दिल्ली में स्कूली शिक्षा से लेकर टेक्निकल ट्रेनिंग सेंटर और उच्च शिक्षा तक की सुविधाओं को विस्तार देने की दिशा में कई नई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार, 12 अक्टूबर को 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत द्वारका में 2,000 विद्यार्थियों की क्षमता वाले सरकारी स्कूल और नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) के ईस्ट कैंपस में 120 छात्राओं के लिए बने हॉस्टल का उद्घाटन किया।
तीन इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग का उद्घाटन
इसके अलावा उन्होंने तीन इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट (ITI) में 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' का भी उद्घाटन किया और ओखला में जीबी पंत इंटीग्रेटेड कॉलेज और पॉलिटेक्निक, तथा NSUT के मुख्य कैंपस में एक एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग लैब और फैकल्टी ऑफिस बिल्डिंग की आधारशिला रखी।
यहां साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम की पढ़ाई
द्वारका के सेक्टर 16बी में बने नए को एजुकेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र पढ़ेंगे और यहां साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स स्ट्रीम की पढ़ाई होगी। एक बयान के अनुसार, इसमें स्मार्ट क्लासरूम, खास लैबोरेटरी, लाइब्रेरी और इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (ICT) लैब समेत 75 कमरे हैं। साथ ही, यहां खेल, संगीत और दूसरी एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज की सुविधाए भी हैं।
120 छात्राओं को रहने की व्यवस्था
NSUT के ईस्ट कैंपस में बने हॉस्टल में 120 छात्राओं के रहने की व्यवस्था होगी। बयान में कहा गया है कि इस सुविधा से छात्रों, खासकर दूर-दराज के इलाकों से आने वाले छात्रों को फायदा होगा, क्योंकि उन्हें पढ़ाई की जगह के पास रहने की सुविधा मिलेगी।
रिन्यूबल एनर्जी टेक्नोलॉजी की ट्रेनिंग
बताया गया कि ITI जहांगीरपुरी, ITI धीरपुर और ITI नरेला में बने 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' में इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग, CNC मशीनिंग, 3D स्कैनिंग और रिन्यूएबल एनर्जी जैसी उभरती टेक्नोलॉजी में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी।
2000 से अधिक ट्रेनिज को फायदा
जहांगीरपुरी सेंटर से हर साल लगभग 1,000 ट्रेनीज को फायदा होने की उम्मीद है, जबकि धीरपुर सेंटर से सालाना लगभग 1,200 ट्रेनीज को लाभ मिलेगा। नरेला सेंटर रिन्यूएबल और ग्रीन एनर्जी से जुड़ी स्किल्स पर ध्यान देगा। इसमें बताया गया है कि ओखला में जीबी पंत इंटीग्रेटेड कॉलेज और पॉलिटेक्निक प्रोजेक्ट से इंजीनियरिंग, पॉलिटेक्निक शिक्षा, स्किल डेवलपमेंट और रिसर्च की सुविधाएं एक ही कैंपस में मिलेंगी। प्रस्तावित सुविधाओं में लैब, स्मार्ट क्लासरूम, एक लाइब्रेरी और हॉस्टल शामिल हैं। संस्थान का लक्ष्य प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद अपनी छात्र क्षमता को लगभग 2,880 से बढ़ाकर 7,000 करना है।
इनपुट-पीटीआई
