केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा 12वीं के रिजल्ट घोषित होने के बाद से शुरू हुई रिवैल्यूएशन प्रक्रिया में लगातार छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कभी सर्वर डाउन तो कभी धुंधली कॉपी और पेमेंट इश्यू के बीच सऊदी अरब में रहने वाले सीबीएसई के भारतीय छात्र प्रणसू जिगरकुमार पटेल ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का दरवाजा खटखटाया था। छात्र का आरोप है कि 12वीं की इंप्रूवमेंट परीक्षा में शामिल होने के बावजूद उनका परिणाम अब तक नहीं आया है। प्रणसू ने संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसकी आज यानी 8 जून 2026 को सुनवाई है। इस संबंध में एडवोकेट विनीत जिंदल ने भी ट्वीट कर जानकारी दी है।
सुप्रीम कोर्ट में आज होगी सीबीएसई खाली मार्कशीट मामले की सुनवाई (Photo-SC Website)
विनीत जिंदल ने बताया कि सऊदी अरब के छात्र ने उनसे संपर्क किया और बताया कि सीबीएसई ने कई छात्रों के परिणाम नहीं दिए हैं। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें इस बात पर विश्वास नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने बच्चे की मार्कशीट देखी तो उन्हें बिना नंबर वाली मार्कशीट मिली, जिसके बाद उन्होंने बच्चे की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसकी आज सुनवाई होने वाली है। इस सुनवाई पर कई छात्रों और अभिभावकों की नजरें टिकी हुई है।
क्या है पूरा मामला?
CBSE छात्र प्रणसू जिगरकुमार पटेल के अनुसार, उन्होंने फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स, इंग्लिश और कंप्यूटर साइंस विषय की इंप्रूवमेंट परीक्षा के लिए आवेदन किया था। उन्होंने कुछ विषयों की परीक्षा भी दी थी, जबकि मिडिल ईस्ट में तनावपूर्ण स्थिति के कारण कुछ परीक्षाएं रद्द हो गई थी। इस स्थिति में मिडिल ईस्ट में रहने वाले प्रभावित छात्रों के लिए सीबीएसई ने एक विशेष मूल्यांकन योजना लागू की थी, जिसका उन्हें लाभ नहीं मिला है, क्योंकि उनका परिणाम जारी नहीं किया गया है। उन्होंने अदालत से मांग की है उनका रिजल्ट जारी किया जाए।
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प्रणसू ने की अदालत से परीक्षा और रिजल्ट जारी करने की मांग
प्रणसू पटेल ने अदालत से मांग की है कि वह सीबीएसई को उनके परिणाम जारी करने कि निर्देश दे या फिर रद्द हुई विषयों की परीक्षा का फिर आयोजन किया जाए। ताकि वह परीक्षा पास कर सकें। उनका कहना है कि परीक्षाएं रद्द होने के बाद, जिस प्रकार अन्य छात्रों को विशेष मूल्यांकन नीति का लाभ मिला है, उन्हें भी मिलना चाहिए। लेकिन यह लाभ उन्हें नहीं मिला है। इससे वह बहुत तनाव में है। परिणाम लंबित होने के कारण बीटेक सहित अन्य कोर्स में प्रवेश प्रभावित हो रहा है। यह उनके भविष्य का सवाल है और उनका शैक्षणिक वर्ष भी खराब हो सकता है।
प्रणसू के जैसे ही कई छात्रों को मिला खाली मार्कशीट
प्रणसू की खाली मार्कशीट के अलावा भारत में रहने वाले कुछ और छात्रों ने भी यही शिकायत की है कि उन्हें खाली मार्कशीट मिली है। शाहदरा के कक्षा 12वीं के छात्र तनिष्क वत्स ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बोर्ड द्वारा उनकी खाली मार्कशीट जारी की गई है। तनिष्क ने बताया कि प्रशासन से संपर्क करने पर उन्हें सीबीएसई के पास भेजा गया, जहां बोर्ड ने कहा कि बच्चे ने गलत स्याही का इस्तेमाल किया होगा या लिखने में गलती होगी, जिस कारण आंसर कॉपी स्कैन नहीं की जा सकी। बाद में संशोधित कॉपी में उन्हें 81 प्रतिशत अंक प्राप्त हुए।
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छात्रों कि चिंताओं को दी विनीत जिंदल ने आवाज
सीबीएसई मामले पर विनीत जिंदल ने छात्रों की चिंताओं को आवाज दी है और वह ओएसएम, रिवैल्यूएशन और स्कोरकार्ड में आ रही परेशानियों से जूझ रहे छात्रों की सहायता के लिए आगे आए हैं। वह छात्रों की ओर से याचिकाएं दायर कर रहे हैं और इससे संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर रहे हैं।
