नई दिल्ली। किसानों और सरकार के बीच चार जनवरी को एक और दौर की वार्ता होने वाली है। इससे पहले किसान संगठनों ने साफ कर दिया कि 50 फीसद सहमति की बात कर केंद्र किसानों को भरमाने की कोशिश ना करे। स्वराज इंडिया के योगेंद्र यादव ने कहा कि सरकार के साथ वार्ता का अगला दौर 4 जनवरी, 2021 को आयोजित किया जाएगा और यदि हमारी मांगें नहीं मानी जाती हैं, तो हम 6 जनवरी को कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) में मार्च करेंगे। 50 प्रतिशत मुद्दों को हल करने के दावे झूठे हैं। हमारी दो मुख्य मांगें हैं - तीन कृषि बिलों को समाप्त कर दिया जाना चाहिए और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर कानूनी गारंटी अभी भी लंबित है।
किसानों के आंदोलन को हल्के में ना ले सरकार
शाहजहांपुर में कल कुछ किसानों ने बैरिकेड तोड़ दिए और आगे बढ़ गए। यहां संयुक्त किसान मोर्चा की सहमति के बाद मोर्चा आयोजित किया गया था, यह एक संयुक्त निर्णय था। स्थानीय और राष्ट्रीय नेतृत्व ने इस बात पर सहमति जताई कि मोर्चा को शाहजहांपुर में रहना चाहिए।भारतीय किसान यूनियन के युद्धवीर सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार किसानों को हल्के में ले रही है। शाहीन बाग के प्रदर्शनकारियों को हटाने में सरकार सक्षम थी, वे हमारे साथ भी ऐसा ही करने की सोच रहे थे, लेकिन ऐसा कोई दिन नहीं आएगा।
बीजेपी- जेजेपी गठबंधन पर निशाना
हरियाणा किसान नेता विकास सीसर ने कहा कि राज्य में सभी टोल प्लाजा फ्री रहेंगे। निजी को छोड़कर सभी पेट्रोल पंप और मॉल बंद रहेंगे। भाजपा और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के नेता राज्य में विरोध प्रदर्शन करेंगे और यह तब तक जारी रहेगा जब तक उनका गठबंधन टूटता नहीं है।
गाजीपुर बार्डर पर एक किसान की मौत
केंद्र सरकार द्वारा लागू तीन कृषि कानून के विरोध में चल रहे आंदोलन के दौरान शुक्रवार को गाजीपुर बॉर्डर पर उत्तर प्रदेश के बागपत जिला स्थित भागवनपुर नांगल गांव के एक किसान की मौत हो गई। किसान के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव भेज दिया गया है। गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन की अगुवाई कर रहे भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत के सहयोगी सौरभ ने यह जानकारी आईएएनएस को दी।
उन्होंने बताया कि बागपत जिला स्थित भगवानपुर नांगल गांव के गलतान सिंह गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल थे और पूर्णतया स्वस्थ थे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में उनकी मौत हो गई। सौरभ ने बताया कि दिवंगत गलतान सिंह करीब 57 साल के थे।
देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर स्थित गाजीपुर बॉर्डर, टिकरी बॉर्डर और सिंघु बॉर्डर पर 26 नवंबर 2020 से ही किसान डेरा डाले हुए हैं। वे तीन नये कृषि कानूनों को रद्द करने के साथ-साथ न्यनूतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी समेत अन्य मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं
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