Disaster Management: प्रतिवर्ष देश में कई तरह की प्राकृतिक और मानवीय आपदा आती हैं। भारत में भू-स्खलन, बाढ़, भूकंप, सुनामी जैसी आपदें आती रहती हैं, जिसमें जहां जानें जाती हैं, वहीं करोड़ों- अरबों रूपये के धन-संपत्ति का भी नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसी आपदाओं के शिकार बने लोगों की मदद करने और उनके जीवन को फिर से पटरी पर लाने में आपदा प्रबंधन का सबसे बड़ा रोल होता है। इससे जुड़े लोग राहत और बचाव अभियान चलाते हैं। आज के समय में केंद्र व राज्य सरकार के अलावा कई एनजीओ व निजी संस्थाएं भी आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में काम कर रही हैं। जिसके कारण इस क्षेत्र में प्रशिक्षित पेशेवर लोगों की मांग तेजी से बढ़ रही है। अगर आप भी इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो यहां आपको पूरी जानकारी मिलेगी।
जानें क्या है आपदा प्रबंधन
आपदा प्रबंधन का मुख्य कार्यकिसी भी आपदा व बड़े हादसे के समय राहत और बचाव अभियान चलाना है। साथ ही ऐसी आपदाओं के शिकार लोगों को फिर से मुख्य धारा से जोड़ना है। किसी भी आपदा के समय गृह मंत्रालय मुख्य सरकारी एजेंसी की भूमिका निभाता है और अन्य एजेंसियां इसके साथ मिलकर कार्य करती हैं। आपदा के वक्त ऐसे पेशेवर बहुत ही जरूरी होते हैं, ये लोग आपदा पीड़ितों तक जल्द से जल्द मदद पहुंचाने और उन्हें जरूरी ट्रेनिंग देने का काम करते है। ये पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ खाना वितरित करने और घायलों के उपचार की व्यवस्था भी करते है।
आपदा प्रबंधन का कोर्स
इस समय देश के कई संस्थानों द्वारा आपदा प्रबंधन में सर्टिफिकेट से लेकर पीजी डिप्लोमा लेवल तक के कोर्स कराए जाते हैं। वहीं कई ऐसे विश्वविद्यालय भी हैं जो डिग्री लेवल कोर्स कराते हैं। आपदा प्रबंधन में सर्टिफिकेट कोर्स के लिए न्यूनतम योग्यता बारहवीं पास है, जबकि मास्टर डिग्री या पीजी डिप्लोमा के लिए न्यूनतम योग्यता ग्रेजुएशन है। इसके अलावा डिजास्टर मैनेजमेंट के कोर्स डिस्टेंस लर्निग के माध्यम से भी कर सकते हैं। इन कोर्स के दौरान छात्रों को रिस्क असेसमेंट एंड प्रिवेंटिव स्ट्रैटजीज, ऐप्लिकेशन ऑफ जीआईएस इन डिजास्टर मैनेजमेंट, रेस्क्यू, लेजिस्लेटिव स्ट्रक्चर्स फॉर कंट्रोल ऑफ डिजास्टर मिटिगेशन जैसे विषयों की गहराई से जानकारी दी जाती है। इसके अलावा आपदा प्रबंधन में छात्र अलग-अलग फिल्ड में स्पेशलाइजेशन भी कर सकते है जैसे- माइनिंग डिजास्टर, केमिकल डिजास्टर और टेक्निकल डिजास्टर आदि।
इस संस्थानों से कर सकते हैं कोर्स
-इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायरमेंट, नई दिल्ली
-इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
-इंटरनेशनल सेंटर ऑफ मद्रास यूनिवर्सिटी, चेन्नई
-सेंटर फॉर सिविल डिफेंस कॉलेज, नागपुर
-डिजास्टर मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट, भोपाल
-नॉर्थ बंगाल यूनिवर्सिटी, दार्जिलिंग
-सेंटर फॉर डिजास्टर मैनेजमेंट, पुणे
यहां है करियर का स्कोप
आपदा प्रबंधन कोर्स के बाद सबसे बड़ा मौका सरकारी क्षेत्र में मिलता है। विभिन्न सरकारी संस्थाओं की आपातकालीन सेवाओं, लोकल अथॉरिटीज, लॉ इन्फोर्समेंट, रिलीफ एजेंसी में इनके लिए जॉब उपलब्ध रहती है। इसके अलावा गैर सरकारी संस्थानों, एनजीओ व रेडक्रॉस एवं यूनाइटेड नेशन जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों में इन्हें करियर बनाने का मौका मिलता है। वहीं केमिकल, माइनिंग, पेट्रोलियम जैसी रिस्क इंडस्ट्रीज में भी इन पेशेवरों की हमेशा मांग बनी रहती है।

