Career In Archaeologist: रोमांच व रहस्‍यों से भरा है आर्कियोलॉजिस्ट सेक्‍टर, कोर्स कर युवा ऐसे बनाएं करियर

एजुकेशन
Updated Aug 09, 2022 | 17:16 IST | Times Now Digital

Career In Archaeologist: इतिहास से लगाव और रोमांच के साथ रहस्‍यों से पर्दा उठाने की इच्‍छा रखने वाले युवाओं के लिए आर्कियोलॉजिस्ट शानदार करियर ऑप्‍शन है। इस सेक्‍टर में आज भी रिसर्च के लिए क्रिएटिविटी युवाओं की डिमांड बनी हुई है।

Career In Archaeologist
आर्कियोलॉजिस्ट में कोर्स और करियर के अवसर   |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • आर्कियोलॉजिस्ट का करियर रोमांच और रहस्‍य से भरपूर।
  • इतिहास से 12वीं करने के बाद युवा कर सकते हैं संबंधित कोर्स ।
  • कोर्स के बाद यहां पर सरकारी विभागों व संस्‍थाओं में अवसर।

Career In Archaeologist: इतिहास से लगाव और रोमांच के साथ रहस्‍य जानने की इच्‍छा रखने वालों के लिए आर्कियोलॉजिस्ट में करियर बनाना शानदार रहेगा। इतिहास और भूगोल के रहस्‍यों से पटे भारत में करियर बनाने के लिए यहां कई अवसर मिलेंगे। माना जाता है कि हड़प्पा सभ्यता के बाद से यहां ऐतिहासिक खोज बहुत कम हुआ है। यहां पर अभी भी काफी कुछ चीजों की खोज बाकी है। फिलहाल इतिहास संबंधित खोज के लिए यहां पर बड़े आइडियाज और क्रिएटिविटी युवाओं की डिमांड बनी हुई है। इसके अलावा दुनियाभर में शोध के लिए भी आर्कियोलॉजी के विद्यार्थियों की मांग है।

क्या है आर्कियोलॉजी

पुरानी सभ्यता व संस्कृति की खोज करना और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उनका अध्ययन करना आर्कियोलॉजी कहलाता है। यहां पर यह जानने की कोशिश की जाती है कि पुरानी सभ्यताओं में लोगों का रहन- सहन कैसा था, किस तरह से विकास हुआ और उस समय किस तरह की वस्‍तुओं का इस्‍तेमाल होता था। इसके अलावा धार्मिक व सामाजिक परिवेश का आकलन भी आर्कियोलॉजिस्ट ही करते हैं। ये कार्बन डेटिंग और समय गणना के मदद से सभी रहस्‍यों से पर्दा उठाने की कोशिश करते हैं।

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कोर्स और योग्‍यता

इस फील्‍ड में कोर्स करने के लिए इतिहास विषय के साथ 12वीं कक्षा पास करना जरूरी है। इसके बाद आर्कियोलॉजी में डिप्लोमा, बैचलर, मास्टर और पीएचडी कर सकते हैं। इन सभी पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अलग-अलग योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। इससे जुड़े कोर्स सभी प्रमुख विश्वविद्यालयों में कराए जाते हैं। इस सेक्‍टर में आने के लिए मास्टर इन कंर्जर्वेशन,  मास्टर इन आर्कियोलॉजी एंड हेरिटेज मैनेजमेंट, हिस्टॉरिकल आर्कियोलॉजी, जिओ आर्कियोलॉजी, एथनोआर्कियोलॉजी, आर्कियोबॉटनी, क्रॉनोलॉजिकल, एक्सपेरिमेंटल ऑर्कियोलॉजी, आर्कियोमेट्री जैसे कोर्स कर सकते हैं। आर्कियोलॉजिस्ट बनने के लिए प्लीस्टोसीन पीरियड अथवा क्लासिकल लैंग्वेज आने भी जरूरी हैं। जैसे- पाली, अपभ्रंश,  संस्कृत, अरेबियन भाषाओं में से किसी की जानकारी आपको कामयाबी की राह पर आगे ले जा सकती है।

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जॉब ऑप्‍शन कहां

आर्कियोलॉजी में कोर्स पूरा करने के बाद युवाओं के पास कई जगह करियर बनाने के अवसर होते हैं। जिनमें मुख्‍य रूप से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, राज्यों में स्थित भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग, देश के विभिन्न संग्रहालय, एनजीओ और यूनिवर्सिटी, विदेश मंत्रालय का हिस्टोरिकल विभाग शामिल है। इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय, पर्यटन विभाग, इंडियन काउंसिल ऑफ हिस्टोरिकल में रिसर्च व जॉब करने का मौका मिलता है।

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