एजुकेशन

कौन-सा है ये स्कूल जहां से 22 बच्चों का हुआ सैनिक स्कूल एंट्रेंस टेस्ट में सेलेक्शन

  • Edited by: नीलाक्ष सिंह
  • Updated Mar 1, 2023, 11:28 AM IST

School News: बागेश्वर के कपकोट में स्थित प्राइमरी स्कूल काफी चर्चा में आ गया है, क्योंकि यहां के एक दो नहीं बल्कि 22 बच्चों को चयन सैनिक स्कूल में हो गया है। आपको याद होगा कि पिछले माह सैनिक स्कूल के प्रवेश के लिए एंट्रेंस पेपर हुआ था, उसमें कपकोट के 22 बच्चों का नाम आया है।

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एक ही स्कूल से 22 बच्चों का सैनिक स्कूल में हुआ सेलेक्शन

Photo : iStock

उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है जिसमें लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा पहाड़ है, तो 30 प्रतिशत हिस्सा मैदान है। पहाड़ के सरकारी स्कूलों का हाल किसी से छिपा नहीं है, लेकिन यहां कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं, जिन्होंने शिक्षा को सिर्फ नौकरी न मानकर अपना मिशन बनाया है और इस पर वो लगातार काम भी कर रहे हैं।

कपकोट में स्थित है स्कूल

बागेश्वर के कपकोट में स्थित प्राइमरी स्कूल के प्रधानाचार्य ख्याली दत्त शर्मा ऐसी ही शख्सियत हैं। इनके स्कूल के एक दो नहीं बल्कि पूरे 22 बच्चे सैनिक स्कूल के लिए चयनित हुए हैं। ख्याली दत्त शर्मा बच्चों को फ्री कोचिंग देते हैं, ताकि वो हर कंपटीशन में आगे रह सकें। बीते महीने सैनिक स्कूल में प्रवेश के लिए एंट्रेंस हुआ था जिसमें राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय कपकोट के 22 बच्चे चयनित हुए।

सैनिक स्कूल एंट्रेंस टेस्ट में 22 बच्चों का हुआ सेलेक्शन

एक ही स्कूल के 22 बच्चों का सैनिक स्कूल के लिए चुना जाना बड़ा कीर्तिमान है। पूरे देश में कपकोट के सरकारी स्कूल की चर्चा हो रही है। कपकोट के प्रधानाध्यापक ख्याली दत्त शर्मा के साथ ही शिक्षक मंजू गढ़िया, हरीश ऐठानी और अजय तिवारी सुबह छह बजे से रात 10 बजे तक अध्यापन के लिए उपलब्ध रहते हैं।

शिक्षक छह घंटे की ड्यूटी के बाद सात से आठ घंटे तक स्कूल में रहकर बच्चों की एक्स्ट्रा क्लास लेते हैं। उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी निशुल्क तैयारी कराते हैं।

स्कूल में एडमिशन के लिए करना होता है इंतजार

एक और जहां दूसरे सरकारी स्कूलों में छात्र घट रहे हैं तो वहीं कपकोट के प्राइमरी स्कूल में एडमिशन के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। कपकोट प्राइमरी स्कूल की नींव 1872 में पड़ी थी। हर साल यहां के 5-6 बच्चे सैनिक स्कूल घोड़ाखाल के लिए चुने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार सारे रिकॉर्ड टूट गए। यहां के कई छात्रों का चयन नवोदय विद्यालयों के लिए भी हुआ है।

जवाहर नवोदय में 30 और राजीव नवोदय विद्यालयों में 20 बच्चे पढ़ रहे हैं। हिम ज्योति देहरादून के लिए 17 बच्चों का चयन हुआ है। कपकोट के इस सरकारी स्कूल ने साबित कर दिया कि अगर शिक्षक ठान लें तो साधारण स्कूल भी नए कीर्तिमान रच सकते हैं।

नीलाक्ष सिंह
नीलाक्ष सिंहauthor

नीलाक्ष सिंह 2021 से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल से जुड़े हैं और एजुकेशन सेक्शन के लिए कंटेंट लिखते हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्रिंट मीडिया में इंटर्नशिप की, जहां फील्ड रिपोर्टिंग, स्टूडेंट-इश्यू बेस्ड ग्राउंड स्टोरीज और सटीक न्यूजराइटिंग की बुनियादी समझ हासिल की। प्रिंट के बाद डिजिटल मीडिया में भी वह एजुकेशन बीट पर ही लगातार काम करते रहे हैं। पत्रकारिता में 10 सालों से सक्रिय नीलाक्ष सिंह 12 हजार से अधिक खबरें लिख चुके हैं। वह एग्जाम अपडेट्स, एडमिशन प्रोसेस, करियर गाइडेंस, स्टूडेंट वेलफेयर, बोर्ड रिजल्ट्स और नीतिगत बदलावों पर गहन और बेहद उपयोगी कंटेंट तैयार करते हैं।

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