Delhi Chhath Puja: मर्यादा भूले मनोज तिवारी, केजरीवाल के लिए अभ्रद्र भाषा का इस्तेमाल किया

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Nov 18, 2020, 02:21 PM IST

मनोज तिवारी ने कहा कि दिवाली के दिन केजरीवाल अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ लक्ष्मी पूजन कार्यक्रम शरीक हुए और इसका उन्होंने लाइव टेलिकास्ट किया। कोरोना का संकट इस कार्यक्रम पर भी था।

Delhi Chhath Puja: मर्यादा भूले मनोज तिवारी, केजरीवाल के लिए अभ्रद्र भाषा का इस्तेमाल किया
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नई दिल्ली : दिल्ली में सार्वजनिक जगहों पर छठ के आयोजन पर केजरीवाल सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उन पर हमलावर हो गई है। दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष एवं सांसद मनोज तिवारी ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पर निशाना साधते हुए उनके लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया है। दल्ली में छठ पर रोक लगाने के लिए तिवारी ने केजरीवाल को 'नमकहराम' मुख्यमंत्री कहा है। 

भाजपा नेता ने कहा कि केजरीवाल को कोई बताए कि छठ पूछा छत पर नहीं बल्कि नदियों एवं तालाबों के किनारे होती है। तिवारी ने पूछा कि दिल्ली में साप्ताहिक बाजार खुले हुए हैं, यहां तक कि राजधानी के रेस्तरां को 24 घंटे खोलने की छूट दे दी गई है, क्या इससे कोरोना नहीं फैलेगा।

Manoj Tiwari

'केजरीवाल ने अपनी कैबिनेट के साथ किया लक्ष्मी पूजन' 
तिवारी ने कहा कि दिवाली के दिन केजरीवाल अपने पूरे मंत्रिमंडल के साथ लक्ष्मी पूजन कार्यक्रम शरीक हुए और इसका उन्होंने लाइव टेलिकास्ट किया। कोरोना का संकट इस कार्यक्रम पर भी था। भाजपा नेता ने आगे कहा कि छठ पूजा के लिए केजरीवाल सरकार को गाइडलाइन जारी करनी चाहिए थी। छठ पूजा में एक व्यक्ति व्रत करता है और उसके साथ दो से तीन लोग होते हैं। 

10 लोगों को अनुमति दी जा सकती थी
भाजपा सांसद ने कहा कि छठ के लिए 10 लोगों की अनुमति भी दी जा सकती है लेकिन उन्होंने इस पर रोक लगाकर पूर्वांचल एवं बिहार के लाखों भाइयों-बहनों की आस्था को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा, 'मैं जानता हूं आपके लिए छठी मैया की शक्ति,और हम लोगों की आस्था का कोई महत्व नहीं, फिर भी दुःखी मन से पूछता हूं ये आपकी कैसी राजनीति?'

AAP पर हमलावर हुई भाजपा
भाजपा के दिल्ली इकाई के उपाध्यक्ष दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार अगले 24 घंटे के अंदर अपने 'तुगलकी फरमान' को वापस ले ले, नहीं तो पूर्वांचल के लोग इसे उचित समय पर सबक सिखाएंगे। सिंह ने सवाल किया कि केजरीवाल सरकार ने साप्ताहिक बाजारों, मॉलों और शराब की दुकानों को खोल दिया है और पूरी क्षमता के साथ डीटीसी बसों को चलाने की अनुमति दी है तो वह छठ महापर्व को प्रतिबंधित कर पूर्वांचल के लाखों लोगों के साथ भेदभाव क्यों कर रहे हैं।
 

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