अगर मेट्रो सेवा हुई बहाल तो भी अगले 30 दिन तक 67 फीसद लोग नहीं करेंगे सवारी, सर्वे में मिली जानकारी

Delhi Metro service: एक सर्वे के मुताबिक दिल्ली एनसीआर के 67 फीसद लोगों का कहना है कि अगर मेट्रो या लोकल ट्रेन सर्विस बहाल हुई तो भी वो अगले एक महीने तक यात्रा नहीं करेंगे।

अगर मेट्रो सेवा हुई बहाल तो अगले 30 दिन तक 67 फीसद लोगों ने सवार न होने का किया फैसला, सर्वे में मिली जानकारी
कोरोना की वजह से मेट्रो सेवा बाधित 

नई दिल्ली।  कुल 67 प्रतिशत नागरिकों ने कहा है कि अगर मेट्रो या लोकल ट्रेन दोबारा शुरू हो जाए तो भी वे अगले 30 दिनों तक इसकी सवारी नहीं करेंगे।केवल 15 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि वे जिम या स्विमिंग पूल के खुलने पर अगले 30 दिनों के अंदर वहां जाएंगे। वहीं 93 प्रतिशत नागरिकों की अगले तीन महीनों तक छुट्टियों के दौरान किसी होटल में रहने की योजना नहीं है।

अनलॉक 1.0, 30 जून को समाप्त होने को है, जिसके अंदर कई सेक्टरों को दोबारा खोला गया था और कई क्षेत्रों में ढील दी गई थी। भारत मेंकोरोनावायरस के 5,25,000 मामले होने के बाद और केवल 6 दिनों में ही मामले 1,00,000 के पार होने पर, अधिकतर नागरिकों को डर है कि उन्हें कहीं कोविड-19 न हो जाए।

लोकलसर्कल्स ने अनलॉक 2.0 के लिए एक सव्रे का आयोजन किया था कि इस दौरान कितने लोग मेट्रो/लोकल ट्रेन्स में जाना चाहते हैं या जिम/स्विमिंग पूल्स में जाना चाहते हैं या होटलों में कमरा बुक कराना चाहते हैं। सर्वे में भारत के 241 जिलों के 24,000 उत्तरदाताओं से बात की गई है।दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने हाल ही में कहा था कि वे मेट्रो सेवा यथासंभव जल्द से जल्द शुरू करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएं की एक सूची पर काम कर रहे हैं। मुंबई लोकल ट्रेनों ने भी जरूरी सेवाओं के लिए 15 जून से अपनी सेवा शुरू की है, लेकिन लोग काफी कम संख्या में इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।

कुल 25 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि अगले 30 दिनों में अगर मेट्रो/लोकल ट्रेन दोबारा शुरू होंगे तो वे इसकी सवारी करेंगे, वहीं 67 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे ऐसा नहीं करेंगे, क्योंकि यह असुरक्षित हो सकता है। हालांकि ईंधन की कीमतें लोगों की जेब पर असर डाल रही हैं। इसके बावजूद लोग कोविड-19 के डर से सार्वजनिक वाहनों का उपयोग करने से बच रहे हैं।

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