारी के बारे में आपको बताएंगे, जिन्होंने जिंदगी की चुनौतियों का सामना करते हुए यूपीएससी की परीक्षा पास की। आर्थिक तंगी के बावजूद उनके पिता ने बेटे की शिक्षा में किसी तरह की कमी नहीं रखी थी।

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आर्थिक तंगी के बीच IPS बन नूरूल ने रचा इतिहास

IPS Noorul Hasan Motivational Inspirational Story: एक पिता अपने बच्चों को अच्छी परवरिश और शिक्षा देने के लिए हर मुमकिन प्रयास करता है। जो उसे नहीं मिला है, वह अपने बच्चों को देने की कोशिश करता है। लेकिन जब जिंदगी हर कदम पर आपकी परीक्षा लेना चाहती हो तो हालात और मुश्किल हो जाते हैं। ऐसे ही स्थिति में एक पिता ने हिम्मत नहीं हारी और न ही अपने बेटे के हिम्मत हारने दी। आर्थिक चुनौतियों से जूझते हुए इरादों के पक्के एक बेटे ने यूपीएससी परीक्षा पास की और आईपीएस अधिकारी बने। आज हम आपको उन्हीं के बारे में बताने जा रहे हैं।

कहते हैं लगन और इरादे पक्के हो तो चुनौतियों से भरा जीवन आपको सफलता की ओर ले ही जाता है। इस बात को सच साबित किया पिता-बेटे की इस जोड़ी ने, जहां पिता ने अपने बेटे के सपने को पूरा करने के लिए सबकुछ किया। यहां तक की जरूरत पड़ने पर उन्होंने अपनी पुश्तैनी जमीन तक बेच दी। आइए आज IPS अधिकारी नूरूल की मोटिवेशनल स्टोरी के बारे में बताएं। जो आपको भी जोश से भर देगा।

कौन है नूरूल, जिनका बस्ती से शुरू हुआ सफर

नूरूल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव से की। उसके बाद उन्होंने 12वीं की शिक्षा बरेली के मनोहर लाल भूषण कॉलेज से प्राप्त की। 12वीं के बाद वह बीटेक की शिक्षा प्राप्त अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से प्राप्त की। बीटेक करने के बाद उन्होंने नौकरी शुरू की।

पढ़ाई के लिए पिता ने बेची पुश्तैनी जमीन

12वीं के बाद बीटेक में प्रवेश लेने के लिए नूरूल के पास कोचिंग के लिए पैसे नहीं थे। लेकिन बेटे की पढ़ाई पर कोई असर न हो इसके लिए पिता ने एक बार नहीं सोचा और बेटे की पढ़ाई के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन बेची और फीस भरी।

बीटेक के बाद वैज्ञानिक बनें नूरूल

नौकरी से मिलने वाली सैलरी से गुजरा करना और जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा था, तो नूरूल ने भाभा एटॉमिक रिसर्च इंस्टीट्यूट का एग्जाम दिया और इस परीक्षा को पास किया। यहां सेलेक्शन के बाद मुंबई में वैज्ञानिक के तौर पर उन्होंने काम किया।

नौकरी करते हुए की यूपीएससी की तैयारी

मुंबई में वैज्ञानिक की नौकरी करते हुए नूरूल ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। अपने पहले प्रयास में वह प्रीलिम्स की परीक्षा पास नहीं कर पाएं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और तैयारी जारी रखी। उसके बाद दूसरी परीक्षा देने पर उन्होंने न केवल प्रीलिम्स की परीक्षा पास की, बल्कि मेंस की परीक्षा भी पास की और इंटरव्यू दिया, लेकिन वह इंटरव्यू में सेलेक्ट नहीं हुए।

बार-बार असफलता के बाद भी नहीं मानी हार

बार-बार मिल रही असफलता से भी नूरूल निराश नहीं हुए और उन्हें आगे बढ़ने के लिए तैयारी जारी रखी। और अपने तीसरे प्रयास में 2015 में उन्होंने प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू सब पास किया और आईपीएस अधिकारी बने और पिता का सिर गर्व से ऊंचा किया।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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