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IAS Arti Dogra Success story: साढ़े 3 फीट का कद लेकिन हौसले आसमान जैसे, UPSC में 56वीं रैंक लाकर रचा इतिहास

  • Authored by: कुलदीप राघव
  • Updated Oct 6, 2023, 07:29 AM IST

IAS Arti Dogra Success story: आपने तमाम आईएएस अधिकारियों के सफलता की कहानी सुनी होंगी, लेकिन आज हम आपको जो कहानी बता रहे हैं वो काफी अलग है। साढ़े 3 फीट हाइट वाली जिस आरती डोगरा का स्कूल-कॉलेज में मजाक बना, उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और पहले प्रयास में 56वीं रैंक लाकर मजाक बनाने वालों की बोलती बंद कर दी।

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IAS Arti Dogra Success story

IAS Arti Dogra Success story in Hindi: आपने तमाम आईएएस अधिकारियों के सफलता की कहानी सुनी होंगी, लेकिन आज हम आपको जो कहानी बता रहे हैं वो काफी अलग है। कद नहीं काम बोलता है..., इस बात को साबित कर दिया है साढ़े 3 फीट हाईट वाली आईएएस आरती डोगरा ने। स्कूल-कॉलेज में उनके कद का मजाक बना तो यूपीएससी की तैयारी की और पहले प्रयास में 56वीं रैंक लाकर मजाक बनाने वालों की बोलती बंद कर दी।

साढ़े 3 फीट हाईट वाली आईएएस आरती डोगरा का स्कूल कॉलेज में मजाक बनता था लेकिन उस वक्त उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की और साल 2006 में पहले प्रयास में 56वीं रैंक लाकर मजाक बनाने वालों की बोलती बंद कर दी।

डीयू से की ग्रेजुएशन

आरती का जन्म उत्तराखंड के देहरादून जिले में हुआ था। आरती अपने माता पिता की इकलौती संतान हैं। उनके पिता राजेन्द्र डोगरा पेश से कर्नल और मां कुमकुम स्कूल प्रिसिंपल हैं। आरती की स्कूलिंग देहरादून के वेल्हम गर्ल्स स्कूल में हुई। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन की। पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए वापस देहरादून गई डीएम मनीषा से मिलीं। यहां से उन्हें आईएएस बनने की प्रेरणा मिली।

पीएम मोदी भी काम के मुरीद

उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की और साल 2006 बैच के राजस्थान कैडर की आईएएस ऑफिसर बन गईं। आरती डोगरा बीकानेर, अजमेर की कलेक्टर रही हैं। खुद प्रधानमंत्री भी उनके कामों के मुरीद रह चुके हैं। आरती डोगरा को स्टेट लेवल से लेकर नेशनल लेवल तक कई अवार्ड मिल चुके हैं।

आरती डोगरा की उपलब्धियां

आरती जोधपुर डिस्कॉम में निदेशक के पद पर नियुक्त होने वाली पहली महिला आईएएस हैं! आरती की शारीरिक बनावट पर कई तरह के सवाल उठे थे लेकिन वे डगमगाई नहीं। आरती ने बीकानेर की जिलाधिकारी के तौर पर ‘बंको बिकाणो’ नामक अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के जरिए ‘खुले में शौच ना करने’ के लिए कहा गया। बंको बिकाणो की सफलता के बाद आरती डोगरा को राष्ट्रीय और राज्य स्तर के कई पुरस्कार मिले।

कुलदीप राघव
कुलदीप राघवauthor

कुलदीप राघव प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक अनुभव का रखने वाले पत्रकार हैं। टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वह एजुकेशन सेक्शन को लीड कर रहे हैं। एजुकेशन सेक्टर की गहरी समझ और लगातार फील्ड-ओरिएंटेड रिपोर्टिंग के कारण कुलदीप इस बीट के भरोसेमंद पत्रकारों में गिने जाते हैं। वे स्कूल और उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाएं, एडमिशन और काउंसलिंग प्रोसेस, स्कॉलरशिप, करियर गाइडेंस, जॉब अलर्ट, स्किल डेवलपमेंट और युवाओं से जुड़े सामाजिक-शैक्षणिक मुद्दों पर तथ्यात्मक और आसान भाषा में खबरें पब्लिश करते हैं। कुलदीप ने अब तक 18,000 से अधिक बाइलाइन स्टोरीज लिखी हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, विश्लेषण, डेटा आधारित रिपोर्ट्स और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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