स्ट्रीट डॉग्स की मदद करने वाले NGO की टीम से लोगों ने की मारपीट, वीडियो बनाकर पीड़िता ने सुनाई आपबीती

दिल्ली के रानी बाग इलाके में स्ट्रीट डॉग्स की मदद करने वाले 'नेबरहुड वूफ' नामक एक एनजीओ की टीम पर स्थानीय लोगों द्वारा हमला किया गया। NGO मेंमर आयशा ने वीडियो बनाकर अपनी हालत दिखाई।

dogs
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है 

मुख्य बातें

  • Neighborhood Woof एनजीओ जानवरों की मदद करता है
  • NGO के सदस्यों के साथ स्थानीय लोगों ने मारपीट की
  • एनजीओ के सदस्य आयशा ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और घटना के बारे में बताया

नई दिल्ली: दिल्ली के रानी बाग इलाके में शुक्रवार को स्थानीय लोगों ने पशु आश्रय (Animal Shelter) के सदस्यों के साथ मारपीट की। दरअसल, वे आवारा कुत्तों से बचाव के लिए वहां गए थे। दिल्ली में 'नेबरहुड वूफ' नामक एक एनजीओ चलाने वाली आयशा क्रिस्टीना ने दावा किया है कि जब वो संगठन के स्टाफ सदस्यों के साथ स्थानीय स्ट्रीट डॉग्स की मदद कर रही थीं तभी वहां के निवासियों ने उन पर हमला किया।

बुरी तरह से घायल आयशा ने वीडियो शूट कर पूरी कहानी बताई। वीडियो में देखा जा सकता है कि वो खून से लथपथ हैं। वीडियो में वो कहती हैं, 'मैं आजादपुर पुलिस स्टेशन में खड़ी हूं। हमें कुत्तों को पकड़ते समय पीटा गया है। कोई आया और हमारे स्टाफ से बुरी तरह से बात की। यह वही है जो हम हर दिन निपटते हैं। यह हमारे देश में दिनचर्या बन गई है। यह कोई नई बात नहीं है, हर समय यही होता है।' वीडियो में आयशा अपने सहयोगियों विपिन, अभिषेक, दीपक को दिखाती हैं, जो कि इस हमले में घायल हुए।

DCW ने उठाया मामला

दिल्ली महिला आयोग (DCW) की चेयरपर्सन स्वाति मालीवाल ने इस घटना पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि यह शर्मनाक है कि एक लड़की जो ईश्वर के बेजुबान जीवों के लिए काम कर रही है, उस पर इतनी क्रूरता से हमला किया गया। मालीवाल ने कहा कि महिला आयोग की टीम उसके साथ लगातार संपर्क में है। मालीवाल ने ट्वीट कर कहा, 'यह इतनी शर्मनाक बात है कि एक लड़की जो ईश्वर के बेजुबान जीवों के लिए काम करती है, उसके साथ इतनी बेरहमी से मारपीट की गई! डीसीडब्ल्यू टीम उसके साथ लगातार संपर्क में है और आखिरकार FIR दर्ज की गई। हम सबसे मजबूत कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।' 

दिल्ली पुलिस का बयान

दिल्ली पुलिस ने कहा है कि लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 323, 341, 506 और 427 के तहत शिकायत दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस ने एक बयान में कहा कि 3 जुलाई की रात लगभग 10:30 बजे स्थानीय निवासियों ने एनजीओ के सदस्यों से पूछताछ की, जिस पर  गरमागरम बहस छिड़ गई। उनके बीच हाथापाई भी हुई। इसके बाद जब एनजीओ के लोगों ने अपनी कार में मौके से भागने की कोशिश की, तो तीन स्थानीय निवासी उनकी कार से टकरा गए और उन्हें कुछ मामूली चोटें आईं। दिल्ली पुलिस ने यह भी कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

अगली खबर