कैसे चेक होती हैं CBSE 12वीं की कॉपियां, जानें ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम कैसे काम करता है?

CBSE Copy Checking Rule 2026: सीबीएसई ने बताया है कि OSM सिस्टम के जरिए कॉपियां कैसे जांची जाती हैं। बोर्ड का कहना है कि यह सिस्टम सुरक्षित, पारदर्शी और सही तरीके से मूल्यांकन करने के लिए बनाया गया है।

CBSE Copy Checking Rule 2026: सीबीएसई 12वीं का रिजल्ट जारी होने के बाद से बोर्ड के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम (OSM) को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। इसकी वजह यह है कि इस साल 12वीं का रिजल्ट पिछले 6 सालों में सबसे कम रहा है। पिछले साल जहां रिजल्ट 88.39% था, वहीं इस बार यह घटकर 85.20% रह गया। इस बार 12वीं में कुल 18,57,517 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिनमें से 17,68,968 स्टूडेंट्स को सफलता मिली है। छात्राओं का पास प्रतिशत 88.86% रहा है, जबकि 82.13% छात्र सफल हुए हैं।

CBSE On Screen Marking process

सीबीएसई कॉपी चेकिंग 2026 (image - chatgpt)

इसका असर खासतौर पर उन छात्रों पर पड़ा है जिन्होंने जेईई मेन में अच्छा स्कोर किया, लेकिन 12वीं में 75% अंक नहीं ला पाए। इन सवालों के बीच सीबीएसई ने बताया है कि OSM सिस्टम के जरिए कॉपियां कैसे जांची जाती हैं। बोर्ड का कहना है कि यह सिस्टम सुरक्षित, पारदर्शी और सही तरीके से मूल्यांकन करने के लिए बनाया गया है।

End of Feed