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Bihar Police Constable Exam के बाद अब होगी उम्मीदवारों की अग्निपरीक्षा, जानें फिजिकल के लिए क्या हैं नियम-कानून

Bihar police constable physical Rules: बिहार पुलिस कांस्टेबल एग्जाम क्लीयर होने के बाद अब शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी फिजिकल टेस्ट होना है, जिसके लिए दिसंबर का समय तय किया गया है। ऐसे में चलिये जानते हैं फिजिकल के नियम कायदे क्या हैं और इसके लिए क्या क्राइटेरिया सेट किया गया है।

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CSBC bihar police constable (iStock)

Bihar Police Constable Physical Test: बिहार पुलिस कांस्टेबल रिजल्ट आ चुके हैं। आधिकारिक वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर ये रिजल्ट जारी कर दिए गए हैं। इसमें कुल 99,690 कैंडिडेट्स का चयन हुआ है, जिसमें से 62,822 पुरुष, 36,834 महिलाएं और 34 ट्रांसजेंडर्स शामिल हैं। एग्जाम क्लीयर होने के बाद अब शारीरिक दक्षता परीक्षा यानी फिजिकल टेस्ट होना है, जिसके लिए दिसंबर का समय तय किया गया है। इस भर्ती के जरिये 19,838 कांस्टेबल के पदों पर बहाली की जानी है। ऐसे में जो केंडिडेट्स एग्जाम पास कर गए हैं, उनके लिए फिजिकल के नियम कानून और क्राइटेरिया समझना बहुत जरूरी है।

कैसे होगा फिजिकल टेस्ट?

फिजिकल टेस्ट के लिए फाइनल मैरिट ऊंची कूद, दौड़ और गोला फेंक के नंबर्स के आधार पर ही तैयार होगी। बिहार पुलिस कांस्टेबल के पदों पर भर्ती के लिए फिजिकल टेस्ट दिसंबर 2025 में आयोजित करने की योजना है। ये टेस्ट दो भागों में होगा। एक तो PST (Physical Test Standard), जिसमें ऊंचाई, वजन, छाती (पुरुषों के लिए) मापी जाएगी। दूसरा PET (Physical Efficiency test) जिसमें दौड़, ऊंचा कूद और गोला फेंक जैसी शारीरिक दक्षता परीक्षा की जाएगी।

जान लें ये जरूरी बातें

फिजिकल टेस्ट से पहले क्वालिफाइंग पेपर होगा। इस पेपर को पास करने वाले उम्मीदवारों को ही फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। और फिर इसके बाद कैंडिडेट्स को डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेश और उसके बाद मेडिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद मेरिट लिस्ट और योग्यता के आधार पर चयन किया जाएगा। फिजिकल से पहले होने वाले क्वालिफाइंग पेपर को पास करना बेहद जरूरी है। इसमें सामान्य ज्ञान, गणित, विज्ञान, रीजनिंग, हिंदी और अंग्रेजी जैसे विषयों के सवाल आते हैं। ये परीक्षा ऑब्जेक्टिव फॉर्मेट में होती है। इसके रिजल्ट के बाद ही उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।

ऊंचाई, सीना और अभ्यर्थियों के शारीरिक मापदण्ड

ऊंचाई की बात करें तो ये अनारक्षित वर्ग व पिछड़ा वर्ग के पुरुषों के लिए न्यूनतम 165 सेंटीमीटर है। साथ ही अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुरुषों के लिए न्यूनतम 160 सेंटीमीटर होनी चाहिए। इसके साथ ही अनुसूचित जाति व जनजाति के पुरुषों के लिए न्यूनतम 160 सेंटीमीटर रखी गई है। वहीं सभी वर्गों की महिलाओं के लिए न्यूनतम 155 सेंटीमीटर का क्राइटेरिया फिक्स किया गया है।

सीना (सिर्फ पुरुषों के लिए) अनारक्षित वर्ग के पुरुषों के लिए बिना फुलाए 81 सेंटीमीटर, फुलाकर 86 सेंटीमीटर, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए बिना फुलाए 81 सेंटीमीटर, फुलाकर 86 सेंटीमीटर, अनुसूचित जाति व जनजाति के पुरुषों के लिए बिना फुलाए 79 सेंटीमीटर, फुलाकर 84 सेंटीमीटर होनी चाहिए। इसके अलावा वजन की बात करें तो सभी वर्गों की महिलाओं का कम से कम 48 किलो वजन होना चाहिए।

Kusum Bhatt
कुसुम भट्टauthor

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बतौर एजुकेशन जर्नलिस्ट कार्यरत कुसुम भट्ट शिक्षा जगत से जुड़ी हर छोटी-बड़ी हलचल पर पैनी नजर रखती हैं। मास्टर्स इन मास कम्युनिकेशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद वह पिछले 5 सालों से एजुकेशन बीट को मजबूती से संभाल रही हैं। कुसुम को खबरों को सबसे पहले ब्रेक करने, विषय की गहराई में जाकर स्टोरी तैयार करने और युवाओं को उनके करियर से जुड़ी सटीक जानकारी देने में विशेष दक्षता प्राप्त है। कुसुम की लेखन शैली संक्षिप्त, शोध आधारित और प्रभावशाली है। वे एग्जाम टिप्स, करियर गाइडेंस, सरकारी नौकरी से जुड़ी खबरें, बोर्ड रिजल्ट और सक्सेस स्टोरीज़ जैसे विषयों पर सटीक और भरोसेमंद कंटेंट तैयार करने के लिए जानी जाती हैं। कुसुम अबतक पांच हजार से अधिक बाइलाइन रिपोर्ट पब्लिश कर चुकी हैं। उन्हें ब्लॉगिंग, वेब स्टोरीज और ट्रेंडिंग एजुकेशनल टॉपिक्स पर काम करने का खास शौक है। उनका मानना है कि – "शिक्षा सिर्फ करियर का माध्यम नहीं, बल्कि सोच और समाज दोनों को बदलने की शक्ति रखती है।"

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