Delhi Crime: फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का भंडाफोड़, पुलिस अधिकारी बन एनआरआई के साथ होती थी ठगी, 13 गिरफ्तार

Delhi Crime: साइबर पुलिस ने ओखला में चल रहे एक अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यहां से एनआरआई लोगों को फोन कर उनकी राष्ट्रीय पहचान संख्या आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का डर दिखा वसूली करते थे। पुलिस ने कॉल सेंटर में मौजूद 13 लोगों को गिरफ्तार किया है।

Delhi Crime
पुलिस ने किया अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश  |  तस्वीर साभार: Representative Image
मुख्य बातें
  • ओखला में चल रहा था ठगी का यह अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर
  • आरोपियों ने ठगी के लिए अच्‍छी सैलरी पर रखे थे दर्जनों कर्मचारी
  • पुलिस ऑफिसर बन एनआरआई लोगों को डरा कर करते थे ठगी

Delhi Crime: दक्षिण-पूर्व जिले की साइबर पुलिस ने छापा मार कर राजधानी में एक फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। यह कॉल सेंटर ओखला में चल रहा था। पुलिस ने मौके से ही यहां मौजूद 13 लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ठगी में उपयोग होने वाले सभी समान को जब्‍त कर लिया। यह गिरोह विदेश में रहने वाले एनआरआई लोगों से पुलिस ऑफिसर बनकर ठगी करता था। आरोपियों के पास से पुलिस ने 20 मोबाइल फोन, 11 कंप्यूटर सेट, वाई-फाई राउटर, महिंद्रा थार और एक आई-20 कार बरामद की है।

एसीपी मनोज सिन्हा ने बताया कि इस फर्जी कॉल सेंटर के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। जिसके बाद एसीपी मनोज सिन्हा व अतिरिक्त डीसीपी-द्वितीय राजीव अंबस्ता की देखरेख में साइबर थाना इंचार्ज इंस्पेक्टर मनोज भास्कर की टीम ने छापा मारा। जब टीम वहां पहुंची तो कॉल सेंटर में मौजूद सभी आरोपी विदेशों में रह रहे भारतीयों के साथ संवाद करने में व्यस्त थे। लोगों से जरूरी पूछताछ के बाद सभी को गिरफ्तार कर लिया गया।

दिखाते थे आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने पर कार्रवाई का डर

पुलिस पूछताछ में इन आरोपितों ने बताया कि वे एनआरआई नागरिकों को खुद को भारतीय पुलिस अधिकारी बताकर ठगते थे। ये आरोपी एनआइआई नागरिकों को फोन कर कहते कि उनकी राष्ट्रीय पहचान संख्या आपराधिक गतिविधियों में शामिल पाई गई है, इसलिए उन पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही कहते कि अगर वे इन आपराधिक आरोपों से बरी होना चाहते हैं, तो उन्हें जुर्माना अदा करना होगा। पीड़ित इस तरह के आरोपों से डर जाता और खुद को मुक्त करने के एवज में नकद या ऑनलाइन उपहार कार्ड के माध्यम से पेमेंट कर देता। इन आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि पहले तीन लोग मिलकर यह ठगी करते थे, लेकिन जब लोग आसानी से शिकार बनने लगे तो इन आरोपियों ने ठगी के लिए सैलरी पर कर्मचारी भी रख लिए। इस गिरोह का संचालन चाणक्यपुरी के रहने वाले विवियन माइकल, तुषार लाल, विशाल और ऋषभ मिलकर करते थे। वहीं यहां पर काम करने वाले आरोपियों की पहचान महिपालपुर के रहने वाले अनीश, राहुल, यश महंत, अभिषेक, दीपा, वसंत विहार के आकाश, पालम गांव के अंकित, सफदरजंग के देवेश और फरीदाबाद के विकास के रूप में हुई है।

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