Agneepath Recruitment 2022: भारतीय सेना में भर्ती के लिए अब तक के सबसे बड़े रिफॉर्म अग्निपथ योजना के तहत भर्तियों का सिलसिला शुरू हो चुका है। 10 अगस्त 2022 से भारतीय थल सेना में भर्ती के लिए पंजाब और कर्नाटक में रैलियां शुरू की गई और 12 अगस्त से हरियाणा में भी यह रैलियां जारी है । 14 जून को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना में भर्ती के लिए नई स्कीम अग्निपथ का ऐलान किया, जिसके बाद देश के कई राज्यों में इसका विरोध हुआ। विपक्ष ने भी अग्निपथ स्कीम को लेकर खूब हंगामा किया। लेकिन इस हंगामे के बावजूद अग्निपथ स्कीम के तहत भर्तियों की प्रक्रिया प्लान के मुताबिक शुरू कर दी गई है।
भारतीय वायुसेना और नौसेना समेत थल सेना में एंट्री के लिए रिक्रूटमेंट शुरू हो चुका है। भारतीय सेना के लिए रैलियां पंजाब और कर्नाटक से शुरू हुई है साथ ही हरियाणा के 4 जिलों, हिसार, सिरसा, जिंद और फतेहबाद में 12 अगस्त से रैली शुरू हो चुकी है जो 26 अगस्त तक चलेगी। अग्निपथ स्कीम के तहत भर्ती होने वालों को अग्निवीर के नाम से जाना जाएगा। ये अग्निवीर भर्ती के बाद चार साल तक भारतीय सेना में अपनी सेवाएँ देंगे और उसके बाद उनमें से 25 फ़ीसदी को पूर्णकालिक सेना में शामिल किया जाएगा, जबकि 75 फीसदी अग्निवीरों को एक पैकेज देकर सेवा मुक्त कर दिया जाएगा। अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीर बनने के लिए आवेदकों का टेस्ट हो रहा है।
यहां जानें चयन प्रक्रिया
अग्निवीरों की भर्ती तीन चरण में हो रही है। पहला मेडिकल टेस्ट, दूसरा फिजीकल टेस्ट और तीसरी लिखित परीक्षा। थलसेना की इस रिक्रूटमेंट रैली में सबसे पहले उन डाक्यूमेंट्स का वेरिफ़िकेशन किया जा रहा है जो ऑनलाइन फॉर्म भरते वक्त आवेदक ने अपलोड किए हैं। एक बार वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद फिर कैंडिडेट मेडिकल टेस्ट से गुजरते हैं और जो भी मैडिकल टेस्ट में पास हो जाते है उनका फिजिकल टेस्ट किया जाता है जिसमें 2 किलोमीटर की दौड़ , सिट अप , पुशअप, दिवार को फाँदना जैसे टेस्ट से होते हैं और जो भी इसमें पास होंगे उनका रिटन टेस्ट होगा। एनसीसी कैडेट्स को लिखित एग्जाम में अतिरिक्त नंबर मिलेंगे, अगर किसी अभियर्थी के पास स्पोर्ट सर्टिफिकेट है तो उसे भी अलग से बोनस मार्कस लिखित परीक्षा में मिलेंगे। ख़ास बात ये है कि भले ही स्कीम नई है लेकिन भारतीय सेना में भर्ती के लिए तय मापदंडों में किसी भी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। एक्ससर्विसमैन यानि पूर्व-सैनिक और वीर नारियों के बच्चों को फिजीकल फिटनेस में कुछ छूट मिलेगी। वीर नारियों को भी फिजीकल फिटनेस में थोड़ी छूट मिलेगी।
अगस्त महीने में पहली रिक्रूटमेंट रैली
भारतीय सेना के देशभर में कुल 13 जोनल रिक्रूटेंग ऑफिस हैं। इनके अंतर्गत देशभर में कुल 75 आर्मी रिक्रूटिंग ऑफिस (एआरओ) हैं। अगस्त के महीने में पहली रिक्रूटेंग रैली शुरू हुई ,देश भर में कुल 83 रिक्रूटमेंट रैलियां आयोजित की जा रही है । थलसेना में अग्निवीरों की छह अलग-अलग कैटेगरी में भर्ती की जा रही है। जुलाई के महीने से सेना के अलग-अलग रिक्रूटमेंट ऑफिस भर्तियों के लिए रिक्रूटमेंट रैलियों की तारीख जारी कर चुकी है। जिन छह अलग-अलग कैटेगरी में अग्निवीरों की भर्ती की जा रही है , वो हैं
- जनरल ड्यूटी
- टेक्निकल
- टेक्निकल (एविएशन, एम्युनेशन-एग्जामनर)
- क्लर्क, स्टोरीकीपर-टेक्नीकल
- ट्रेडसमैन (10वीं पास)
- ट्रैडसमैन (8वीं पास)
थलसेना ने जो नोटिफिकेशन जारी किया था उसके मुताबिक, सभी अग्निवीरों को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना था, इसके बाद सभी को ऑनलाइन एडमिट कार्ड जारी किया गया। इस एडमिट कार्ड को लेकर ही रिक्रूटमेंट रैलियां आयोजित की जा रही है अगर कोई अभ्यर्थी फर्जी एडमिट कार्ड लेकर रिक्रूटमेंट रैली में पहुंचेंगा तो उसे पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। रक्षा मंत्रालय ने अग्नीपथ योजनाओं को लेकर कई आउटरीच प्रोग्राम भी चलाएं ताकि लोगों में इसे लेकर किसी भी तरह का संशय ना रहे यही वजह है कि इन रैलियों के लिए सेना के तीनों अंगों में रिकॉर्ड आवेदन किए गए हैं इस योजना के जरिए भारतीय सेना की एवरेज आयोग कम होगी।

