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France में भारतीय छात्रों के लिए क्या हैं Visa Rule? जानिए पढ़ाई और जॉब से जुड़े हर सवाल का जवाब

अगर आप विदेश में खास तौर पर फ्रांस में पढ़ने की तैयार कर रहे हैं तो आपके लिए यहां के Visa Rule? के बारे में जानना जरूरी है। आइए जानें भारतीय छात्रों के लिए क्या है फ्रांस का वीजा नियम।

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France में भारतीय छात्रों के लिए क्या हैं Visa Rule? जानिए पढ़ाई और जॉब से जुड़े हर सवाल का जवाब

France Visa Rule: अगर आपका भी सपना विदेश जाकर पढ़ाई करने का है, तो फ्रांस आपके लिए एक बेहतरीन ऑप्शन साबित हो सकता है। जी हां, फ्रांस की वर्ल्ड क्लास एजुकेशन, जॉब अपॉर्चुनिटी, समृद्ध संस्कृति और यूरोपीय देशों में घूमने के अवसरों के कारण हर साल हजारों भारतीय छात्र फ्रांस का तरफ अपना रुख करते हैं। लेकिन किसी भी देश में जाने से पहले वहां के वीजा नियमों और पढ़ाई के बाद काम करने के अवसरों के बारे में हर छात्र का जानना और उसे सही तरीके से समझना सबसे ज्यादा जरूरी होता है। विदेश में पढ़ाई के सपने की तैयारी करते हुए अक्सर मन में यह सवाल रहता है कि क्या वीजा पाना आसान है? पढ़ाई के दौरान या कोर्स खत्म होने के बाद पार्ट-टाइम जॉब की अनुमति है या नहीं? आइए, इन सभी सवालों के जवाबों क बारे में जानते हैं -

फ्रांस का स्टूडेंट वीजा

फ्रांस में पढ़ाई के लिए जाने से पहले आपको यह तय करना होता है कि आपका कोर्स कितना लंबा है। इसी आधार पर वीजा की श्रेणी तय होती है। जी हां, फ्रांस में छात्रों के लिए एक तरह का वीजा नहीं होता है। यहां शॉर्ट स्टे वीजा और लॉन्ग स्टे वीजा दिया जाता है, जो आपके कोर्स की अवधि के अनुसार होता है। आइए दोनों के बीच के अंतर के बारे में समझें-

शॉर्ट-स्टे वीजा: अगर आपका कोर्स 3 महीने (90 दिन) या उससे कम अवधि का है, तो आपको शॉर्ट-स्टे वीजा मिलता है। यह आमतौर पर शॉर्ट-टर्म लैंग्वेज कोर्स या ट्रेनिंग प्रोग्राम के लिए होता है।

लॉन्ग-स्टे वीजा: यदि आप 6 महीने या उससे अधिक अवधि के किसी डिग्री या डिप्लोमा कोर्स के लिए जा रहे हैं, तो आपको VLS-TS (Long-Stay Visa serving as a Residence Permit) लेना होगा।

लॉन्ग टर्म वीजा होता है फ्रांस में छात्रों का रेजिडेंट परमिट

लॉन्ग-स्टे वीजा छात्र के लिए बेहद खास होता है क्योंकि यह सिर्फ एक वीजा नहीं है, बल्कि फ्रांस पहुंचने के बाद यह आपके लिए 'रेजिडेंस परमिट' यानी रहने के लाइसेंस की तरह काम करता है। फ्रांस पहुंचने के 3 महीने के भीतर इसे ऑनलाइन वैलिडिटी कराना जरूरी है। अगर आप ऐसा करने में चुकते हैं तो आपको दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

फ्रांस में वीजा के लिए क्या है मुख्य शर्तें

फ्रांस के किसी विश्वविद्यालय या कॉलेज में एडमिशन मिलने के बाद वीजा के लिए आवेदन करना होता है। इसके लिए आपको प्रक्रिया को बहुत ध्यान से पूरा करना पड़ता है:

कैंपस फ्रांस प्रक्रिया फ्रांस के स्टूडेंट वीजा आवेदन से पहले आपको 'कैंपस फ्रांस' की एनओसी (NOC) और इंटरव्यू प्रक्रिया से गुजरना होता है। यह भारत में स्थित फ्रांस सरकार की एक आधिकारिक एजेंसी है।
एडमिशन लेटरजिस फ्रेंच यूनिवर्सिटी या बिजनेस स्कूल में आपका चयन हुआ है, उसका आधिकारिक ऑफर लेटर होना चाहिए।
फाइनेंशियल प्रूफ (आर्थिक क्षमता)आपको यह साबित करना होगा कि आपके पास फ्रांस में रहने और पढ़ने के लिए पर्याप्त पैसे हैं। आमतौर पर, रहने के खर्च के रूप में कम से कम 615 यूरो प्रति माह (लगभग 55,000 से 60,000 रुपये प्रति माह) का फंड दिखाना अनिवार्य है।
रहने का ठिकानाफ्रांस पहुंचने पर आप कहां रुकेंगे, इसका प्रमाण देना होता है (जैसे हॉस्टल बुकिंग या किराए का घर)।
हेल्थ इंश्योरेंसआपके पास कम से कम 30,000 यूरो का ट्रैवल/मेडिकल इंश्योरेंस होना चाहिए।

क्या पढ़ाई के दौरान पार्ट-टाइम जॉब की अनुमति है?

विदेश में पढ़ाई करने जाने वाले अधिकांश छात्र अपना खर्च निकालने के लिए अक्सर पार्ट टाइम जॉब करने की सोचते हैं। कई देशों में स्टूडेंट वीजा प्राप्त छात्रों को पार्ट टाइम नौकरी करने की मंजूरी नही होती है, लेकिन फ्रांस में ऐसा कुछ नहीं है। बल्कि फ्रांस की सरकार अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ काम करने की कानूनी रूप से इजाजत देती है। बस आपको नियमों का पालन करना है, जिसमें काम के घंटे तय होते हैं।

France Study Visa Rule

France Study Visa Rule

कोर्स पूरा होने के बाद क्या हैं नियम?

अब आते हैं सबसे अहम सवाल पर—क्या पढ़ाई खत्म होने के बाद वहां पार्ट-टाइम या फुल-टाइम जॉब की अनुमति मिलती है?

छात्रों के लिए यहां यह समझना जरूरी है कि 'कोर्स पूरा होने के बाद पार्ट-टाइम जॉब' जैसी कोई अलग कैटेगरी नहीं है। जब आपका कोर्स खत्म हो जाता है, तो आपका स्टूडेंट वीजा समाप्त हो जाता है। इसके बाद आपको फ्रांस में रुकने और काम करने के लिए पोस्ट-स्टडी वर्क परमिट (APS या Post-Study Work Visa) के लिए अप्लाई करना होता है। वहीं, अगर आपने फ्रांस से मास्टर डिग्री या कोई मान्यता प्राप्त पोस्ट-ग्रेजुएट कोर्स पूरा किया है, तो आपको 2 साल का पोस्ट-स्टडी वर्क परमिट मिलता है। इसमें सबसे अच्छी बात यह है कि 2 साल के इस पीरियड में आप अपनी पसंद का कोई भी काम कर सकते हैं, चाहे वह एक फुल टाइम जॉब हो या पार्ट टाइम। वो आपकी मर्जी है।

लेकिन इस बीच आपके लिए यह भी जानना जरूरी है कि अगर आपको कोई फुल टाइम नौकरी मिल जाती है तो आपका पोस्ट-स्टडी वीजा सीधे वर्क परमिट (Work Permit) में बदल जाएगा। आपको बता दें कि फ्रांस सरकार की ओर से भारतीय छात्रों को एक खास सुविधा दी गई है। जिसके अनुसार, जिन भारतीय छात्रों ने फ्रांस से अपनी मास्टर्स डिग्री पूरी की है, वे भारत लौटने के बाद भी 5 साल के शेंगेन शॉर्ट-स्टे वीजा के लिए पात्र होते हैं। इससे वे भविष्य में जब चाहे बिजनेस या टूरिज्म के लिए यूरोप जा सकते हैं।

इन बातों का रखें खास ख्याल

- अगर आप फ्रांस में पढ़ने जा रहे हैं तो आपको अंग्रेजी के साथ फ्रेंच भी आना जरूरी है। क्योंकि पार्ट टाइम या कोर्स पूरा होने के बाद फुल टाइम नौकरी करने के लिए आपको फ्रेंच आना जरूरी है। कम से कम आपको बेसिक फ्रेंच लेवल तो सिखाना ही चाहिए ताकि आप आराम से लोगों के साथ डील कर सकें।

- फ्रांस की सरकार अंतरराष्ट्रीय छात्रों को रहने के किराए पर CAF (Caisse d'Allocations Familiales) के नाम से सब्सिडी देती है। इससे आपके कमरे का किराया 20% से 40% तक कम हो जाता है।

- पार्ट-टाइम काम करते समय हमेशा ध्यान रखें कि आपकी पढ़ाई और अटेंडेंस प्रभावित न हो, क्योंकि आपकी मुख्य प्राथमिकता आपकी डिग्री होनी चाहिए।

- आप अपनी फ्रांस की पढ़ाई की यात्रा को बेहद सुखद और सफल बना सकते हैं।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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